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PYQ 2022 • सामाजिक अध्ययन

सामाजिक अध्ययन Previous Year Paper 2022

UP DELED Semester 2 सामाजिक अध्ययन Previous Year Question Paper 2022 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. हर्षचरित के रचयिता कौन थे?

(a) हर्ष

(b) बाणभट्ट

(c) भवभूति

(d) मातंग

उत्तर: (b) बाणभट्ट

हर्षचरित की रचना संस्कृत के प्रसिद्ध गद्यकार बाणभट्ट ने की थी। बाणभट्ट सम्राट हर्षवर्धन के दरबारी कवि थे और इस ग्रन्थ में हर्ष के जीवन तथा तत्कालीन समाज का वर्णन मिलता है।

प्रश्न 2. चालुक्य वंश का सबसे प्रतापी राजा कौन था?

(a) जयसिंह

(b) रणराग

(c) पुलकेशिन द्वितीय

(d) पुलकेशिन प्रथम

उत्तर: (c) पुलकेशिन द्वितीय

पुलकेशिन द्वितीय बादामी चालुक्य वंश का सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली शासक था। उसने दक्कन में अपने साम्राज्य का विस्तार किया तथा उत्तर भारत के शासक हर्षवर्धन की दक्षिण की ओर बढ़ती शक्ति को रोका।

प्रश्न 3. V-प्रकार की घाटी नदी के किस मार्ग में बनती है?

(a) ऊपरी मार्ग में

(b) मध्य मार्ग में

(c) निचले मार्ग में

(d) नदी के मुहाने पर

उत्तर: (a) ऊपरी मार्ग में

नदी के ऊपरी मार्ग में ढाल तीव्र होती है और नदी मुख्यतः ऊर्ध्वाधर अपरदन करती है। इससे संकरी और गहरी V-आकार की घाटी का निर्माण होता है।

प्रश्न 4. पृथ्वी का औसत घनत्व है—

(a) 2.2 ग्राम/घन सेमी

(b) 5.5 ग्राम/घन सेमी

(c) 9.5 ग्राम/घन सेमी

(d) 9.4 ग्राम/घन सेमी

उत्तर: (b) 5.5 ग्राम/घन सेमी

पृथ्वी का औसत घनत्व लगभग 5.5 ग्राम प्रति घन सेमी है। भूपर्पटी का औसत घनत्व इससे कम होने के कारण पृथ्वी के आन्तरिक भागों, विशेषकर क्रोड, का घनत्व अधिक होता है।

प्रश्न 5. भृगु का निर्माण कहाँ होता है?

(a) पहाड़ी भागों में

(b) समुद्र के किनारे

(c) हिमानी क्षेत्र में

(d) मरुस्थल में

उत्तर: (b) समुद्र के किनारे

समुद्री भृगु (Sea Cliff) समुद्र तट पर तरंगों के निरन्तर अपरदन से बनने वाली तीव्र अथवा लगभग खड़ी चट्टानी ढाल है। इसलिए इसका निर्माण समुद्र के किनारे होता है।

प्रश्न 6. प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

(a) डॉ. भीमराव अम्बेडकर

(b) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

(c) महात्मा गाँधी

(d) जवाहरलाल नेहरू

उत्तर: (a) डॉ. भीमराव अम्बेडकर

संविधान सभा ने 29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति का गठन किया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर इस समिति के अध्यक्ष थे।

प्रश्न 7. ज्वालामुखी उद्गार से प्राप्त द्रव पदार्थ का भूतल पर नाम है—

(a) सियाल

(b) सीमा

(c) निफे

(d) लावा

उत्तर: (d) लावा

पृथ्वी के भीतर स्थित पिघले हुए चट्टानी पदार्थ को मैग्मा कहते हैं। जब यही पदार्थ ज्वालामुखी उद्गार के द्वारा धरातल पर पहुँचता है तो इसे लावा कहा जाता है।

प्रश्न 8. सापेक्ष आर्द्रता मापी जाती है—

(a) हाइड्रोमीटर

(b) हाइग्रोमीटर

(c) बैरोमीटर

(d) एनीमोमीटर

उत्तर: (b) हाइग्रोमीटर

वायु में उपस्थित आर्द्रता को मापने के लिए हाइग्रोमीटर (आर्द्रतामापी) का उपयोग किया जाता है। बैरोमीटर वायुदाब तथा एनीमोमीटर पवन की गति मापता है।

प्रश्न 9. सर्वाधिक लवणता वाला सागर है—

(a) कैस्पियन सागर

(b) लाल सागर

(c) मृत सागर

(d) भूमध्य सागर

उत्तर: (c) मृत सागर

दिए गए विकल्पों में मृत सागर में लवणता सर्वाधिक है। वास्तव में मृत सागर एक स्थलरुद्ध अत्यधिक खारी झील है, जहाँ अधिक वाष्पीकरण और बाहरी निकास के अभाव के कारण लवणों की सान्द्रता बहुत अधिक है।

प्रश्न 10. धन्वन्तरि किस काल के वैद्य थे?

