वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. तृतीयक उपभोक्ता हैं-
(a) हरे पौधे
(b) चूहा
(c) साँप
(d) बाज
उत्तर: (d) बाज। तृतीयक उपभोक्ता खाद्य-श्रृंखला में द्वितीयक उपभोक्ताओं को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। जैसे—घास → चूहा → साँप → बाज में बाज तृतीयक उपभोक्ता है।
प्रश्न 2. उपधातु है-
(a) लोहा
(b) आर्सेनिक
(c) सोना
(d) ग्रेफाइट
उत्तर: (b) आर्सेनिक। उपधातु वे तत्व हैं जिनमें धातुओं तथा अधातुओं दोनों के कुछ गुण पाए जाते हैं। आर्सेनिक (As), बोरॉन, सिलिकॉन, जर्मेनियम आदि उपधातुओं के उदाहरण हैं।
प्रश्न 3. उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धान्त सम्बन्धित है-
(a) डार्विन
(b) जीन बैप्टिस्ट लैमार्क
(c) ह्यूगो डी व्रीज
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) जीन बैप्टिस्ट लैमार्क। लैमार्क ने उपार्जित लक्षणों की वंशागति तथा अंगों के उपयोग एवं अनुपयोग के आधार पर जैव-विकास की व्याख्या प्रस्तुत की थी।
प्रश्न 4. नोबेल गैस का उदाहरण है-
(a) हाइड्रोजन
(b) ऑक्सीजन
(c) कार्बन डाइऑक्साइड
(d) रेडॉन
उत्तर: (d) रेडॉन। रेडॉन (Rn) आवर्त सारणी के समूह 18 का एक उत्कृष्ट अथवा नोबेल गैस तत्व है। हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टॉन और जीनॉन भी नोबेल गैसें हैं।
प्रश्न 5. जनित्र द्वारा ऊर्जा का रूपान्तरण होता है-
(a) विद्युत ऊर्जा का यांत्रिक ऊर्जा में
(b) विद्युत ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में
(c) यांत्रिक ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में
(d) रासायनिक ऊर्जा का ऊष्मीय ऊर्जा में
उत्तर: (c) यांत्रिक ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में। विद्युत जनित्र (Generator) विद्युतचुम्बकीय प्रेरण के सिद्धान्त पर कार्य करता है और यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. एड्स किस विषाणु के द्वारा होता है?
उत्तर: एड्स HIV (Human Immunodeficiency Virus) के संक्रमण की उन्नत अवस्था है। HIV शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, विशेषकर CD4 कोशिकाओं को प्रभावित करता है।
प्रश्न 7. प्राथमिक उपचार किसे कहते हैं?
उत्तर: दुर्घटना, चोट या अचानक बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता मिलने से पहले दी जाने वाली तत्काल एवं प्रारम्भिक सहायता को प्राथमिक उपचार कहते हैं।
प्रश्न 8. अयस्क से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: ऐसे खनिज जिनसे किसी धातु का निष्कर्षण सुविधाजनक तथा आर्थिक रूप से लाभदायक हो, अयस्क कहलाते हैं।
प्रश्न 9. रुधिर-कणिकाएँ कितने प्रकार की होती हैं? उनके नाम तथा किसी एक रुधिर कणिका के कार्य लिखिए।
उत्तर: रुधिर के निर्मित घटक तीन प्रकार के हैं—लाल रक्त कणिकाएँ, श्वेत रक्त कणिकाएँ और प्लेटलेट्स। लाल रक्त कणिकाएँ हीमोग्लोबिन द्वारा मुख्यतः ऑक्सीजन का परिवहन करती हैं।
प्रश्न 10. समजात अंग किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
उत्तर: जिन अंगों की मूल संरचना एवं उत्पत्ति समान हो परन्तु कार्य भिन्न हों, वे समजात अंग कहलाते हैं; जैसे मानव का हाथ, घोड़े का अग्रपाद, व्हेल का फ्लिपर और चमगादड़ का पंख।
