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PYQ 2018 • संस्कृत

संस्कृत Previous Year Paper 2018

UP DELED Semester 3 संस्कृत Previous Year Question Paper 2018 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. संस्कृत में भविष्यत् काल के प्रयोग के लिए किस लकार का प्रयोग किया जाता है-

(a) लट् लकार

(b) लोट् लकार

(c) लृट् लकार

(d) लङ् लकार

उत्तर: (c) : संस्कृत में भविष्यत् काल के प्रयोग के लिए 'लृट् लकार' का प्रयोग किया जाता है। वर्तमान काल को व्यक्त करने के लट् लकार का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 2. संस्कृत व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध रूप है-

(a) उपरोक्त

(b) उपर्युक्त

(c) उपयुक्त

(d) उपरियुक्त

उत्तर: (b) : संस्कृत व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध रूप 'उपर्युक्त' है।

प्रश्न 3. संख्यावाची शब्द 'षष्णवतिः' अंक का वाचक है-

(a) 69

(b) 96

(c) 79

(d) 66

उत्तर: (b):

  • अंक: 69 -> शब्द: नवषष्टि/एकोन सप्ततिः
  • अंक: 96 -> शब्द: षण्णवतिः
  • अंक: 79 -> शब्द: नवसप्ततिः/ एकोनाशीतिः
  • अंक: 66 -> शब्द: षट्षष्टिः

प्रश्न 4. कर्ता इष्टतम कारक है-

(a) सम्बन्ध

(b) कर्म

(c) सम्प्रदान

(d) करण

उत्तर: (b) : कर्ता की इष्टामम् क्रिया को प्राप्त करने के लिए इष्टतम कारक कर्मसंज्ञक होता है। (नोट: प्रश्न के विकल्पों में 'कर्म' (b) होना चाहिए था, हालांकि पीडीएफ में 'करण' या अन्य शब्द स्पष्ट नहीं है, लेकिन व्याख्या के अनुसार 'कर्म' सही है।)

प्रश्न 5. 'अकः सवर्णे दीर्घ' सूत्र है-

(a) अयादि सन्धि

(b) गुण सन्धि

(c) दीर्घ सन्धि

(d) यण् सन्धि

उत्तर: (c) दीर्घ संधि- अकः सवर्णे दीर्घः अर्थात् समान वर्णों के योग से शब्दों में जो परिवर्तन होता है, उसे दीर्घ संधि कहते हैं।
उदाहरण: रवीन्द्रः, विद्यालयः

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. "प्रारब्धमुत्तमजनाः न परित्यजन्ति।" श्लोकांश का अर्थ लिखिए।

उत्तर: "प्रारब्धमुत्तमजनाः न परित्यजन्ति।"
अर्थ - अच्छे लोग किसी कार्य को प्रारम्भ करने के पश्चात् उस कार्य में अनेक बाधाएँ आने पर भी उसे नहीं छोड़ते हैं।

प्रश्न 7. युष्मद् शब्द के प्रथमा विभक्ति के तीनों वचन का रूप लिखिए।

उत्तर: युष्मद् (तुम)

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा त्वम् युवाम् यूयम्
द्वितीया त्वाम् युवाम् युष्मान्
तृतीया त्वया युवाभ्याम् युष्माभिः
चतुर्थी तुभ्यम् युवाभ्याम् युष्मभ्यम्
पञ्चमी त्वत् युवाभ्याम् युष्मत्
षष्ठी तव युवयोः युष्माकम्
सप्तमी त्वयि युवयोः युष्मासु

प्रश्न 8. 'बलि याचते' वसुधाम् में बलि का कर्म संज्ञा विधायक सूत्र लिखिए।

उत्तर: 'बलि याचते वसुधाम्' में बलि का कर्म संज्ञा विधायक सूत्र 'अकथितं च' है। इस सूत्र में बलि की कर्म संज्ञा हुई है। 'अकथितं च' में सोलह द्विकर्मक धातुएँ हैं, जिनमें द्वितीया विभक्ति का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 9. 'श्याम बुद्धिमान लड़का है।' वाक्य का संस्कृत में अनुवाद कीजिए।

उत्तर: 'श्याम बुद्धिमान लड़का है।' वाक्य का संस्कृत में अनुवाद - श्यामः बुद्धिमानः बालकः अस्ति।

प्रश्न 10. 'पितरौ' शब्द का समास विग्रह एवं समास का नाम लिखिए।

उत्तर: द्वन्द्व समास- जिस समास में उभयपद (दोनों पद) या सभी पदों की प्रधानता होती है, उसे द्वन्द्व समास कहते हैं。
उदाहरण- पितरौ = माता च पिता च
मयूरौ = मयूरी च मयूरः च

प्रश्न 11. 'अक्' प्रत्याहार के अन्तर्गत कौन-कौन से वर्ण आते हैं।

उत्तर: 'अक्' एक प्रत्याहार है, जिसमें पाँच वर्ण आते हैं - अ, इ, उ, ऋ, लृ। इसी प्रत्याहार से इनके दीर्घ वर्णों (आ, ई, ऊ, ॠ) का भी बोध होगा।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. संस्कृत शिक्षण की विधियाँ लिखिए।

उत्तर: संस्कृत शिक्षण की विधियाँ - संस्कृत भाषा सीखने के लिए कुछ प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित है-

