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PYQ 2022 • कम्प्यूटर

कम्प्यूटर Previous Year Paper 2022

UP DELED Semester 3 कम्प्यूटर Previous Year Question Paper 2022 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शब्द के मुख्य तत्व है-

(a) सूचना और प्रशिक्षण

(b) संचार एवं तकनीकी

(c) सूचना एवं संचार

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शब्द के मुख्य तत्व, प्रशिक्षण, तकनीकी एवं संचार हैं।

प्रश्न 2. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिक के साधन है-

(a) इण्टरनेट

(b) दूरदर्शन

(c) रेडियो

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के साधन हैं-पर्सनल कम्प्यूटर, रेडियो, इण्टरनेट, दूरदर्शन, टेलीफोन, रोबोट, ब्राडबैण्ड आदि ऐसे उपकरण हैं। जिन्हें सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के रूप में जाना जाता हैं।

प्रश्न 3. इण्टरनेट की प्रमुख सेवाएँ हैं-

(a) इण्टरनेट रिले चैट

(b) ई-मेल

(c) टैलनेट

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) : इण्टरनेट की प्रमुख सेवाए निम्न हैं- ईमेल भेजना और प्राप्त करना, वीडियों एवं संगीत फाइलें डाउनलोड करना, इण्टरनेटरिले चैट, टैलनेट आदि की सेवा प्रदान करना हैं。

प्रश्न 4. ऐजूसेट का दूसरा प्रचलित नाम है-

(a) जी.सेट-3

(b) वी. मैट-2

(c) सी.सैट-4

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (a) : ऐजसेट का दूसरा प्रचलित नाम जी. सेट-3 है। इसे (EDUSAT) के नाम से जाना जाता है, स्कूल स्तर से उच्च शिक्षा तक दूरस्थ कक्षा शिक्षा के लिए है। यह पहला समर्पित "शैक्षिक उपग्रह" था जो देश को शैक्षिक सामाग्री वितरित करने के लिए कक्षा में उपग्रह आधारित दोतरफा संचार प्रदान करता हैं。

प्रश्न 5. दूरदर्शन के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है-

(a) औपचारिक

(b) अनौपचारिक

(c) उपर्युक्त दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (c) : दूरदर्शन के माध्यम से औपचारिक एवं अनौपचारिक दोनों प्रकार की शिक्षा प्रदान की जाती है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. संचार से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: संचार एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मौखिक और गैर-मौखिक तरीकों से संदेश भेजना और प्राप्त करना शामिल होता है। अर्थात् संचार ऐसा माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपने विचारों को पत्र, टेलीफोन आदि माध्यमों से दूसरो तक पहुँचाता है。

प्रश्न 7. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के कौन-कौन से साधन है?

उत्तर: सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के साधन इण्टरनेट, ई-मेल, रेडियो, उपग्रह, पर्सनल कम्प्यूटर, टेलीफोन, रोबोट आदि हैं。

प्रश्न 8. कम्प्यूटर सिस्टम के अंग कौन-कौन से है?

उत्तर: कम्प्यूटर सिस्टम के अंग निम्न हैं-

  1. CPU (Central Processing Unit)
  2. प्रोसेसर (Processor)
  3. मदरबोर्ड (Motherboard)
  4. रैम (Randam Access Memory)
  5. ग्राफिक्स कार्ड (Graphics Card)
  6. मॉनीटर (Moniter)
  7. की-बोर्ड (Keyboard)

प्रश्न 9. विकीपीडिया से आपका क्या आशय है?

उत्तर: 'विकिपीडिया' दो शब्दों 'विकी' और इनसाइक्लोपीडिया से मिलकर बना है, जिसमें विकी का अर्थ "जल्दी" और इनसाइक्लोपीडिया का अर्थ संयोजन है। यह एक मुक्त ज्ञानकोश है जो दुनिया भर के योगदानकर्ताओं द्वारा सम्पादित किया जा रहा है। यह बहुभाषी, वेब आधारित मुक्त सामाग्री ज्ञानकोष परियोजना है。

प्रश्न 10. प्रसार भारती का स्थापना दिवस कब है?

उत्तर: प्रसार भारती, भारत का लोक सेवा प्रसारक, "प्रसार भारती अधिनियम 1990 के तहत स्थापित किया गया था और यह 23 नवंबर 1997 को अस्तित्व में आया。

प्रश्न 11. भारत में दूरदर्शन के कार्यक्रम का प्रारम्भ कब हुआ?

