वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. उत्परिवर्तन का कारण है-
(a) जीन परिवर्तन
(b) जीवन-संघर्ष
(c) उद्विकास
(d) प्राकृतिक चयन
उत्तर: (a) जीन परिवर्तन। आनुवंशिक पदार्थ में होने वाले स्थायी परिवर्तन को उत्परिवर्तन कहते हैं। यह जीन अथवा गुणसूत्र में परिवर्तन के कारण हो सकता है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से उपधातु है-
(a) लोहा
(b) आर्सेनिक
(c) सोना
(d) ग्रेफाइट
उत्तर: (b) आर्सेनिक। आर्सेनिक (As) को उपधातु माना जाता है, क्योंकि इसमें धातुओं और अधातुओं दोनों के कुछ गुण पाए जाते हैं।
प्रश्न 3. शुष्क सेल में उस पदार्थ की छड़, जो एनोड का कार्य करती है-
(a) सिलिकॉन
(b) जर्मेनियम
(c) बोरॉन
(d) कार्बन
उत्तर: यह प्रश्न वैज्ञानिक दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है। सामान्य जिंक-कार्बन शुष्क सेल में जस्ते का पात्र एनोड होता है, जबकि कार्बन/ग्रेफाइट की छड़ कैथोड का कार्य करती है। अतः दिए गए विकल्पों में कोई वैज्ञानिक रूप से सही उत्तर नहीं है। प्रश्न-पत्र में सम्भवतः कार्बन छड़ को कैथोड के स्थान पर त्रुटिवश एनोड लिखा गया है; उस स्थिति में अपेक्षित विकल्प (d) कार्बन होगा।
प्रश्न 4. एलीसा परीक्षण है-
(a) क्षयरोग के लिए
(b) टायफाइड के लिए
(c) एड्स के लिए
(d) हेपेटाइटिस के लिए
उत्तर: (c) एड्स के लिए। इस प्रश्न के सन्दर्भ में ELISA का उपयोग HIV संक्रमण की जाँच में HIV के विरुद्ध बनी एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 5. लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण होता है-
(a) यकृत में
(b) मस्तिष्क में
(c) प्लाज्मा में
(d) अस्थिमज्जा में
उत्तर: (d) अस्थिमज्जा में। वयस्क मानव में लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण मुख्यतः लाल अस्थिमज्जा में होता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. हेमेटाइट एवं सिडेराइट का रासायनिक सूत्र लिखिए।
उत्तर: हेमेटाइट का रासायनिक सूत्र Fe2O3 तथा सिडेराइट का रासायनिक सूत्र FeCO3 है।
प्रश्न 7. धातु गैल्वनीकरण प्रक्रिया क्या है? एक उदाहरण से स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लोहे या इस्पात को जंग से बचाने के लिए उसकी सतह पर जस्ते की परत चढ़ाने की प्रक्रिया गैल्वनीकरण कहलाती है; जैसे—जस्ते की परत चढ़ी लोहे की चादर।
प्रश्न 8. प्राथमिक उपचार को परिभाषित कीजिए। यदि किसी व्यक्ति का हाथ कट जाए तो प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स में से क्या-क्या प्रयोग करेंगे?
उत्तर: चिकित्सकीय सहायता मिलने से पहले दी जाने वाली तत्काल सहायता प्राथमिक उपचार कहलाती है। हाथ कटने पर दस्ताने, स्टेराइल गॉज, पट्टी तथा मेडिकल टेप का प्रयोग कर घाव पर सीधा दबाव देकर रक्तस्राव रोकेंगे।
प्रश्न 9. खनिज तथा अयस्क से क्या अभिप्राय है? लिखिए।
उत्तर: प्रकृति में पाए जाने वाले निश्चित रासायनिक संघटन वाले पदार्थ खनिज कहलाते हैं। जिन खनिजों से धातु का निष्कर्षण सुविधाजनक एवं आर्थिक रूप से लाभदायक हो, वे अयस्क कहलाते हैं।
प्रश्न 10. मेण्डलीफ की संशोधित आधुनिक आवर्त-सारिणी में कितने आवर्त व समूह हैं? आवर्त एवं समूह क्या हैं? लिखिए।
उत्तर: आधुनिक आवर्त सारणी में 7 आवर्त तथा 18 समूह हैं। क्षैतिज पंक्तियाँ आवर्त और ऊर्ध्वाधर स्तम्भ समूह कहलाते हैं।
प्रश्न 11. थैलेसीमिया रोग क्या है? इस रोग के क्या लक्षण हैं?
उत्तर: थैलेसीमिया एक वंशानुगत रक्त विकार है जिसमें शरीर पर्याप्त सामान्य हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। इसके प्रमुख लक्षण एनीमिया, थकान, कमजोरी, पीलापन तथा गंभीर अवस्था में वृद्धि में विलम्ब हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. विद्युत बल्ब का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर: विद्युत बल्ब विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर कार्य करता है। इसके भीतर उच्च प्रतिरोध एवं उच्च गलनांक वाला टंगस्टन तन्तु होता है। विद्युत धारा प्रवाहित होने पर यह अत्यधिक गर्म होकर चमकने लगता है और प्रकाश उत्पन्न करता है।
प्रश्न 13. जैव विकास के मूलभूत कारकों को समझाइए।
उत्तर: जैव-विकास में जनसंख्या के जीन एवं एलील आवृत्तियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवर्तन होता है। इसके प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं—
- उत्परिवर्तन: DNA या जीन में परिवर्तन से नई आनुवंशिक विविधताएँ उत्पन्न होती हैं।
- आनुवंशिक पुनर्संयोजन: लैंगिक जनन के दौरान जीनों के नए संयोजन बनते हैं।
- जीन प्रवाह: जीवों के एक जनसंख्या से दूसरी जनसंख्या में जाने से एलील आवृत्तियाँ बदलती हैं।
- आनुवंशिक विचलन: संयोगवश एलील आवृत्तियों में होने वाला परिवर्तन, विशेषकर छोटी जनसंख्या में।
- प्राकृतिक चयन: अनुकूल वंशानुगत विविधताओं वाले जीवों के जीवित रहने और प्रजनन की सम्भावना अधिक होती है।
प्रश्न 14. प्राथमिक उपचार के लिए कौन-कौन सी बातें आवश्यक हैं? इस दौरान क्या-क्या सावधानियाँ लेनी चाहिए?