(a) मौर्यकाल

(b) गुप्तकाल

(c) महाजनपद काल

(d) राजपूत काल

उत्तर: (b) गुप्तकाल

पारम्परिक विवरणों में प्रसिद्ध वैद्य धन्वन्तरि को गुप्तकाल तथा चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के दरबार से सम्बद्ध माना जाता है।

प्रश्न 11. अलाउद्दीन खिलजी ने कितने वर्ष शासन किया?

(a) 10 वर्ष

(b) 15 वर्ष

(c) 20 वर्ष

(d) 5 वर्ष

उत्तर: (c) 20 वर्ष

अलाउद्दीन खिलजी ने 1296 ई. से 1316 ई. तक लगभग 20 वर्षों तक शासन किया। वह खिलजी वंश का सबसे शक्तिशाली शासक था।

प्रश्न 12. मत्तविलासप्रहसन नामक पुस्तक के लेखक हैं—

(a) महेन्द्रवर्मन प्रथम

(b) पुलकेशिन द्वितीय

(c) नरसिंहवर्मन

(d) राजराज प्रथम

उत्तर: (a) महेन्द्रवर्मन प्रथम

मत्तविलासप्रहसन संस्कृत का एक प्रहसन है, जिसकी रचना पल्लव शासक महेन्द्रवर्मन प्रथम ने की थी।

प्रश्न 13. जौहर प्रथा का प्रचलन था—

(a) मौर्य काल

(b) गुप्त काल

(c) महाजनपद काल

(d) राजपूत काल

उत्तर: (d) राजपूत काल

जौहर विशेष रूप से मध्यकालीन राजपूत युद्ध-परम्पराओं से सम्बद्ध माना जाता है। घिरे हुए दुर्ग में पराजय की आशंका होने पर महिलाओं द्वारा सामूहिक अग्नि-प्रवेश की घटनाओं को जौहर कहा गया है।

प्रश्न 14. बजट जिसमें आय और व्यय बराबर होता है—

(a) शून्य आधारित बजट

(b) सन्तुलित बजट

(c) घाटे का बजट

(d) अधिशेष बजट

उत्तर: (b) सन्तुलित बजट

जब किसी निर्धारित अवधि में सरकार की अनुमानित आय और व्यय बराबर हों तो उसे सन्तुलित बजट कहा जाता है।

प्रश्न 15. भारतीय कृषि में निम्न उत्पादकता का कारण है—

(a) पिछड़ी तकनीक

(b) जोत का छोटा आकार

(c) साख का अभाव

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी

छोटी और खण्डित जोतें, आधुनिक तकनीक एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेशों तक सीमित पहुँच तथा पर्याप्त संस्थागत साख का अभाव कृषि उत्पादकता को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सही उत्तर उपर्युक्त सभी है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. डेल्टा किसे कहते हैं?

उत्तर: नदी के मुहाने पर वेग कम होने से नदी द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेप से बनने वाले स्थलरूप को डेल्टा कहते हैं।

प्रश्न 17. ज्वालामुखी कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर: सक्रियता के आधार पर ज्वालामुखी तीन प्रकार के होते हैं— सक्रिय, सुषुप्त और मृत ज्वालामुखी।

प्रश्न 18. वायुमण्डल किसे कहते हैं?

उत्तर: पृथ्वी को चारों ओर से घेरे हुए गैसों के आवरण को वायुमण्डल कहते हैं। यह जीवन, मौसम तथा पृथ्वी के ताप-सन्तुलन के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 19. सूर्याताप किसे कहते हैं?

उत्तर: सूर्य से पृथ्वी की ओर आने वाली सौर विकिरण ऊर्जा को सूर्याताप (Insolation) कहते हैं।

प्रश्न 20. ज्वार-भाटा किसे कहते हैं?