उत्तर: भारत में दूरदर्शन का पहला प्रसारण 15 सितम्बर 1959 को प्रायोगात्मक आधार पर आधे घण्टे के लिए शैक्षिक और विकास कार्यक्रमों के रूप में शुरू किया गया। उस समय दूरदर्शन का प्रसारण सप्ताह में सिर्फ तीन दिन आधा-आधा घंटे होता था, तब इसको "टेलीविजन इंडिया" नाम दिया गया था, बाद में 1975 में इसका हिन्दी नामकरण "दूरदर्शन" कर दिया गया。

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. इण्टरनेट क्या है? इसकी विशेषताएँ समझाएँ।

उत्तर: "इंटरनेट" शब्द का उपयोग उन कम्प्यूटरों के नेटवर्क को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, जो सार्वजनिक रूप से सुलभ जानकारी को सामान्य बनाने के उद्देश्य से दुनिया भर में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यह नेटवर्क उपकरणों के बीच संसार के लिए एक सामान्य भाषा का उपयोग करता है।

इंटरनेट की विशेषताएँ -

  1. यह सहयोगात्मक है, जिसका अर्थ है, कि हर कोई इंटरनेट पर जानकारी साझा कर सकता हैं।
  2. यह दिन के 24 घंटे जानकारी प्रदान करता है और जब तक कनेक्शन है तब तक इस तक पहुँचा जा सकता है।
  3. इसे किसी भी डिवाइस से तुरन्त एक्सेज किया जा सकता है और संदेश तुरन्त प्रसारित हो जाते हैं।
  4. इसका विकास असीमित और सहयोगात्मक है जो साझा तरीके से नेटवर्क में नये कनेक्शन की अनुमति देता है।
  5. इसका उपयोग जानकारी खोजने से लेकर अनुसंधान, सामाजिक संपर्क, प्रत्यक्ष संचार, शिक्षा और वित्तीय संचालन तक हो सकता है।

प्रश्न 13. वेब पोर्टल क्या है? इसके महत्व को बताइए।

उत्तर: वेब पोर्टल एक विशेष रूप से डिजाइन की गई वेबसाईट है। जो ईमेल, ऑनलाइन फोरम और खोज इंजन जैसे विविध स्रोतों से जानकारी को एक समान तरीके से एक साथ लाती हैं।

वेब पोर्टल कई कारणों से महत्वपूर्ण है - वेब पोर्टल हमारे जीवन में तेजी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं क्योंकि वे सूचनाओं और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुँच को एक बिन्दु प्रदान करते हैं।

  • सुविधा- वेब पोर्टल उपयोगकर्ताओं स्थान पर विभिन्न प्रकार की जानकारी और सेवाएँ प्रदान करती हैं।
  • दक्षता- वेब पोर्टल उपयोगकर्ताओं को समय और धन बचाने में मदद करते हैं।
  • पहुँच- वेब पोर्टल दुनिया भर के लोगों को जानकारी और सेवाओं तक पहुँच प्रदान करते हैं।
  • संचार- वेब पोर्टल लोगों को एक-दूसरे के साथ जुड़ने और संवाद करने में मदद करते हैं।
  • शिक्षा- वेब पोर्टल लोगों को सीखने और ज्ञान प्राप्त करने में मदद करते हैं।
  • मनोरंजन- वेब पोर्टल लोगों को आराम करने और मजा करने में और आनन्द में मदद करते हैं।

प्रश्न 14. शिक्षा में ई-प्रयोगशाला ई-पुस्तकालय तथा ई-संग्रहालय का क्या महत्व है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

ई-प्रयोगशाला का महत्व-

  1. ऑनलाइन लैब इस विचार पर आधारित है, कि प्रयोगशाला में किए जाने वाले प्रयोग ज्यादा कुशलता और कम खर्च में इंटरनेट का उपयोग करके सिखाया जा सकता है।
  2. वास्तविक प्रयोगशाला तक पहुँच न रखने वाले या दुर्लभ या महँगे होने के कारण उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे छात्रों के लिए ऑनलाइन प्रयोगशालाएँ उपलब्ध कराई जा सकती है।

