वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. टी.ए.टी. व्यक्तित्व परीक्षण का निर्माण किसने किया-
(a) हरमन रोर्शाक
(b) मॉर्गन एवं मरे
(c) थर्स्टन
(d) सी. कोर्ड एवं बैकमैन
उत्तर: (b) मॉर्गन एवं मरे।
व्याख्या : टी.ए.टी. (Thematic Apperception Test) का विकास हेनरी मरे और क्रिस्टियाना मॉर्गन ने किया। यह व्यक्तित्व-मापन की एक प्रक्षेपी तकनीक है।
प्रश्न 2. केन्द्रीय प्रवृत्ति का मापक नहीं है-
(a) मध्यमान
(b) मध्यांक
(c) बहुलक
(d) प्रसार
उत्तर: (d) प्रसार।
व्याख्या : माध्य, माध्यिका और बहुलक केन्द्रीय प्रवृत्ति के प्रमुख मापक हैं, जबकि प्रसार आँकड़ों के फैलाव या परिवर्तनशीलता को व्यक्त करता है।
प्रश्न 3. संवेग का प्रकार नहीं है-
(a) ध्यान
(b) प्रेम
(c) क्रोध
(d) भय
उत्तर: (a) ध्यान।
व्याख्या : प्रेम, क्रोध और भय संवेग हैं, जबकि ध्यान या अवधान चेतना को किसी विशेष वस्तु, विचार या क्रिया पर केन्द्रित करने की मानसिक प्रक्रिया है।
प्रश्न 4. कोहलर ने अपने सीखने के सिद्धान्त का प्रतिपादन किसके ऊपर प्रयोग करते हुए किया था-
(a) वनमानुष
(b) कुत्ता
(c) मनुष्य
(d) बिल्ली
उत्तर: (a) वनमानुष।
व्याख्या : वोल्फगैंग कोहलर ने चिम्पैंजियों, विशेष रूप से सुल्तान नामक चिम्पैंजी, पर प्रयोग करके अन्तर्दृष्टि या सूझ द्वारा अधिगम को स्पष्ट किया।
प्रश्न 5. स्मृति का अंग नहीं है-
(a) सीखना
(b) धारण
(c) चिन्तन
(d) पहचान
उत्तर: (c) चिन्तन।
व्याख्या : अधिगम, धारण, पुनःस्मरण तथा पहचान स्मृति की प्रमुख प्रक्रियाएँ हैं। चिन्तन एक अलग संज्ञानात्मक मानसिक प्रक्रिया है।
प्रश्न 6. "कल्पना की सामग्री स्मृतियाँ हैं।" कथन है-
(a) बोरिंग व अन्य
(b) गेट्स व अन्य
(c) रेबर्न
(d) मैक्डूगल
उत्तर: (a) बोरिंग व अन्य।
व्याख्या : कल्पना में व्यक्ति अपने पूर्व अनुभवों और स्मृति में सुरक्षित मानसिक प्रतिमाओं को नए रूप में संगठित करता है।
प्रश्न 7. किसी परिस्थिति में प्राप्त ज्ञान एवं प्रशिक्षण का दूसरी परिस्थिति में उपयोग करना कहलाता है-
(a) सीखने का वक्र
(b) सीखने की प्रेरणा
(c) सीखने की रुचि
(d) सीखने का स्थानान्तरण
उत्तर: (d) सीखने का स्थानान्तरण।
व्याख्या : एक परिस्थिति में सीखे गए ज्ञान, कौशल या प्रशिक्षण का दूसरी परिस्थिति के अधिगम पर प्रभाव या उपयोग होना अधिगम स्थानान्तरण कहलाता है।
प्रश्न 8. बहुलक के लिए संकेताक्षर का प्रयोग होता है-
(a) Y
(b) M
(c) Z
(d) S
उत्तर: (c) Z।
व्याख्या : बहुलक (Mode) को सांख्यिकी में Z अथवा Mo द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। दिए गए विकल्पों में Z सही है।
प्रश्न 9. धारण का सम्बन्ध निम्न में से किससे है-
(a) रुचि
(b) ध्यान
(c) विकास
(d) स्मृति
उत्तर: (d) स्मृति।
व्याख्या : सीखी हुई सामग्री को मानसिक रूप से सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को धारण या अवधारण कहते हैं। यह स्मृति की प्रमुख प्रक्रिया है।
प्रश्न 10. निम्न में से गेस्टाल्ट सिद्धान्त है-
(a) प्रयास एवं त्रुटि सिद्धान्त