उत्तर: प्राथमिक उपचार देते समय सबसे पहले घटनास्थल, घायल व्यक्ति और स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके बाद घायल की चेतना, श्वसन तथा रक्तस्राव की स्थिति का आकलन करके आवश्यक सहायता देनी चाहिए।
- गम्भीर स्थिति में शीघ्र चिकित्सकीय सहायता बुलाएँ।
- रक्तस्राव होने पर साफ गॉज या कपड़े से सीधे दबाव दें।
- डिस्पोजेबल दस्ताने उपलब्ध हों तो उनका प्रयोग करें।
- गंभीर चोट में घायल व्यक्ति को अनावश्यक रूप से न हिलाएँ।
- बेहोश व्यक्ति को जबरन भोजन, पानी या दवा न दें।
- स्थिति बिगड़ने पर श्वसन एवं चेतना की लगातार जाँच करते रहें।
प्रश्न 15. रक्त को कितने भागों में विभाजित किया गया है? उसमें पाए जाने वाले प्रतिजन एवं प्रतिरक्षी के आधार पर विस्तार से समझाइए।
उत्तर: ABO रक्त समूह प्रणाली के अनुसार मानव रक्त को चार प्रमुख वर्गों—A, B, AB तथा O में बाँटा गया है। इनका निर्धारण लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर उपस्थित A और B प्रतिजनों तथा प्लाज्मा में उपस्थित Anti-A और Anti-B प्रतिरक्षियों के आधार पर होता है।
| रक्त समूह | RBC पर प्रतिजन | प्लाज्मा में प्रतिरक्षी |
|---|---|---|
| A | A प्रतिजन | Anti-B |
| B | B प्रतिजन | Anti-A |
| AB | A तथा B दोनों प्रतिजन | Anti-A और Anti-B अनुपस्थित |
| O | A तथा B दोनों प्रतिजन अनुपस्थित | Anti-A तथा Anti-B दोनों |
रक्त आधान से पहले ABO के साथ Rh कारक तथा उचित रक्त-मिलान की जाँच भी आवश्यक होती है।
प्रश्न 16. चुम्बक के गुण एवं उपयोग लिखिए।
उत्तर:
चुम्बक के प्रमुख गुण—
- चुम्बक लोहा, निकिल और कोबाल्ट जैसे चुम्बकीय पदार्थों को आकर्षित करता है।
- प्रत्येक चुम्बक के दो ध्रुव—उत्तर और दक्षिण होते हैं।
- समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित तथा असमान ध्रुव आकर्षित करते हैं।
- चुम्बक का आकर्षण उसके ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है।
- स्वतन्त्र रूप से लटकाया गया चुम्बक उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है।
उपयोग—
- दिक्सूचक में दिशा ज्ञात करने के लिए।
- विद्युत मोटर एवं जनित्र में।
- लाउडस्पीकर तथा हेडफोन में।
- लोहे की वस्तुओं को अलग करने एवं उठाने में।
प्रश्न 17. चुम्बकीय पृथक्करण विधि एवं झाग (फेन) प्लवन विधि में सचित्र अन्तर समझाइए।
उत्तर:
| चुम्बकीय पृथक्करण विधि | झाग (फेन) प्लवन विधि |
|---|---|
| यह अयस्क तथा गैंग के चुम्बकीय गुणों के अन्तर पर आधारित है। | यह अयस्क तथा गैंग की जल एवं तेल से भीगने की प्रवृत्ति के अन्तर पर आधारित है। |
| इसका प्रयोग तब किया जाता है जब अयस्क या गैंग में से कोई एक चुम्बकीय हो। | इसका प्रयोग मुख्यतः सल्फाइड अयस्कों के सान्द्रण में किया जाता है। |
| चूर्णित अयस्क को चलती पट्टी पर डालकर चुम्बकीय रोलर के ऊपर से गुजारा जाता है। | चूर्णित अयस्क को जल में मिलाकर उसमें उपयुक्त संग्राहक एवं फेन स्थायीकारक मिलाए जाते हैं और वायु प्रवाहित की जाती है। |
| चुम्बकीय कण रोलर की ओर आकर्षित होकर अलग हो जाते हैं। | सल्फाइड अयस्क के कण फेन के साथ ऊपर तैरते हैं, जबकि गैंग जल में रह जाता है। |
प्रश्न 18. जैविक घटक में उत्पादक, उपभोक्ता एवं अपघटक को उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: किसी पारिस्थितिक तन्त्र में पाए जाने वाले जीवित जीव उसके जैविक घटक कहलाते हैं। इनके प्रमुख वर्ग हैं—
- उत्पादक: हरे पौधे एवं शैवाल प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं; जैसे—घास, पेड़ तथा शैवाल।
- उपभोक्ता: जो जीव भोजन के लिए उत्पादकों या अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं; जैसे—हिरण, गाय, साँप और शेर।
- अपघटक: जीवाणु एवं कवक मृत पौधों, जन्तुओं और जैविक अवशेषों का अपघटन करके पोषक तत्त्वों को पुनः पर्यावरण में लौटाते हैं।
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