  1. व्याकरण अनुवाद विधि (Grammer Translation Method)- यह विधि संस्कृत शिक्षण की सबसे पुरानी और पारम्परिक विधि है। इस विधि में व्याकरण के नियमों को रटने और उनका अनुवाद करके भाषा सीखने पर ध्यान दिया जाता है।
  2. प्रत्यक्ष विधि (Direct method)- इस विधि में भाषा सीखने वाले को सीधे संस्कृत में बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  3. संयुक्त विधि (Eclectic Method)- यह व्याकरण अनुवाद विधि और प्रत्यक्ष विधि का मिश्रण है। इस विधि में व्याकरण के नियमों और शब्दों के अर्थों के साथ-साथ भाषा बोलने और सुनने का अभ्यास भी किया जाता है।
  4. श्रवण-भाषण विधि (Audio-Lingual Method)- इस विधि में भाषा सीखने के लिए श्रवण और भाषण पर केन्द्रित होती है। इस विधि द्वारा छात्रों को भाषा सुनने और बोलने का अभ्यास करवाया जाता है।
  5. प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षण (Technology-Based Learning)- वर्तमान समय में संस्कृत शिक्षण के लिए विभिन्न प्रकार की तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इनमें ऑनलाइन पाठ्यक्रम, भाषा सीखने वाले एप्स, और इंटरैक्टिव वेबसाइटें शामिल हैं।
  6. खेल-खेल में शिक्षण- इस विधि में छात्रों को खेलों के माध्यम से भाषा सीखने का अवसर प्रदान करता है।
  7. समूह कार्य- इस विधि में छात्रों को समूहों में काम करके भाषा सीखने का अवसर प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 13. सस्वर पठन के उद्देश्य बताइए

उत्तर: सस्वर पठन के उद्देश्य - सस्वर पठन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है-

  1. पढ़ने की गति और प्रवाह में सुधार - सस्वर पठन छात्रों को धीरे-धीरे और शब्दों को तोड़कर पढ़ने के बजाय, तेजी से और धाराप्रवाह पढ़ने में मदद करता है।
  2. उच्चारण और लय में सुधार - सस्वर पठन छात्रों को शब्दों का उचित उच्चारण करने और पाठ को लयबद्ध तरीके से पढ़ने में मदद करता है।
  3. समझ और व्याख्या में सुधार - सस्वर पठन छात्रों को पाठ के अर्थ को बेहतर ढंग से समझने और उसकी व्याख्या करने में मदद करता है।
  4. शब्दावली और व्याकरण में सुधार - सस्वर पठन छात्रों को नए शब्दों और व्याकरणिक संरचनाओं को सीखने और उनका उपयोग करने में मदद करता है।
  5. एकाग्रता और ध्यान में सुधार - सस्वर पठन छात्रों को एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
  6. आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति में सुधार - सस्वर पठन छात्रों को अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने और अपने विचारों और भावनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने में मदद करता है।
  7. मनोरंजन और आनन्द - सस्वर पठन छात्रों के लिए एक मनोरंजक और आनन्ददायक गतिविधि हो सकती है।
  8. सार्वजनिक बोलने में सुधार - सस्वर पठन छात्रों को सार्वजनिक बोलने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद करता है।

प्रश्न 14. निम्नलिखित शब्दों के नाम संस्कृत में लिखिए।
परवल, बैल, हाथी, कबूतर, मिर्च, केला, हंस, लाल

उत्तर: संस्कृत में अनुवाद

शब्द संस्कृत में अनुवाद
परवल पटोलः
बैल वृषभः
हाथी गजः
कबूतर कपोतः
मिर्च मरीचिका
केला कदलीफलम्
हंस मरालः
लाल रक्तः

प्रश्न 15. ग्यारह से बीस तक के संख्यावाचक शब्दों को संस्कृत में लिखिए।

उत्तर: ग्यारह से बीस तक के संख्यावाचक शब्द

  • 11. एकादश
  • 12. द्वादश
  • 13. त्रयोदश
  • 14. चतुर्दश
  • 15. पञ्चदश
  • 16. षोडश
  • 17. सप्तदश
  • 18. अष्टादश
  • 19. नवदश/एकोनविंशति
  • 20. विंशति

प्रश्न 16. निम्नलिखित श्लोक का हिन्दी में अर्थ लिखिए-
तेजोऽसि तेजो मयि धेहि,
वीर्यमसि वीर्य मयि धेहि,
बलमसि बलं मयि धेहि,
ओजोऽसि ओजोऽसि बलं मयि धेहि,

उत्तर:
तेजोऽसि तेजो मयि धेहि,
वीर्यमसि वीर्य मयि धेहि,
बलमसि बलं मयि धेहि,
ओजोऽसि बलं मयि धेहि,
अर्थ - हे ईश्वर ! तुम तेज रूप हो, अतः मुझमें तेज स्थापित करो। तुम शक्ति स्वरूप हो, अतः मुझमें शक्ति स्थापित करो। तुम सामर्थ्यवान हो, अतः मुझमें सामर्थ्य स्थापित करों। तुम ओज स्वरूप हो, अतः मुझमें ओज स्थापित करो。

प्रश्न 17. पठ् धातु का लट् लकार का रूप लिखिए।

उत्तर: 'पठ्' धातु (लट् लकार)

पुरूष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरूष पठति पठतः पठन्ति
मध्यम पुरूष पठसि पठथः पठथ
उत्तम पुरूष पठामि पठावः पठामः

प्रश्न 18. निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए-
(1) छात्र चला गया।
(2) यह घर सुन्दर है。
(3) मैं चित्र को देखता हूँ。
(4) गुरु को नमस्कार है。

उत्तर: संस्कृत में अनुवाद -

  1. छात्र अचलति।
  2. गृहम् सुन्दरम्। (इदं गृहं सुन्दरम् अस्ति।)
  3. अहम् चित्रम् पश्यामि।
  4. गुरूवे नमः।

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