वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. हलन्त वर्ण कहलाते हैं—
(a) शुद्ध स्वर
(b) संयुक्त व्यंजन
(c) स्वर रहित व्यंजन
(d) स्वर युक्त व्यंजन
उत्तर: (c) स्वर रहित व्यंजन
जिस व्यंजन के साथ हलन्त (्) लगा हो और उसके साथ किसी स्वर का उच्चारण न हो, उसे हलन्त अथवा स्वररहित व्यंजन कहते हैं; जैसे— क्, त्, म्।
प्रश्न 2. ‘चिदम्बरा’ के रचयिता हैं—
(a) तुलसीदास
(b) कबीरदास
(c) जायसी
(d) सुमित्रानन्दन पन्त
उत्तर: (d) सुमित्रानन्दन पन्त
‘चिदम्बरा’ सुमित्रानन्दन पन्त का प्रसिद्ध काव्य-संग्रह है।
प्रश्न 3. ‘बेर’ का संस्कृत शब्द होगा—
(a) बदरीफलम्
(b) दाडिमम्
(c) आम्रफलम्
(d) जम्बूफलम्
उत्तर: (a) बदरीफलम्
‘बेर’ के लिए संस्कृत में बदरीफलम् शब्द प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 4. अशुद्ध शब्द की पहचान कीजिए—
(a) प्रभू
(b) प्रतिष्ठ
(c) प्रणाम
(d) प्रकाण्ड
उत्तर: (a) प्रभू
‘प्रभू’ अशुद्ध वर्तनी है। इसका शुद्ध रूप ‘प्रभु’ है।
प्रश्न 5. य, र, ल, व व्यंजन होते हैं—
(a) ऊष्म व्यंजन
(b) अन्तःस्थ व्यंजन
(c) स्पर्श व्यंजन
(d) संयुक्त व्यंजन
उत्तर: (b) अन्तःस्थ व्यंजन
य, र, ल और व को अन्तःस्थ व्यंजन कहा जाता है। इनके उच्चारण में स्वर और व्यंजन दोनों की कुछ विशेषताएँ पाई जाती हैं।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. शुद्ध उच्चारण के प्रमुख तत्व कौन-कौन से हैं?
उत्तर: शुद्ध उच्चारण के प्रमुख तत्व हैं— सही उच्चारण-स्थान, स्वर-व्यंजन की शुद्धता, मात्रा, बलाघात, अनुतान, लय, गति और उचित विराम।
प्रश्न 7. अनुच्छेद लेखन की किन्हीं दो शैलियों का उल्लेख करें।
उत्तर: अनुच्छेद लेखन की दो शैलियाँ हैं— भावात्मक शैली और समास शैली।
प्रश्न 8. ‘साकेत’ और ‘आवारा मसीहा’ के रचनाकार का नाम लिखें।
उत्तर: ‘साकेत’ — मैथिलीशरण गुप्त; ‘आवारा मसीहा’ — विष्णु प्रभाकर।
प्रश्न 9. राजा, मक्खी, गेंद शब्द को संस्कृत में लिखें।
उत्तर: राजा — नृपः; मक्खी — मक्षिका; गेंद — कन्दुकम्।
प्रश्न 10. “उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्” का हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
उत्तर: उदार चरित्र वाले व्यक्तियों के लिए सम्पूर्ण पृथ्वी ही परिवार है।
प्रश्न 11. गम् धातु प्रथम पुरुष तीनों वचनों के रूप लिखिए। (लट् लकार)
उत्तर:
| एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| गच्छति | गच्छतः | गच्छन्ति |
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. अनुच्छेद का शीर्षक किस प्रकार लिखा जाता है?