ई-पुस्तकालय का महत्व -

  1. एक ई-लाइब्रेरी पाठक को विभिन्न विषयों पर नवीनतम जानकारी तक पहुँच प्रदान करती है। नियमित रूप से अपडेट किए गए डिजिटल संसाधनों के साथ, पाठक अपनी रूचि क्षेत्र में नवीनतम शोध और विकास से अवगत रह सकते हैं।
  2. ई-पुस्तकालय के माध्यम से छात्रों को समय का उपयोग करना सिखाया जाता है। ई-पुस्तकालय के द्वारा तरह-तरह की पाठ्य-सामग्री को तैयार किया जाता है, ई-पुस्तकालय के लाभों को कम्प्यूटर के माध्यम से उपयोगी एवं सुलभ बनाया जा सकता है।

ई-संग्रहालय का महत्व-

  1. ई-संग्रहालय के माध्यम से शिक्षक के मार्गदर्शन से उन समस्त सामग्रियों को प्राप्त किया जाता है जिसमें उसकी रूचि होती है, इससे शिक्षण अधिगम प्रक्रिया प्रभावशाली रूप में सम्पन्न होती है। तो दूसरी ओर छात्रों का अधिगम स्तर बढ़ता है।
  2. ई-संग्रहालय के प्रयोग से शिक्षण अधिग प्रक्रिया स्वतंत्र एवं स्वभाविक रूप से पूर्ण होता है। छात्र अपनी रूचिपूर्ण एवं सरल सामाग्री को खोजकर अध्ययन करता है। इसमें उसका शैक्षणिक विकास सर्वोत्तम रूप में होता है तथा अधिगम स्तर बढ़ता है।
  3. ई-संग्रहालय में छात्र विशेष विषय की शिक्षण सामाग्री को कम्प्यूटर के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 15. दूरस्थ शिक्षा के कार्य को समझाइए।

उत्तर: दूरस्थ शिक्षा के कार्य-

  1. दूरस्थ शिक्षा औपचारिक शिक्षा के लाभ से वंचित लोगों को लाभ प्रदान करती है।
  2. राज्य सरकारों एवं विश्वविद्यालयों को युक्त शिक्षण संस्थान खोलने हेतु परामर्श देना।
  3. दूरस्थ शिक्षा या दूर शिक्षा द्वारा छात्रों के तकनीकी स्तर का विकास होता है, क्योंकि इसमें रेडियों, टेलीविजन आदि के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है।
  4. दूरस्थ शिक्षण संस्थानों को प्रदान किए जाने वाले वित्तीय अनुदान को प्रबंधक बोर्ड को अग्रसारित करना।
  5. मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षण संस्थाओं के विविध पाठ्यक्रमों में नामित विद्यार्थियों से ली जाने वाले शुल्क का निर्धारित करना।
  6. यह सभी छात्रों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध करवाती है। वर्तमान में 5 मिलियन से अधिक लोग इसके द्वारा शिक्षित हो रहे हैं।

प्रश्न 16. प्रसार-भारती की शैक्षिक सेवाओं को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: प्रसार भारती, प्रसार भारतीय अधिनियम के तहत स्थापित एवं वैधानिक स्वायत्त निकाय है, और 23.11.1997 को अस्तित्व में आया। यह देश का लोक सेवा प्रसारक हैं। इस संस्था के द्वारा स्वास्थ शिक्षा, तकनीकी, विज्ञान एवं राष्ट्रीय एकता आदि के क्षेत्र में प्रमुख कार्य करती हैं। इसकी स्थापना संसद में पारित एक अधिनियम के आधार पर की गई हैं, इस संस्था में दूरदर्शन एवं रेडियो की गतिविधियों द्वारा राष्ट्रोपयोगी बनाने वाली शैक्षिक गतिविधियों को नियंत्रित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रसार भारतीय की तरह रेडियो एवं दूरदर्शन के प्रत्येक कार्यक्रमों को उद्देश्य निष्ठ बनाया गया है।

आजकल दूरदर्शन एवं रेडियो पर प्रस्तुत कियो जाने वाले कार्यक्रमों का उपयोग प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक रूप से हो रहा है। बच्चों के लिए दूरदर्शन एवं रेडियो पर अनेक कार्यक्रम प्रसारित होते हैं जो उनको शिक्षा प्रदान करने में उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। जिन क्षेत्रों में दूरदर्शन सेवाएँ उपलब्ध नहीं होती है या जो बालक आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं है कि वे दूरदर्शन की सेवाए प्राप्त कर सके, उनके लिए प्रसार प्रणाली रेडियो पर शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित कर रही हैं। जिन्हें विद्यालयों में सुनाया जाता है या छात्र घर बैठकर उनसे विभिन्न प्रकार के कौशलों एवं विषय सम्बन्धी तथ्य की जानकारी प्राप्त करते है।