(b) अन्तर्दृष्टि सिद्धान्त
(c) सम्बद्ध प्रतिक्रिया सिद्धान्त
(d) क्रिया-प्रसूत अधिगम सिद्धान्त
उत्तर: (b) अन्तर्दृष्टि सिद्धान्त।
व्याख्या : गेस्टाल्टवादी अधिगम-सिद्धान्त में व्यक्ति सम्पूर्ण परिस्थिति का प्रत्यक्षीकरण करके समस्या का समाधान प्राप्त करता है। इसे अन्तर्दृष्टि या सूझ का सिद्धान्त भी कहा जाता है।
प्रश्न 11. "प्रेरणा का तात्पर्य है-सजीव प्रयास।" यह कथन है-
(a) गुड का
(b) लावेल का
(c) एवरिल का
(d) वुडवर्थ का
उत्तर: (c) एवरिल का।
व्याख्या : “प्रेरणा का तात्पर्य है-सजीव प्रयास।” यह कथन एवरिल से सम्बन्धित है।
प्रश्न 12. प्रयास तथा त्रुटि सिद्धान्त के प्रतिपादक हैं-
(a) थार्नडाइक
(b) सी. एच. जड
(c) स्किनर
(d) गेट्स व अन्य
उत्तर: (a) थार्नडाइक।
व्याख्या : ई. एल. थार्नडाइक ने प्रयत्न एवं भूल सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। उन्होंने बिल्ली और पहेली-पेटी के प्रयोग द्वारा इसे स्पष्ट किया।
प्रश्न 13. रोर्शाक स्याही-धब्बा परीक्षण (Rorschach Inkblot Test) में कुल कार्डों की संख्या है-
(a) 15
(b) 20
(c) 10
(d) 30
उत्तर: (c) 10।
व्याख्या : हरमन रोर्शाक द्वारा विकसित इस प्रक्षेपी व्यक्तित्व परीक्षण में 10 स्याही-धब्बा कार्ड प्रयुक्त होते हैं।
प्रश्न 14. व्यक्तित्व परीक्षण की आत्मनिष्ठ विधि है-
(a) समाजमिति विधि
(b) प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण
(c) कहानी-पूर्ति विधि
(d) जीवन-इतिहास विधि
उत्तर: (d) जीवन-इतिहास विधि।
व्याख्या : जीवन-इतिहास विधि व्यक्तित्व-अध्ययन की आत्मनिष्ठ विधियों में सम्मिलित की जाती है। टी.ए.टी. और कहानी-पूर्ति प्रक्षेपी विधियाँ हैं।
प्रश्न 15. जो प्रेरक सीखे जाते हैं, उन्हें कहते हैं-
(a) जन्मजात प्रेरक
(b) अर्जित प्रेरक
(c) मनोवैज्ञानिक प्रेरक
(d) सामाजिक प्रेरक
उत्तर: (b) अर्जित प्रेरक।
व्याख्या : अनुभव, शिक्षा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण से सीखे या विकसित किए जाने वाले प्रेरकों को अर्जित प्रेरक कहते हैं।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. सी.ए.टी. परीक्षण किस आयु के बच्चों के व्यक्तित्व का मूल्यांकन करने हेतु प्रयुक्त होता है?
उत्तर: सी.ए.टी. (Children’s Apperception Test) सामान्यतः 3 से 10 वर्ष के बच्चों के व्यक्तित्व के अध्ययन के लिए प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 17. शारीरिक विकास को प्रभावित करने वाले चार कारक लिखिए।
उत्तर: शारीरिक विकास को प्रभावित करने वाले चार प्रमुख कारक हैं—वंशानुक्रम, वातावरण, पोषण तथा निद्रा एवं विश्राम।
प्रश्न 18. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त की चार अवस्थाओं के नाम लिखिए।
उत्तर: चार अवस्थाएँ हैं—संवेदी-गामक (0-2 वर्ष), पूर्व-संक्रियात्मक (2-7 वर्ष), मूर्त-संक्रियात्मक (7-11 वर्ष) तथा औपचारिक-संक्रियात्मक (11 वर्ष के बाद)।
प्रश्न 19. "संवेग व्यक्ति की उत्तेजित अवस्था है।" यह परिभाषा किस मनोवैज्ञानिक ने दी है?
