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विज्ञान Previous Year Paper 2020

UP DELED Semester 4 विज्ञान Previous Year Question Paper 2020 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. तृतीयक उपभोक्ता हैं-

(a) हरे पौधे

(b) चूहा

(c) साँप

(d) बाज।

उत्तर: (d) : तृतीयक उपभोक्ता वे सभी जन्तु जो भोजन के लिए द्वितीय श्रेणी के उपभोक्ताओं पर निर्भर होते हैं उन्हें तृतीयक उपभोक्ता कहते हैं। जैसेः बाज, शेर, गिद्ध, भालू इत्यादि।

प्रश्न 2. उपधातु है-

(a) लोहा

(b) आर्सेनिक

(c) सोना

(d) ग्रेफाइट।

उत्तर: (b): उपधातु वे तत्व जिनमें धातु तथा अधातु दोनों के गुण पाए जाते हैं उसे उपधातु कहते हैं। आधुनिक आवर्त सारणी में 7 उपधातु होते हैं। जैसे-सिलिकॉन (Si), आर्सेनिक (As), बोरान (B), जर्मेनियम (Ge), एण्टीमनी (Sb), पोलोनियम और टेल्युरियम (Te)

प्रश्न 3. उपार्जित लक्षणों के वंशागति का सिद्धान्त सम्बन्धित है-

(a) डार्विन

(b) जीन बैपटिस्ट लैमार्क

(c) ह्यूगो डी ब्रीज

(d) इनमें से कोई नहीं।

उत्तर: (b) : उपार्जित लक्षणों के वंशागति का सिद्धांत जीन बैपटिस्ट लैमार्क है। इनके अनुसार वातावरण में हुए परिवर्तनों के कारण जब किन्ही अंगों का अधिक उपयोग किया जाता है तो वह अधिक विकसित होते हैं और जिन अंगों का कम उपयोग किया जाता है वह अंग धीरे धीरे विलुप्त हो जाते हैं।

प्रश्न 4. नोबेल गैस का उदाहरण है-

(a) हाइड्रोजन

(b) ऑक्सीजन

(c) कार्बन डाइऑक्साइड

(d) रेडॉन।

उत्तर: (d) : नोबेल गैसें समान गुणों वाले रासायनिक तत्वों का एक समूह है। जिन्हें उत्कृष्ट गैस भी कहा जाता है। उदाहरण- हीलियम, रेडॉन, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टन, जीनान गैसे, शामिल हैं। इन्हें अक्रिय गैसें कहा जाता है क्योंकि ये स्थिर एवं अक्रियाशील होती हैं。

प्रश्न 5. जनित्र द्वारा ऊर्जा का रूपान्तरण होता है-

(a) विद्युत ऊर्जा का यांत्रिक ऊर्जा में

(b) विद्युत ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में

(c) यांत्रिक ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में

(d) रासायनिक ऊर्जा का ऊष्मीय ऊर्जा में

उत्तर: (c) : विद्युत जनरेटर एक ऐसा उपकरण है जो यांत्रिक ऊर्जा को बिजली में परिवर्तित करता है। इसे डायनेमो के नाम से भी जाना जाता है। डायनमो DC करंट पैदा करता है। जो समय के साथ अपरिवर्तित रहता है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. एड्स किस विषाणु के द्वारा होता है?

उत्तर: एड्स एच० आई० वी (ह्यूमनइम्यूनों डेफिशियेन्सी वायरस) नामक विषाणु से होता है, जिसमें मानव प्राकृतिक प्रतिरक्षण क्षमता खो देता है।

प्रश्न 7. प्राथमिक उपचार किसे कहते हैं?

उत्तर: किसी रोग के होने या चोट लगने पर किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा जो सीमित उपचार किया जाता है उसे प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं। इसका उद्देश्य कम से कम साधनों में इतनी व्यवस्था होनी चाहिए कि चोटग्रस्त व्यक्ति का समय से इलाज हो सके।

प्रश्न 8. अयस्क से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: अयस्क ऐसे खनिज जिनमें धातुओं का आसानी से तथा लाभदायक तरीके से निष्कर्षण किया जा सकता है, अयस्क कहलाते हैं। सभी खनिज अयस्क नहीं होते हैं, लेकिन सभी अयस्क खनिज होते हैं।

प्रश्न 9. रुधिर-कणिकाएँ कितने प्रकार की होती हैं? उनके नाम तथा किसी एक रुधिर कणिका के कार्य लिखिए।

उत्तर: रूधिर कणिकाएँ तीन प्रकार की होती है-

  1. श्वेत रक्त कणिकाएँ - ये शरीर की संक्रामक रोगों और वाह्य पदार्थों से रक्षा करने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाएँ है।
  2. लाल रक्त कोशिकाएँ - लाल रक्त कोशिकाएँ हीमोग्लोबिन के माध्यम से ऑक्सीजन शरीर के विभिन्न अवयवों में पहुँचाती है।
  3. प्लेटलेट्स या विषाणु कणिकाएँ - ये रक्त का थक्का जमाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रक्त प्लाज्मा में लवण, पोषक, तत्व पानी और एंजाइम होते हैं।