उत्तर: चन्द्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण समुद्री जल-स्तर के नियमित ऊपर उठने को ज्वार तथा नीचे उतरने को भाटा कहते हैं।

प्रश्न 21. गुलाम वंश का अन्तिम शासक कौन था?

उत्तर: गुलाम अथवा मामलूक वंश का अन्तिम शासक शम्सुद्दीन कयूमर्स था। इसके बाद 1290 ई. में जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने खिलजी वंश की स्थापना की।

प्रश्न 22. कौटिल्य क्यों प्रसिद्ध थे?

उत्तर: कौटिल्य या चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रमुख सलाहकार और प्रसिद्ध राजनीतिक चिन्तक थे। वे अर्थशास्त्र नामक ग्रन्थ से विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न 23. चोल वंश का संस्थापक कौन था?

उत्तर: मध्यकालीन साम्राज्यवादी चोल वंश का संस्थापक विजयालय चोल माना जाता है, जिसने 9वीं शताब्दी में तंजावुर क्षेत्र में चोल सत्ता स्थापित की।

प्रश्न 24. कुतुबुद्दीन ऐबक कौन था?

उत्तर: कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली सल्तनत के गुलाम वंश का संस्थापक और प्रथम सुल्तान था। उसने 1206 से 1210 ई. तक शासन किया।

प्रश्न 25. आन्तरिक शक्तियाँ किसे कहते हैं?

उत्तर: पृथ्वी के भीतर उत्पन्न होकर धरातल को उठाने, धँसाने, मोड़ने या तोड़ने वाली शक्तियों को आन्तरिक या अन्तर्जात शक्तियाँ कहते हैं। भूकम्प और ज्वालामुखिता भी इनके प्रभाव हैं।

प्रश्न 26. भक्ति आन्दोलन की उत्पत्ति के दो कारण लिखिए।

उत्तर: इसके प्रमुख कारणों में जटिल कर्मकाण्ड एवं सामाजिक भेदभाव से असन्तोष तथा सरल, व्यक्तिगत और प्रेमपूर्ण ईश्वर-भक्ति की बढ़ती लोकप्रियता शामिल थे।

प्रश्न 27. हरित क्रान्ति का अर्थ बताइए।

उत्तर: उच्च उपज वाली किस्मों, सिंचाई, उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खाद्यान्न उत्पादन में हुई तीव्र वृद्धि को हरित क्रान्ति कहते हैं।

प्रश्न 28. अपरदन किसे कहते हैं?

उत्तर: नदी, पवन, हिमनद और समुद्री तरंगों द्वारा धरातलीय पदार्थ को काटकर या हटाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया अपरदन कहलाती है।

प्रश्न 29. आग्नेय शैल किसे कहते हैं?

उत्तर: मैग्मा अथवा लावा के ठण्डा होकर ठोस बनने से निर्मित चट्टानों को आग्नेय शैल कहते हैं। ग्रेनाइट और बेसाल्ट इसके उदाहरण हैं।

प्रश्न 30. संविधान किसे कहते हैं?

उत्तर: किसी देश के शासन की संरचना, संस्थाओं की शक्तियों तथा नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों से सम्बन्धित मूल नियमों के सर्वोच्च समुच्चय को संविधान कहते हैं। भारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. मेगस्थनीज का भारत-वर्णन कीजिए।

उत्तर: मेगस्थनीज यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था, जो चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। उसने अपने ग्रन्थ इण्डिका में मौर्यकालीन भारत का वर्णन किया।

  • उसने पाटलिपुत्र नगर, राजप्रासाद और नगर प्रशासन का विवरण दिया।
  • मौर्य शासन, सेना और प्रशासनिक व्यवस्था के विषय में जानकारी दी।
  • भारतीय समाज, व्यवसायों, कृषि और आर्थिक गतिविधियों का उल्लेख किया।
  • उसकी मूल पुस्तक उपलब्ध नहीं है; इसके अंश बाद के यूनानी-रोमन लेखकों के ग्रन्थों में सुरक्षित हैं।

इसलिए मेगस्थनीज का विवरण मौर्यकालीन इतिहास का एक महत्वपूर्ण विदेशी साहित्यिक स्रोत है।

प्रश्न 32. राजपूतकालीन सामाजिक दशा का वर्णन कीजिए।

उत्तर: राजपूतकालीन समाज विविध जातियों, व्यवसायों और सामाजिक समूहों से बना हुआ था। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थीं—