उत्तर: संवेग की उत्तेजित मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक अवस्था से सम्बन्धित यह परिभाषा किम्बाल यंग ने दी है।
प्रश्न 20. बुद्धिलब्धि निकालने का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
प्रश्न 21. बिने-साइमन बुद्धि परीक्षण कब बनाया गया?
उत्तर: अल्फ्रेड बिने और थियोडोर साइमन ने प्रथम बिने-साइमन बुद्धि परीक्षण 1905 ई. में प्रस्तुत किया।
प्रश्न 22. व्यक्तित्व मापन की कोई दो प्रक्षेपी विधियों का नाम लिखिए।
उत्तर: दो प्रमुख प्रक्षेपी विधियाँ हैं—रोर्शाक स्याही-धब्बा परीक्षण तथा टी.ए.टी. (प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण)।
प्रश्न 23. थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित सीखने के तीन मुख्य नियम लिखिए।
उत्तर: थार्नडाइक के तीन मुख्य नियम हैं—तत्परता का नियम, अभ्यास का नियम तथा प्रभाव का नियम।
प्रश्न 24. अभिप्रेरणा की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: व्यक्ति के व्यवहार को सक्रिय करके उसे किसी निश्चित लक्ष्य की ओर निर्देशित करने वाली आन्तरिक शक्ति को अभिप्रेरणा कहते हैं।
प्रश्न 25. स्मृति के चार पद (अंग) कौन से हैं?
उत्तर: स्मृति के चार प्रमुख पद हैं—अधिगम, धारण, पुनःस्मरण तथा पहचान।
प्रश्न 26. मध्यमान (Mean) ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
प्रश्न 27. मनोवैज्ञानिक डॉ. जोन्स ने विकास को कितनी अवस्थाओं में विभाजित किया है? नाम लिखिए।
उत्तर: डॉ. अर्नेस्ट जोन्स ने विकास की चार अवस्थाएँ—शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था तथा प्रौढ़ावस्था बताई हैं।
प्रश्न 28. पावलॉव ने सम्बद्ध प्रतिक्रिया सिद्धान्त हेतु किस जानवर पर प्रयोग किया था?
उत्तर: इवान पावलॉव ने अपने शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धान्त को स्पष्ट करने के लिए कुत्ते पर प्रयोग किया।
प्रश्न 29. सूझ या अन्तर्दृष्टि सिद्धान्त के प्रतिपादक का नाम बताइए।
उत्तर: सूझ या अन्तर्दृष्टि सिद्धान्त के प्रमुख प्रतिपादक वोल्फगैंग कोहलर हैं।
प्रश्न 30. ऑलपोर्ट के अनुसार व्यक्तित्व की परिभाषा बताइए।
उत्तर: ऑलपोर्ट के अनुसार व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर स्थित मनो-शारीरिक तंत्रों का गत्यात्मक संगठन है, जो वातावरण के प्रति उसके विशिष्ट समायोजन को निर्धारित करता है।
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. विस्मृति का अनाभ्यास का सिद्धान्त क्या है?