प्रश्न 11. किसी परिपथ में 5 एम्पियर की धारा एक घण्टे के लिए प्रवाहित की जाती है। आवेश की मात्रा की गणना कीजिए।
उत्तर: I = 5 A, t = 1 घंटा = 3600 s। अतः Q = It = 5 × 3600 = 18000 C।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. वात्या भट्टी का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर: वात्या भट्टी (Blast Furnace) एक ऊँची, चिमनीनुमा भट्टी है जिसका उपयोग लौह अयस्क से पिग आयरन प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसकी बाहरी दीवार इस्पात तथा भीतरी भाग अग्निसह ईंटों से बना होता है।
भट्टी के ऊपरी भाग से लौह अयस्क, कोक तथा चूना पत्थर डाले जाते हैं। निचले भाग में स्थित ट्यूयरों से गर्म वायु प्रवाहित की जाती है। कोक से बनने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड लौह ऑक्साइड का अपचयन करके लोहा बनाती है।
Fe2O3 + 3CO → 2Fe + 3CO2
चूना पत्थर गर्म होकर कैल्शियम ऑक्साइड बनाता है—
CaCO3 → CaO + CO2
कैल्शियम ऑक्साइड सिलिका अशुद्धि से अभिक्रिया करके धातुमल बनाता है—
CaO + SiO2 → CaSiO3
पिघला हुआ लोहा भट्टी के सबसे नीचे एकत्र होता है, जबकि कम घनत्व वाला धातुमल उसके ऊपर तैरता है। दोनों को अलग-अलग निकास मार्गों से बाहर निकाल लिया जाता है।
प्रश्न 13. डार्विनवाद को समझाइए।
उत्तर: चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रस्तुत जैव-विकास के सिद्धान्त को डार्विनवाद अथवा प्राकृतिक चयन का सिद्धान्त कहते हैं। डार्विन ने अपने विचार 1859 में प्रकाशित पुस्तक On the Origin of Species में प्रस्तुत किए। इसके प्रमुख आधार हैं—
- सन्तानोत्पत्ति की प्रचुर क्षमता: जीव आवश्यकता से अधिक सन्तान उत्पन्न करते हैं।
- जीवन-संघर्ष: भोजन, स्थान एवं अन्य संसाधन सीमित होने के कारण जीवों में अस्तित्व के लिए संघर्ष होता है।
- विविधताएँ: एक ही जाति के जीवों में विभिन्न प्रकार की भिन्नताएँ पाई जाती हैं।
- योग्यतम की उत्तरजीविता: पर्यावरण के अनुकूल विविधताओं वाले जीवों के जीवित रहने और प्रजनन की सम्भावना अधिक होती है।
- प्राकृतिक चयन: उपयोगी वंशानुगत विविधताएँ पीढ़ियों में संचित होकर दीर्घकाल में जैव-विकास का कारण बनती हैं।
प्रश्न 14. मेण्डलीफ की आवर्त सारणी के लाभ तथा दोष का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: मेण्डलीफ ने तत्वों को मुख्यतः उनके परमाणु द्रव्यमान तथा समान रासायनिक गुणों के आधार पर व्यवस्थित किया।
लाभ—
- समान गुणों वाले तत्वों को एक ही समूह में रखकर उनका व्यवस्थित अध्ययन सम्भव हुआ।
- अज्ञात तत्वों के लिए सारणी में रिक्त स्थान छोड़े गए और उनके गुणों का सफलतापूर्वक पूर्वानुमान किया गया; जैसे एका-एल्युमीनियम बाद में गैलियम के रूप में खोजा गया।
- कुछ तत्वों के गलत परमाणु द्रव्यमानों को सुधारने में सहायता मिली।
- बाद में खोजी गई नोबेल गैसों को बिना मौजूदा व्यवस्था को बिगाड़े अलग समूह में रखा जा सका।
दोष—
- हाइड्रोजन को निश्चित एवं संतोषजनक स्थान नहीं दिया जा सका।
- समस्थानिकों के लिए परमाणु द्रव्यमान आधारित व्यवस्था में उचित स्थान निर्धारित नहीं हो सका।
- कुछ तत्वों में बढ़ते परमाणु द्रव्यमान का क्रम तोड़ना पड़ा; जैसे कोबाल्ट-निकेल तथा टेल्यूरियम-आयोडीन।
