वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. "प्राकृतिक चयनवाद" प्रतिपादित किया गया-
(a) डार्विन द्वारा
(b) ग्रेगर जॉन मेंडल द्वारा
(c) जगदीश चन्द्र बोस द्वारा
(d) लैमार्क द्वारा
उत्तर: (a) डार्विन द्वारा। चार्ल्स डार्विन ने जैव-विकास की व्याख्या प्राकृतिक चयन के सिद्धान्त द्वारा की। इसके अनुसार अनुकूल विविधताओं वाले जीवों के जीवित रहने और अधिक सन्तान उत्पन्न करने की सम्भावना अधिक होती है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से सान्द्रण विधि नहीं है-
(a) फेन प्लवन विधि
(b) चुम्बकीय पृथक्करण विधि
(c) निस्तापन विधि
(d) गुरुत्वीय पृथक्करण विधि
उत्तर: (c) निस्तापन विधि। फेन प्लवन, चुम्बकीय पृथक्करण तथा गुरुत्वीय पृथक्करण अयस्क के सान्द्रण की विधियाँ हैं। निस्तापन (Calcination) सान्द्रित अयस्क को वायु की अनुपस्थिति या सीमित वायु में गर्म करने की धातुकर्मीय प्रक्रिया है।
प्रश्न 3. काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर छड़ में आवेश आ जाता है-
(a) धन आवेश
(b) ऋण आवेश
(c) दोनों आवेश
(d) कोई आवेश नहीं
उत्तर: (a) धन आवेश। काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर इलेक्ट्रॉन काँच से रेशम में स्थानान्तरित होते हैं, जिससे काँच की छड़ धनावेशित तथा रेशम ऋणावेशित हो जाता है।
प्रश्न 4. आवर्त सारणी में किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर-
(a) आयनिक त्रिज्या घटती जाती है
(b) सुचालकता घटती जाती है
(c) घनत्व घटता जाता है
(d) धात्विकता बढ़ती जाती है
उत्तर: (d) धात्विकता बढ़ती जाती है। सामान्यतः किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ता और आयनन ऊर्जा घटती है, जिससे इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति तथा धात्विक चरित्र बढ़ता है।
प्रश्न 5. रुधिर का थक्का बनाने वाली रुधिर कणिका का नाम है-
(a) लाल रुधिर कणिका
(b) प्लेटलेट्स
(c) श्वेत रुधिर कणिका
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) प्लेटलेट्स। प्लेटलेट्स अथवा बिम्बाणु रक्त के थक्के के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और चोट लगने पर अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने में सहायता करते हैं।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. 'दिष्ट-धारा' किसे कहते हैं? लिखिए।
उत्तर: जिस विद्युत धारा की दिशा समय के साथ नहीं बदलती और जो एक ही दिशा में प्रवाहित होती है, उसे दिष्ट धारा (Direct Current—DC) कहते हैं।
प्रश्न 7. सर्वाहारी जन्तु किसे कहते हैं?
उत्तर: जो जन्तु पादप तथा जन्तु दोनों प्रकार के पदार्थों को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं, सर्वाहारी कहलाते हैं; जैसे—मनुष्य, भालू, सूअर और कौआ।
प्रश्न 8. अयस्क के सान्द्रण के दौरान गुरुत्वीय पृथक्करण विधि द्वारा किस प्रकार की अशुद्धियों को दूर करते हैं?
उत्तर: गुरुत्वीय पृथक्करण में अयस्क और गैंग के घनत्व के अन्तर का उपयोग किया जाता है। इससे अपेक्षाकृत हल्की मिट्टी, बालू तथा अन्य गैंग अशुद्धियाँ भारी अयस्क से अलग की जाती हैं।
प्रश्न 9. 'AIDS' का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: AIDS का पूरा नाम Acquired Immunodeficiency Syndrome अर्थात् उपार्जित प्रतिरक्षा अल्पता संलक्षण है। यह HIV संक्रमण की उन्नत अवस्था है।
प्रश्न 10. चुम्बकीय बल रेखाओं की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: (i) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ बन्द वक्र बनाती हैं; चुम्बक के बाहर उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव तथा भीतर दक्षिण से उत्तर की ओर जाती हैं।
(ii) दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
प्रश्न 11. एक एम्पियर से क्या तात्पर्य है? लिखिए।
उत्तर: जब किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से 1 सेकण्ड में 1 कूलॉम आवेश प्रवाहित हो, तो विद्युत धारा 1 एम्पियर होती है। अर्थात् 1 A = 1 C/s।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. ऊष्मा के सुचालक तथा कुचालक पदार्थों में अन्तर उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| ऊष्मा के सुचालक | ऊष्मा के कुचालक |
|---|---|
| जिन पदार्थों से ऊष्मा आसानी से प्रवाहित होती है, उन्हें ऊष्मा के सुचालक कहते हैं। | जिन पदार्थों से ऊष्मा आसानी से प्रवाहित नहीं होती, उन्हें ऊष्मा के कुचालक कहते हैं। |
| इनकी ऊष्मीय चालकता अपेक्षाकृत अधिक होती है। | इनकी ऊष्मीय चालकता अपेक्षाकृत कम होती है। |
| उदाहरण: ताँबा, एल्युमीनियम, लोहा आदि। | उदाहरण: लकड़ी, प्लास्टिक, रबर, ऊन तथा वायु आदि। |
प्रश्न 13. "पिग आयरन" से क्या अभिप्राय है? इसका उपयोग कहाँ करते हैं?