उत्तर: अनाभ्यास के सिद्धान्त के अनुसार यदि सीखी हुई सामग्री का लंबे समय तक अभ्यास, पुनरावृत्ति या उपयोग न किया जाए, तो उसके स्मृति-चिह्न धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगते हैं और व्यक्ति उस सामग्री को भूल सकता है।
इस सिद्धान्त को एबिंगहास के विस्मरण सम्बन्धी अध्ययनों से जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि विद्यार्थी किसी कविता को याद करने के बाद कई महीनों तक उसकी पुनरावृत्ति न करे, तो उसके अनेक अंश भूल सकता है।
प्रश्न 32. सीखने के पठार के कारण क्या हैं? इन्हें दूर करने के उपाय बताइए।
उत्तर: अधिगम की वह अवस्था जिसमें कुछ समय के लिए सीखने की प्रगति रुक जाती है और अधिगम-वक्र लगभग समतल हो जाता है, सीखने का पठार कहलाता है।
सीखने के पठार के प्रमुख कारण-
- शारीरिक एवं मानसिक थकान।
- रुचि तथा अभिप्रेरणा की कमी।
- सीखने की अनुचित विधि।
- एक ही प्रकार का अत्यधिक अभ्यास।
- पुरानी आदतों का नई आदतों से संघर्ष।
- कार्य का अत्यधिक कठिन या जटिल होना।
- उचित प्रतिपुष्टि और मार्गदर्शन का अभाव।
पठार दूर करने के उपाय-
- उचित विश्राम देना।
- विद्यार्थी को अभिप्रेरित करना।
- अभ्यास एवं शिक्षण-विधि में परिवर्तन करना।
- कठिन कार्य को छोटे भागों में बाँटना।
- गलत आदतों को सुधारना।
- उचित पुनर्बलन एवं प्रतिपुष्टि देना।
प्रश्न 33. बाल विकास की किशोरावस्था की आयु-वर्ग एवं विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: किशोरावस्था बाल्यावस्था और प्रौढ़ावस्था के मध्य की संक्रमणकालीन अवस्था है। सामान्यतः इसे लगभग 12 से 18 वर्ष तक माना जाता है। इस अवस्था में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संवेगात्मक परिवर्तन तीव्र गति से होते हैं।
किशोरावस्था की प्रमुख विशेषताएँ-
- तीव्र शारीरिक वृद्धि एवं यौन परिपक्वता।
- स्वतन्त्रता की तीव्र इच्छा।
- आत्मसम्मान एवं अपनी पहचान विकसित करने की प्रवृत्ति।
- मित्र-समूह का बढ़ता प्रभाव।
- विपरीत लिंग के प्रति रुचि।
- अमूर्त चिन्तन एवं तर्क-क्षमता का विकास।
- संवेगों में तीव्रता तथा समायोजन की आवश्यकता।
- आदर्शवाद एवं प्रेरणादायक व्यक्तियों के प्रति आकर्षण।
प्रश्न 34. बुद्धि परीक्षण किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: व्यक्ति की बौद्धिक क्षमताओं का मानकीकृत एवं व्यवस्थित मापन करने के लिए प्रयुक्त मनोवैज्ञानिक परीक्षणों को बुद्धि परीक्षण कहते हैं।
बुद्धि-परीक्षणों का वर्गीकरण विभिन्न आधारों पर किया जाता है-
- प्रशासन के आधार पर-
- वैयक्तिक बुद्धि परीक्षण
- सामूहिक बुद्धि परीक्षण
- परीक्षण-सामग्री के आधार पर-
- शाब्दिक परीक्षण
- अशाब्दिक परीक्षण
- क्रियात्मक या निष्पादन परीक्षण
उदाहरण के लिए स्टैनफोर्ड-बिने एक वैयक्तिक बुद्धि परीक्षण है, जबकि भाटिया बैटरी मुख्यतः निष्पादन आधारित बुद्धि-परीक्षण है।
प्रश्न 35. अधिगम की प्रभावशाली विधियों में से किसी दो का वर्णन कीजिए।
उत्तर: अधिगम को अधिक सक्रिय, सरल और स्थायी बनाने के लिए विभिन्न विधियों का प्रयोग किया जाता है। इनमें से दो प्रमुख विधियाँ निम्न हैं-
- 1. अनुकरण द्वारा सीखना- जब बालक किसी अन्य व्यक्ति के व्यवहार, कार्य या कौशल को देखकर उसी प्रकार करने का प्रयास करता है, तो इसे अनुकरण द्वारा सीखना कहते हैं। शिशु बोलना, व्यवहार करना तथा अनेक सामाजिक क्रियाएँ अनुकरण से सीखता है।
- 2. करके सीखना- विद्यार्थी जब किसी कार्य में स्वयं सक्रिय रूप से भाग लेकर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करता है, तो उसे करके सीखना कहते हैं। प्रयोग, परियोजना, मॉडल-निर्माण और व्यावहारिक गतिविधियाँ इसके उदाहरण हैं।
दोनों विधियों में बालक सक्रिय रहता है, इसलिए अधिगम अधिक प्रभावी एवं स्थायी हो सकता है।
प्रश्न 36. अच्छी स्मृति की विशेषताएँ कौन-कौन सी होती हैं?