उत्तर: अनुच्छेद का शीर्षक संक्षिप्त, स्पष्ट, सारगर्भित और विषयानुकूल होना चाहिए। वह अनुच्छेद के मुख्य भाव या केन्द्रीय विचार को व्यक्त करे। शीर्षक अनावश्यक रूप से लम्बा या अस्पष्ट नहीं होना चाहिए तथा पूरे अनुच्छेद का प्रतिनिधित्व करना चाहिए।
प्रश्न 13. कहानी के तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर: कहानी के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं—
- कथानक
- पात्र एवं चरित्र-चित्रण
- संवाद अथवा कथोपकथन
- देशकाल एवं वातावरण
- भाषा-शैली
- उद्देश्य
प्रश्न 14. जीवनी और आत्मकथा में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
| जीवनी | आत्मकथा |
|---|---|
| जीवनी में लेखक किसी अन्य व्यक्ति के जीवन का वर्णन करता है। | आत्मकथा में लेखक स्वयं अपने जीवन का वर्णन करता है। |
| लेखक और वर्णित व्यक्ति अलग-अलग होते हैं। | लेखक और वर्णित व्यक्ति एक ही होता है। |
| यह दस्तावेजों, साक्ष्यों और अन्य स्रोतों पर आधारित होती है। | यह मुख्यतः लेखक के अपने अनुभवों और स्मृतियों पर आधारित होती है। |
| वर्णन सामान्यतः तृतीय पुरुष में होता है। | वर्णन सामान्यतः प्रथम पुरुष में होता है। |
प्रश्न 15. निम्नलिखित श्लोक का हिन्दी में अनुवाद लिखिए—
येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।
ते मर्त्यलोके भुवि भारभूता मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति॥
उत्तर: जिन लोगों में न विद्या है, न तप, न दान, न ज्ञान, न शील, न गुण और न धर्म, वे इस पृथ्वी पर भार के समान हैं और मनुष्य का रूप धारण करके पशुओं की भाँति विचरण करते हैं।
प्रश्न 16. कविता पठन (शिक्षण) की प्रमुख विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: कविता शिक्षण की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं—
- गीत एवं अभिनय विधि: कविता को लय, ताल, भाव और अभिनय के साथ पढ़ाया जाता है।
- अर्थबोध विधि: कठिन शब्दों तथा पंक्तियों का सरल अर्थ स्पष्ट किया जाता है।
- व्याख्या विधि: कविता के भाव, भाषा, शैली एवं सौन्दर्य की व्याख्या की जाती है।
- प्रश्नोत्तर विधि: प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों से कविता का भाव-बोध कराया जाता है।
प्रश्न 17. महादेवी वर्मा का जीवन-परिचय लिखिए।
उत्तर: महादेवी वर्मा का जन्म 26 मार्च 1907 को फर्रुखाबाद में हुआ था। वे हिन्दी साहित्य के छायावाद की प्रमुख कवयित्री और श्रेष्ठ गद्यकार थीं। उनकी रचनाओं में वेदना, करुणा, प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभूति प्रमुख हैं। उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ नीहार, रश्मि, नीरजा, यामा और दीपशिखा हैं। उनका निधन 11 सितम्बर 1987 को हुआ।
प्रश्न 18. संस्कृत भाषा के उच्चारण में आने वाली कठिनाइयों (दोषों) के निवारण के उपायों को लिखिए।
उत्तर: संस्कृत के उच्चारण-दोष दूर करने के प्रमुख उपाय हैं—
- वर्णों के सही उच्चारण-स्थान और प्रयत्न का ज्ञान कराया जाए।
- शिक्षक शुद्ध एवं स्पष्ट आदर्श उच्चारण प्रस्तुत करे।
- विद्यार्थियों से नियमित अनुकरण और वाचन-अभ्यास कराया जाए।
- ह्रस्व-दीर्घ स्वर, अनुस्वार, विसर्ग एवं संयुक्त व्यंजनों का विशेष अभ्यास कराया जाए।
- मातृभाषा अथवा क्षेत्रीय बोली से होने वाली त्रुटियों को पहचानकर व्यक्तिगत सुधार कराया जाए।
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