उत्तर: ब्लास्ट फर्नेस में लौह अयस्क के अपचयन से प्राप्त उच्च कार्बनयुक्त कच्चे लोहे को पिग आयरन कहते हैं। इसमें सामान्यतः लगभग 3.5–4.5% कार्बन के साथ सिलिकॉन, मैंगनीज, सल्फर तथा फॉस्फोरस जैसी अशुद्धियाँ भी होती हैं।
पिग आयरन भंगुर होता है और इसका मुख्य उपयोग सीधे वस्तुएँ बनाने के बजाय ढलवाँ लोहा (Cast Iron) तथा इस्पात (Steel) के निर्माण के कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
प्रश्न 14. एक प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि चुम्बक के सिरों पर आकर्षण बल सबसे अधिक होता है?
उत्तर: एक दण्ड चुम्बक को मेज पर रखकर उसके ऊपर एक कागज रखें। कागज पर समान रूप से लोहे का बुरादा छिड़ककर उसे हल्के से थपथपाएँ।
हम देखते हैं कि चुम्बक के दोनों सिरों अर्थात् उत्तर और दक्षिण ध्रुव के पास लोहे का बुरादा सबसे अधिक एकत्रित होता है, जबकि मध्य भाग में इसकी मात्रा कम होती है। इससे सिद्ध होता है कि चुम्बक का आकर्षण बल उसके ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है।
प्रश्न 15. खाद्य-श्रृंखला को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर: जीवों का वह क्रम जिसमें एक जीव दूसरे जीव को भोजन के रूप में ग्रहण करता है तथा भोजन और ऊर्जा एक पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर तक पहुँचती है, खाद्य-श्रृंखला कहलाती है।
उदाहरण: घास → टिड्डा → मेढक → साँप।
खाद्य-श्रृंखला के दो प्रमुख प्रकार हैं—चारण खाद्य-श्रृंखला (Grazing Food Chain) तथा अपरद खाद्य-श्रृंखला (Detritus Food Chain)।
प्रश्न 16. डार्विन-वाद के पाँच आधारभूत सिद्धान्त बताइए।
उत्तर: डार्विन के प्राकृतिक चयन सिद्धान्त के प्रमुख आधार निम्नलिखित हैं—
- सन्तानोत्पत्ति की प्रचुर क्षमता: जीव अपनी संख्या बनाए रखने के लिए आवश्यकता से अधिक सन्तान उत्पन्न करते हैं।
- जीवन-संघर्ष: भोजन, स्थान एवं अन्य संसाधन सीमित होने के कारण जीवों में अस्तित्व के लिए संघर्ष होता है।
- विविधताएँ: एक ही जाति के जीवों में अनेक प्रकार की भिन्नताएँ पाई जाती हैं।
- योग्यतम की उत्तरजीविता: पर्यावरण के अनुकूल गुणों वाले जीवों के जीवित रहने और प्रजनन की सम्भावना अधिक होती है।
- प्राकृतिक चयन: प्रकृति उपयोगी एवं वंशानुगत विविधताओं वाले जीवों का चयन करती है और पीढ़ियों में इनके संचय से जैव-विकास होता है।
प्रश्न 17. सोडियम एवं मैग्नीशियम की जल से अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए। इस अभिक्रिया में कौन-सी गैस निकलती है?
उत्तर:
(i) सोडियम की जल से अभिक्रिया—
2Na + 2H2O → 2NaOH + H2↑ + ऊष्मा
सोडियम ठण्डे जल से तीव्र अभिक्रिया करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाता है।
(ii) मैग्नीशियम की गर्म जल से अभिक्रिया—
Mg + 2H2O → Mg(OH)2 + H2↑
मैग्नीशियम ठण्डे जल से बहुत धीमी अभिक्रिया करता है, परन्तु गर्म जल से मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाता है। जलवाष्प के साथ यह MgO तथा H2 बनाता है।
अतः दोनों अभिक्रियाओं में हाइड्रोजन (H2) गैस निकलती है।
प्रश्न 18. विद्युत बल्ब का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर: विद्युत बल्ब विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर कार्य करता है। इसके अन्दर उच्च प्रतिरोध वाला टंगस्टन तन्तु होता है। विद्युत धारा प्रवाहित होने पर यह अत्यधिक गर्म होकर चमकने लगता है और प्रकाश उत्पन्न करता है।
Semester 4 की Complete तैयारी
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