उत्तर: अच्छी स्मृति वह है जिसमें व्यक्ति सामग्री को शीघ्र सीख सके, लंबे समय तक सुरक्षित रख सके तथा आवश्यकता पड़ने पर सही रूप में याद और पहचान सके।
अच्छी स्मृति की प्रमुख विशेषताएँ-
- शीघ्र अधिगम : सामग्री को कम प्रयास में सीख लेना।
- दीर्घकालीन धारण : सीखी हुई सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखना।
- शीघ्र पुनःस्मरण : आवश्यकता के समय सामग्री को जल्दी याद कर लेना।
- सही पहचान : पूर्व अनुभव की गई वस्तु या सामग्री को ठीक प्रकार पहचान लेना।
- उपयोगी स्मरण : आवश्यक बातों को याद रखना और अनुपयोगी सामग्री को छोड़ देना।
प्रश्न 37. सीखने-सिखाने में स्थानान्तरण के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: एक परिस्थिति में अर्जित ज्ञान, कौशल या अनुभव का दूसरी परिस्थिति में होने वाले अधिगम पर प्रभाव पड़ना अधिगम स्थानान्तरण कहलाता है।
शिक्षा में इसका महत्त्व-
- पूर्व ज्ञान को नई विषय-वस्तु से जोड़ने में सहायता करता है।
- नई बातें जल्दी समझने और सीखने में सहायता मिलती है।
- सीखे हुए सिद्धान्तों का दैनिक जीवन में प्रयोग किया जा सकता है।
- समस्या-समाधान क्षमता विकसित होती है।
- विभिन्न विषयों के बीच सम्बन्ध स्थापित किया जा सकता है।
- पूर्व कौशल नई परिस्थिति में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
उदाहरण के लिए, साइकिल चलाना सीखने का अनुभव मोटरसाइकिल चलाना सीखने में सहायता कर सकता है।
प्रश्न 38. उभयमुखी व्यक्तित्व से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: जिस व्यक्ति में अन्तर्मुखी और बहिर्मुखी दोनों प्रकार की विशेषताएँ परिस्थिति के अनुसार दिखाई देती हैं, उसे उभयमुखी व्यक्तित्व वाला व्यक्ति कहते हैं।
ऐसा व्यक्ति कभी सामाजिक गतिविधियों एवं समूह में सहज रहता है, तो कभी अकेले रहकर चिन्तन या व्यक्तिगत कार्य करना पसन्द करता है। वह परिस्थितियों के अनुसार अपने व्यवहार में अपेक्षाकृत लचीलापन दिखा सकता है।
प्रश्न 39. समान्तर माध्य को उदाहरण सहित परिभाषित करें।
उत्तर: किसी श्रेणी के सभी पदों या प्राप्तांकों के योग को उनकी कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान को समान्तर माध्य या अंकगणितीय माध्य कहते हैं।
उदाहरण- 2, 5, 3, 7, 8, 1, 6, 9, 10, 4
अतः दिए गए आँकड़ों का समान्तर माध्य = 5.5 है।
प्रश्न 40. अवधान केन्द्रित करने के कोई चार उपाय बताइए।
उत्तर: कक्षा में विद्यार्थियों का अवधान केन्द्रित रखने के लिए शिक्षक निम्न उपाय अपना सकता है-
- 1. शान्त एवं अनुकूल वातावरण : अनावश्यक शोर और व्यवधान से मुक्त कक्षा ध्यान केन्द्रित करने में सहायता करती है।
- 2. विद्यार्थियों की रुचि का ध्यान : विषय-वस्तु को बालकों की रुचि, आवश्यकता और पूर्वज्ञान से जोड़ना चाहिए।
- 3. शिक्षण में विविधता : लगातार एक ही प्रकार की गतिविधि के स्थान पर प्रश्नोत्तर, उदाहरण, चर्चा और गतिविधियों में परिवर्तन करना चाहिए।
- 4. शिक्षण-सहायक सामग्री का प्रयोग : चित्र, चार्ट, मॉडल तथा श्रव्य-दृश्य सामग्री विद्यार्थियों का ध्यान विषय की ओर आकर्षित करने में सहायक होती है।
Semester 1 की Complete तैयारी
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