  • वर्ण एवं जाति व्यवस्था: समाज में वर्ण और जाति-आधारित विभाजन प्रभावशाली थे तथा अनेक उपजातियाँ और पेशागत समूह विकसित हुए।
  • सामन्त वर्ग: राजा, सामन्त और योद्धा वर्ग का राजनीतिक तथा सामाजिक जीवन में विशेष स्थान था।
  • ग्रामीण समाज: अधिकांश जनसंख्या कृषि और ग्राम-आधारित व्यवसायों पर निर्भर थी।
  • स्त्रियों की स्थिति: स्त्रियों की स्थिति क्षेत्र, वर्ग और समुदाय के अनुसार भिन्न थी। राजघरानों में शिक्षा और राजनीतिक भूमिका के उदाहरण मिलते हैं, वहीं बाल-विवाह, सती और युद्धकालीन जौहर जैसी प्रथाओं के भी उल्लेख मिलते हैं।
  • धार्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन: मन्दिर धार्मिक जीवन के साथ शिक्षा, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के भी महत्वपूर्ण केन्द्र थे।

प्रश्न 33. चालुक्य वंश का संक्षिप्त इतिहास लिखिए।

उत्तर: चालुक्य दक्षिण और दक्कन भारत का एक महत्वपूर्ण राजवंश था। प्रारम्भिक अथवा बादामी चालुक्यों ने लगभग छठी से आठवीं शताब्दी तक पश्चिमी दक्कन पर शासन किया और उनकी राजधानी वातापी अर्थात् बादामी थी।

  • पुलकेशिन प्रथम ने बादामी को राजधानी बनाकर चालुक्य सत्ता को मजबूत किया।
  • पुलकेशिन द्वितीय इस वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक था। उसने दक्कन के बड़े भाग पर अपना अधिकार स्थापित किया और उत्तर भारत के सम्राट हर्षवर्धन की दक्षिण की ओर बढ़ती शक्ति को रोका।
  • चालुक्यों का पल्लवों के साथ लम्बा संघर्ष चला। लगभग 642 ई. में पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी पर अधिकार कर लिया।
  • बाद में चालुक्य सत्ता पुनः स्थापित हुई, परन्तु आठवीं शताब्दी में राष्ट्रकूटों ने बादामी चालुक्यों को पराजित कर दिया।
  • ऐहोल, बादामी और पट्टदकल के मन्दिर चालुक्यकालीन स्थापत्य कला की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हैं।

प्रश्न 34. पृथ्वी की आन्तरिक संरचना का वर्णन कीजिए।

उत्तर: पृथ्वी की आन्तरिक संरचना को मुख्यतः तीन परतों— भूपर्पटी, मेंटल और क्रोड—में बाँटा जाता है।

परत मुख्य विशेषताएँ
भूपर्पटी यह पृथ्वी की सबसे बाहरी और पतली ठोस परत है। महासागरीय भूपर्पटी लगभग 5–10 किमी तथा महाद्वीपीय भूपर्पटी कई स्थानों पर 30–70 किमी तक मोटी हो सकती है।
मेंटल भूपर्पटी के नीचे से लगभग 2,900 किमी की गहराई तक फैला भाग मेंटल कहलाता है। इसका ऊपरी दुर्बल भाग एस्थेनोस्फीयर कहलाता है।
क्रोड लगभग 2,900 किमी से पृथ्वी के केन्द्र तक क्रोड स्थित है। यह मुख्यतः लौह और निकिल से बना है। बाहरी क्रोड द्रव तथा आन्तरिक क्रोड ठोस अवस्था में है।

पृथ्वी के भीतर बढ़ती गहराई के साथ सामान्यतः ताप, दाब और घनत्व में वृद्धि होती है।

प्रश्न 35. चन्द्रग्रहण एवं सूर्यग्रहण में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

चन्द्रग्रहण सूर्यग्रहण
जब पृथ्वी सूर्य और चन्द्रमा के बीच आ जाती है तब चन्द्रग्रहण होता है। जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तब सूर्यग्रहण होता है।
पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है। चन्द्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है।
यह पूर्णिमा के आसपास सम्भव होता है। यह अमावस्या के आसपास सम्भव होता है।
इसे पृथ्वी के रात्रि भाग के बड़े क्षेत्र से देखा जा सकता है। यह पृथ्वी के अपेक्षाकृत सीमित क्षेत्र से दिखाई देता है।