प्रसार भारतीय की शैक्षिक सेवा निम्न है-

  1. शिक्षा एवं साक्षरता के प्रसार कृषि ग्रामीण विकास, पर्यावरण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना।
  2. महिलाओं से संबंधित मामलों में जागरूकता उत्पन्न करना तथा बच्चों, बुजुर्गों और समाज के अन्य निर्बल वर्ग के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए विशेष उपाय करना।

प्रश्न 17. फ्रेशर्स वर्ल्ड डॉट कॉम (Fresher word com) की क्या भूमिका है?

उत्तर: फ्रेशर वर्ल्ड डॉट काम (Fresher World.com) - 1.5 करोड़ से अधिक रिज्यूम के डेटाबेस के साथ भारत में एंट्री-लेवल हायरिंग के लिए नंबर 1 जाब पोर्टल है। इसमें देश भर के प्रवेश स्तर के स्नातकों से हर महीने 4 लाख से अधिक बायोडाटा जोड़े जाते हैं। फ्रेशर वर्ल्ड डॉट कॉम एक ऐसी वेबसाइट हैं जहाँ पर आपको हर तरह की नौकरियाँ मिलेगी अगर आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो यह वेबसाइट नौकरी तलाश करने में आपको बहुत मदद करेगी। इस वेबसाइट की खास बात है कि अगर आपको यह नौकरी प्रोवाइड करती है, तो आपसे कुछ पैसे चार्ज करती है। यदि आप जॉब की तलाश कर रहे हैं तो आप इस वेबसाइट पर विजिट कर सकते है और अपनी योग्यता एवं अर्हता के अनुसार नौकरी देख सकते हैं。

प्रश्न 18. विद्यालय प्रबन्धन में टेलीकॉन्फ्रेन्सिंग तथा VC की उपयोगिता को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

टेलीकॉन्फ्रेन्सिंग - टेलीकॉन्फ्रेन्सिंग दो या दो अधिक लोगों के बीच संचार करने के लिए, एक दूरसंचार उपकरण का उपयोग हैं। इसमें फोन पर या विडियो चैट सॉफ्टवेयर का उपयोग करके कान्फ्रेंस कॉल शामिल हो सकती है। इस विधि से कई स्थानों पर बैठे व्यक्तियों से इस प्रकार बातचीत होती है, जैसे वे सभी व्यक्ति एक ही स्थान पर बैठे हो। टेलीकॉन्फ्रेन्सिंग के आजकल कई रूप में देखने को मिलते हैं। जैसे-आडियो कॉन्फ्रेंस, वीडियो कॉन्फ्रेंस, कम्प्यूटर कॉन्फ्रेंस आदि।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग - वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा दो या दो से अधिक व्यक्ति विश्व के किसी भी भाग में बैठकर Audio-Video रूप में आपस में अन्तःक्रिया कर सकते हैं। वे एक-दूसरे से आसानी से बातचीत कर सकते हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कम्युनिकेशन की एक आधुनिक एवं नई टेक्नोलॉजी है। इसमें कई दूर सम्प्रेषण तकनीकियों का उपयोग किया जाता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की उपयोगिता-

  1. दूरस्थ छात्रों से सम्पर्क- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित छात्र आपस में तथा अध्यापकों से भी आसानी से सम्प्रेषण कर सकते हैं। अन्य देशों में भी संपर्क कर सकते हैं। छात्र अपनी बनाई हुई कलाकृतियों, शिक्षण नमूनों आदि को दूसरे छात्रों को दिखा सकते हैं।
  2. ई-लर्निंग (E-Learning)- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का प्रयोग ई-लर्निंग में भी सफलतापूर्वक किया जा सकता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा ई-लर्निंग के छात्र आपस में सम्प्रेषण भी कर सकते हैं तथा शिक्षकों व विशेषज्ञ से वार्तालाप भी कर सकते हैं।
  3. टेली सेमिनार (Tele Seminars)- टेली सेमिनारों का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा आसानी से किया जा सकता है। इनमें छात्र एवं विशेषज्ञ अपने घर या कार्यस्थल पर रहते हुए भी भाग ले सकते हैं।

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कम्प्यूटर Previous Year Paper 2022

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