प्रश्न 10. समजात अंग किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।

उत्तर: समजात अंग ऐसे अंग जो उत्पत्ति में एवम् कार्य में भिन्न होते हैं उसे समजात अंग कहते हैं। जैसे मेढ़क के अग्रपाद, घोड़े के अग्रपाद, पक्षी के पंख तथा मानव के हाथ आदि उत्पत्ति में समान होते हैं। परन्तु कार्य में परस्पर भिन्नता रखते हैं।

प्रश्न 11. किसी परिपथ में 5 एम्पियर की धारा एक घण्टे के लिए प्रवाहित की जाती है। आवेश की मात्रा की गणना कीजिए।

उत्तर: दिया है,
$I = 5 A$
$t = 1 \text{ hour}$
$I = \frac{Q}{t}$
$Q = ?$
$Q = I \times t = (5 A) \times (1 h)$
$Q = (5 A) \times (3600 s) = 18000 \text{ C}$

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. वात्या भट्टी का सचित्र वर्णन कीजिए।

उत्तर: वात्या भट्टी - वात्या भट्टी छोटी एवं बड़ी दोनों प्रकार की होती है बड़ी वात्या भट्टी आकार में चिमनी की तरह होती है जो 25 से 60 मीटर ऊँचाई तक एवं 12 से 14 मीटर व्यास की होती है। इसकी बाहरी सतह इस्पात की चादारों से बनी होती हैं एवं इसके अन्दर की सतह अग्निसह ईंटो की बनी होती है। इस भट्टी की तीन भाग है-

  1. ऊपरी भाग - इस भाग को हॉपर कहते हैं भट्टी के अन्दर अयस्क, कोक तथा गालक का मिश्रण को इसी भाग में डाला जाता है।
  2. मध्य भाग - इमसें दो पाइप लगे होते है जिसकी सहायता से भट्टी में गर्म गैस प्रवाहित की जाती है जिन्हें ट्वीयर कहते हैं।
  3. निचला भाग - भट्टी की सबसे निचले भाग को तल कहते हैं। जिसमें पिघली हुई धातु द्रव के रूप में एकत्रित होती है इस भाग में दो मार्ग होते हैं एक मार्ग से गलित धातु बाहर निकलती है तथा दूसरे मार्ग से धातुमल बाहर निकलती है।

उपयोग- वात्या भट्टी का मुख्य उपयोग आयन के निष्कर्षण में किया जाता है। छोटी वात्या भट्टी में कॉपर तथा लेड का निष्कर्षण में किया जाता है।

प्रश्न 13. डार्विनवाद को समझाइए।

उत्तर: डार्विन जैव-विकासवाद के जनक माने जाते हैं। इनके सिद्धांत को प्राकृतिक वर्णवाद का सिद्धांत भी कहते हैं। चार्ल्स डार्विन द्वारा जैव विकास के सम्बन्ध में प्रस्तुत विचार 'Origin of species by Natural Seletion' में वर्ष 1859 में प्रकाशित किए गए। इसके मुख्य बिन्दु निम्न है -

  • प्रत्येक जीव जाति में सन्तानोत्पत्ति की प्रचुर क्षमता होती है।
  • प्राकृतिक वरण से विभिन्नताएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी एकत्र होती रहती है तथा कालान्तर के बाद भिन्नता के चलते नई पीढ़ी बन जाती है।
  • जीवन के संघर्ष में वही जीवधारी सफल होते हैं जिनमें वातवरण के अनुकूल विभिन्नताएँ होती है। इन्ही योग्यतम जीवधारियों का प्रकृति द्वारा वरण (योग्यतम की उत्तरजीविता) होता है।
  • सन्तानोत्पति की प्रचुर क्षमता होने के बावजूद प्रकृति में प्रत्येक जाति की जीवधारियों की संख्या सीमित रहती है, क्योंकि प्रत्येक जीवधारी को अस्तित्व बनाए रखने के लिए निम्न प्रकार का संघर्ष करना पड़ता है- (1) अन्तः जातीय संघर्ष, (2) वातावरणीय संघर्ष।

प्रश्न 14. मेण्डलीफ की आवर्त सारणी के लाभ तथा दोष का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: मेण्डलीफ की आवर्त सारणी
लाभ-

  • किसी एक वर्ग के सभी तत्वों के परमाणुओं के सबसे बाहरी कक्षा में इलेक्ट्रानों की संख्या (संयोजक इलेक्ट्रानों की संख्या) समान होती है। इस कारण किसी एक वर्ग के सभी तत्वों के मुख्य गुण समान होते हैं।
  • इस सारणी में 92 तत्वों के भौतिक तथा रासायनिक गुणों को अध्ययन केवल 9 समूहों में कर दिया है।
  • नये तत्त्वों की खोज में सहायता प्राप्त होती है।