प्रश्न 36. भारतीय कृषि की विशेषताएँ एवं महत्व लिखिए।

उत्तर: कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ एवं महत्व निम्नलिखित हैं—

  1. मानसून का प्रभाव: सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के बावजूद भारत की कृषि का बड़ा भाग वर्षा और मानसून की स्थिति से प्रभावित होता है।
  2. छोटी एवं खण्डित जोतें: अनेक क्षेत्रों में कृषि जोतों का आकार अपेक्षाकृत छोटा है।
  3. फसलों की विविधता: भारत में गेहूँ, चावल, दालें, कपास, गन्ना, तिलहन, चाय, कॉफी आदि अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं।
  4. रोजगार: कृषि बड़ी ग्रामीण आबादी के लिए रोजगार और आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है।
  5. उद्योगों को कच्चा माल: कपास वस्त्र उद्योग को कपास, चीनी उद्योग को गन्ना तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को अनेक कृषि उत्पाद प्राप्त होते हैं।
  6. खाद्य सुरक्षा: कृषि देश की विशाल जनसंख्या के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने का मुख्य आधार है।

प्रश्न 37. महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण किस उद्देश्य से किए थे?

उत्तर: महमूद गजनवी ने 11वीं शताब्दी के प्रारम्भ में उत्तर-पश्चिमी भारत पर अनेक सैन्य अभियान किए। इन अभियानों के पीछे कई उद्देश्य थे—

  • धन एवं संसाधन प्राप्त करना: भारत के समृद्ध नगरों और धार्मिक केन्द्रों की सम्पत्ति उसके आक्रमणों का महत्वपूर्ण आकर्षण थी।
  • राजनीतिक एवं सैनिक शक्ति बढ़ाना: प्राप्त धन से वह अपने मध्य एशियाई साम्राज्य और सेना को मजबूत कर सकता था।
  • उत्तर-पश्चिमी सीमा पर नियंत्रण: पंजाब तथा आसपास के क्षेत्रों पर अधिकार सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।
  • प्रतिष्ठा: सैन्य सफलताओं से उसकी राजनीतिक प्रतिष्ठा बढ़ती थी। समकालीन दरबारी विवरणों में उसके अभियानों को धार्मिक भाषा में भी प्रस्तुत किया गया है।

उसका सबसे प्रसिद्ध अभियान 1025–26 ई. में सोमनाथ के विरुद्ध हुआ। यह कहना सही नहीं है कि उसने सोमनाथ मन्दिर को कई बार लूटा था।

प्रश्न 38. भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर: भारतीय संविधान 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. विस्तृत लिखित संविधान: इसमें शासन के विभिन्न अंगों, संघ-राज्य सम्बन्धों और नागरिक अधिकारों का विस्तृत वर्णन है।
  2. संसदीय शासन प्रणाली: वास्तविक कार्यपालिका मंत्रिपरिषद होती है, जो निर्वाचित सदन के प्रति उत्तरदायी रहती है।
  3. संघीय व्यवस्था: केन्द्र और राज्यों के बीच शक्तियों का संवैधानिक विभाजन है, साथ ही कुछ परिस्थितियों में केन्द्र को अधिक शक्तियाँ प्राप्त हैं।
  4. मौलिक अधिकार: संविधान का भाग III व्यक्तियों और नागरिकों को विभिन्न मौलिक अधिकार प्रदान करता है।
  5. राज्य के नीति-निदेशक तत्व: ये राज्य को सामाजिक और आर्थिक कल्याण की दिशा में नीतियाँ बनाने का मार्गदर्शन देते हैं।
  6. मौलिक कर्तव्य: अनुच्छेद 51A में नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख है।
  7. स्वतंत्र न्यायपालिका: सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय संविधान तथा मौलिक अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  8. धर्मनिरपेक्षता: राज्य का कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है।
  9. एकल नागरिकता: भारत में संघ और राज्य की अलग-अलग नागरिकता के स्थान पर एक भारतीय नागरिकता है।
  10. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार: निर्धारित आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों को बिना धर्म, जाति, लिंग आदि के भेदभाव के मतदान का अधिकार है।
  11. आपातकालीन प्रावधान: संविधान में राष्ट्रीय आपातकाल, राज्यों में संवैधानिक तन्त्र की विफलता और वित्तीय आपातकाल के प्रावधान हैं।