- तत्वों के गुणों में आवर्तिता का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं किया जा सका।
प्रश्न 15. पारिस्थितिकी तन्त्र में खाद्य-जाल को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: किसी पारिस्थितिक तन्त्र में विभिन्न खाद्य-श्रृंखलाएँ स्वतंत्र रूप से नहीं चलतीं, बल्कि वे अनेक स्थानों पर एक-दूसरे से जुड़ी रहती हैं। इन परस्पर जुड़ी खाद्य-श्रृंखलाओं के जटिल जाल को खाद्य-जाल कहते हैं।
उदाहरण के लिए घास को टिड्डा, चूहा और खरगोश खा सकते हैं। टिड्डे को मेढक और पक्षी, चूहे को साँप और बाज तथा साँप को बाज या मोर खा सकते हैं। इस प्रकार अनेक खाद्य-श्रृंखलाएँ आपस में जुड़कर खाद्य-जाल बनाती हैं।
प्रश्न 16. दिए गए चित्र में A और B के बीच तुल्य प्रतिरोध की गणना कीजिए।
उत्तर: चित्र में 2Ω, 3Ω तथा 4Ω के प्रतिरोध समान्तर क्रम में जुड़े हैं।
1/Rp = 1/2 + 1/3 + 1/4
1/Rp = (6 + 4 + 3)/12 = 13/12
अतः Rp = 12/13 Ω
यह तुल्य प्रतिरोध 1Ω तथा 5Ω प्रतिरोधों के साथ श्रेणी क्रम में जुड़ा है। अतः—
R = 1 + 12/13 + 5
R = 6 + 12/13 = 90/13 Ω
अतः A और B के बीच तुल्य प्रतिरोध = 90/13 Ω ≈ 6.92 Ω।
प्रश्न 17. WBC एवं प्लेटलेट्स पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC)— श्वेत रक्त कणिकाएँ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण भाग हैं। ये रोगजनक सूक्ष्मजीवों तथा बाहरी पदार्थों से शरीर की रक्षा करती हैं। इनके प्रमुख प्रकारों में न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइट, मोनोसाइट, इओसिनोफिल तथा बेसोफिल शामिल हैं। इनका निर्माण मुख्यतः अस्थिमज्जा में होता है।
प्लेटलेट्स— प्लेटलेट्स अथवा बिम्बाणु अस्थिमज्जा की मेगाकैरियोसाइट कोशिकाओं से बनने वाले छोटे कोशिकीय खण्ड हैं। ये चोट लगने पर रक्त के थक्के के निर्माण एवं रक्तस्राव रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्लेटलेट्स की अत्यधिक कमी से रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है।
प्रश्न 18. अस्थि भंग क्या होता है? अस्थि भंग के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: किसी हड्डी की निरन्तरता का आंशिक या पूर्ण रूप से टूट जाना अस्थि भंग (Fracture) कहलाता है। यह गिरने, दुर्घटना, अत्यधिक दबाव अथवा किसी रोग के कारण हो सकता है।
अस्थि भंग के प्रमुख प्रकार—
- बन्द अस्थि भंग: हड्डी टूटती है परन्तु त्वचा नहीं फटती।
- खुला अस्थि भंग: टूटी हुई हड्डी के कारण त्वचा पर खुला घाव बन जाता है अथवा हड्डी बाहर दिखाई दे सकती है।
- अनुप्रस्थ अस्थि भंग: हड्डी उसकी लम्बाई के लगभग समकोण पर टूटती है।
- तिर्यक अस्थि भंग: हड्डी तिरछी दिशा में टूटती है।
- सर्पिल अस्थि भंग: घुमावदार बल के कारण हड्डी सर्पिल रूप में टूटती है।
- विखण्डित अस्थि भंग: हड्डी तीन या अधिक टुकड़ों में टूट जाती है।
- ग्रीनस्टिक अस्थि भंग: हड्डी पूरी तरह नहीं टूटती, बल्कि एक ओर से मुड़ती और दूसरी ओर से दरार पड़ती है; यह बच्चों में अधिक पाया जाता है।
- संपीडन अस्थि भंग: दबाव के कारण हड्डी दबकर टूटती है; यह विशेष रूप से कशेरुकाओं में देखा जाता है।
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