दोष-

  • समस्थानिकों और सभारिको को आवर्त सारणी में स्थान देने में कठिनाई।
  • आवर्त सारणी में हाइड्रोजन का कोई एक निश्चित स्थान न होना।

प्रश्न 15. पारिस्थितिकी तन्त्र में खाद्य-जाल को उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर: खाद्य जाल- प्राकृतिक परिस्थितियों में परितंत्र में पायी जाने वाली खाद्य श्रृंखलाएँ एक दूसरे से अलग एकल रूप में प्रचलित नहीं होती है वरन ये परस्पर सम्बद्ध होकर अन्तग्रंथित प्रतिरूप बनाती है जिसे खाद्य जात कहते हैं।
उदाहरण: घास → चूहा → सर्प → बाज।
खाद्य श्रृंखला में पादपों को चूहे खाते हैं, परन्तु इसके अलावा पादपों को खरगोश भी खा सकते हैं। अथवा उसी पादप को टिड्डा भी खा सकता है। चूहों को सर्प के अलावा दूसरे प्राणी तथा साँप को बाज के अलावा मोर भी खा सकता है। इस प्रकार से एक समुदाय में अनेक खाद्य श्रृंखलाएँ जुड़ी हुई होती है और एक खाद्य जाल बन जाता है।

प्रश्न 16. दिए गए चित्र में A और B के बीच तुल्य प्रतिरोध की गणना कीजिए।

उत्तर: उपर्युक्त चित्र के अनुसार, समानांतर क्रम में जुड़े प्रतिरोधों के लिए:
$\frac{1}{R_{p}} = \frac{1}{2}+\frac{1}{3}+\frac{1}{4}=\frac{13}{14}=0.92$
कुल प्रतिरोध श्रेणी क्रम में: $R=0.92+1+5=6.92\Omega$

प्रश्न 17. WBC एवं प्लेटलेट्स पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: शरीर में तीन तरह के ब्लड सेल्स पाये जाते है: (1) लाल रक्त कोशिकाएँ (2) व्हाइट ब्लड सेल्स (WBC) (3) प्लेटलेट्स ।
व्हाइट ब्लड सेल्स (WBC) - WBC शरीर को बीमारियों से लड़ने के क्षमता रखता है। जब मानव शरीर में जब बैक्टीरिया या वायरस प्रवेश कर जाते है तब हमारे खून में मौजूद सफेद रक्त कोशिकाएँ उनके लड़ने की क्षमता रखते है। जिन्हें लिम्फोसाइट्स कहते है। WBC का निर्माण भी अस्थि मज्जा (Bone marrow) में ही होता है। WBC की संख्या में वृद्धि के कारण ल्यूकेमिया नामक एक प्रकार का कैंसर होता है。
प्लेटलेट्स - हमारे शरीर की कोशिकाएँ होती है जो रक्तश्राव को रोकने का काम करती है और साथ ही क्षतिग्रस्त रोग की ठीक करने का भी कात करती है। प्लेटलेट्स की संख्या में कमी होने के कारण मनुष्य में डेंगू व मलेरिया होता है。

प्रश्न 18. अस्थि भंग क्या होता है? अस्थि भंग के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: अस्थि भंग - जब किसी दुर्घटना के कारण किसी व्यक्ति के शरीर की कोई हड्डी टूट जाती है तो मांसपेशियों का आवरण हट जाता है यह स्थिति अस्थि भंग कहलाती है। इसे आम बोल चाल में हड्डी का टूटना कहते हैं。
अस्थि भंग के निम्नलिखित प्रकार है-

  1. ग्रीनास्टिक फ्रैक्चर - यह हड्डी में एक छोटी, हेयरलाइन दरार है जो ज्यादातर बच्चों में होती है।
  2. अनुप्रस्थ फ्रैक्चर - इस प्रकार का फ्रैक्चर दर्दनाक घटनाओं जैसे गिरने या कार दुर्घटनाओं के कारण हो सकता है।
  3. बन्द या खुला फ्रैक्चर - यदि चोट त्वचा को नहीं तोड़ती है, तो इसे बन्द फ्रैक्चर कहा जाता है। यदि त्वचा टूट जाती है, तो इसे ओपन फ्रैक्चर या कंपाउंड फ्रैक्चर कहा जाता है।
  4. विखण्डित अस्थिभंग - कम्यूटेड फ्रैक्चर वह होता है जिसमें हड्डी अधिक टुकड़ों में टूट जाती है।
  5. संपीडन फ्रैक्चर - संपीडन फ्रैक्चर सबसे अधिक बार रीढ़ में होते हैं और कशेरूकाओं के पतन का कारण बन सकते हैं।
  6. एवल्शन फ्रैक्चर - एवल्शन फ्रैक्चर तब होता है जब एक कण्डरा या लिगामेंट हड्डी के एक टुकड़े को फाड़ देता है।

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