प्रश्न 39. चोल प्रशासन की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: चोलों ने दक्षिण भारत में एक विकसित केन्द्रीय तथा स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की। इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं—

  1. राजा का प्रमुख स्थान: राजा प्रशासन, सेना और न्याय का सर्वोच्च अधिकारी था। उसकी सहायता के लिए अनेक मन्त्री और अधिकारी नियुक्त होते थे।
  2. प्रशासनिक विभाजन: चोल साम्राज्य को बड़े प्रान्तों अथवा मण्डलम् में बाँटा गया था। इनके नीचे वलनाडु, नाडु और ग्राम जैसी प्रशासनिक इकाइयाँ थीं।
  3. स्थानीय स्वशासन: ग्राम प्रशासन चोल व्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषता थी। सामान्य गाँव की सभा को उर, ब्राह्मणों को दान दिए गए ग्राम की संस्था को सभा या महासभा तथा व्यापारिक नगरों की संस्था को नगरम् कहा जाता था।
  4. ग्राम समितियाँ: उत्तरमेरूर अभिलेखों से ग्राम समितियों, उनके सदस्यों की योग्यता और चयन की व्यवस्था की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। विभिन्न समितियाँ सिंचाई, उद्यान, कर और अन्य स्थानीय कार्यों का संचालन करती थीं।
  5. भूमि एवं राजस्व: भूमि कर राज्य की आय का प्रमुख स्रोत था। भूमि का सर्वेक्षण कर उसकी उपज और प्रकृति के आधार पर राजस्व निर्धारित किया जाता था।
  6. सिंचाई: चोल शासकों ने तालाबों, नहरों और अन्य जल-संसाधनों के निर्माण तथा रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया।
  7. सेना और नौसेना: चोलों के पास शक्तिशाली स्थल सेना और नौसेना थी, जिसने राजराज प्रथम और राजेन्द्र प्रथम के काल में साम्राज्य विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 40. अशोक का जीवन-परिचय देते हुए उसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: अशोक मौर्य वंश के महान शासकों में से एक था। वह बिन्दुसार का पुत्र और चन्द्रगुप्त मौर्य का पौत्र था। उसका शासन लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के मध्य से 232 ई.पू. तक माना जाता है।

अशोक की प्रमुख उपलब्धियाँ—

  1. विशाल मौर्य साम्राज्य का शासन: अशोक ने अपने पूर्वजों से प्राप्त विशाल साम्राज्य को संगठित और प्रशासित किया। उसका शासन भारतीय उपमहाद्वीप के बहुत बड़े भाग पर फैला था।
  2. कलिंग युद्ध: राज्यारोहण के कुछ वर्षों बाद अशोक ने लगभग 261 ई.पू. में कलिंग पर विजय प्राप्त की। युद्ध में हुई भारी जनहानि से वह अत्यन्त प्रभावित हुआ।
  3. धम्म की नीति: कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने सैन्य विजय की अपेक्षा धम्म-विजय को महत्व दिया। उसके धम्म में अहिंसा, माता-पिता और गुरुओं का सम्मान, प्राणियों के प्रति दया तथा विभिन्न धार्मिक सम्प्रदायों के प्रति सहिष्णुता पर बल दिया गया।
  4. शिलालेख और स्तम्भलेख: अशोक ने अपने विचारों और शासन सम्बन्धी निर्देशों को चट्टानों और स्तम्भों पर खुदवाया। ये अभिलेख मौर्यकालीन इतिहास के महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष स्रोत हैं।
  5. लोककल्याण: उसके अभिलेखों में मनुष्यों और पशुओं के उपचार, औषधीय वनस्पतियों, मार्गों पर वृक्ष लगाने तथा जल-सुविधाओं जैसे लोककल्याणकारी कार्यों का उल्लेख मिलता है।
  6. धार्मिक सहिष्णुता: अशोक स्वयं बौद्ध धर्म से प्रभावित था, परन्तु उसके अभिलेख विभिन्न सम्प्रदायों के सम्मान और धार्मिक सहिष्णुता पर बल देते हैं।
  7. बौद्ध धर्म को संरक्षण: बौद्ध परम्पराओं के अनुसार अशोक ने बौद्ध संघ और स्तूपों को संरक्षण दिया तथा बौद्ध धर्म के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अशोक की सबसे महत्वपूर्ण विरासत उसके धम्म, अभिलेखों, लोककल्याण और धार्मिक सहिष्णुता की नीति है।

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