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Home Study Material Semester 1 सामाजिक अध्ययन महाद्वीपों एवं महासागरों का परिचय
Chapter 6 • सामाजिक अध्ययन

महाद्वीपों एवं महासागरों का परिचय

UP DELED Semester 1 सामाजिक अध्ययन विषय के इस अध्याय में महाद्वीप एवं महासागर की संकल्पना, सातों महाद्वीपों की स्थिति एवं प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ, महाद्वीपों के महत्वपूर्ण तथ्य तथा प्रशांत, अटलांटिक, हिन्द, आर्कटिक और अंटार्कटिक महासागरों का अध्ययन करेंगे।

Chapter Overview

8
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Topic 1 महाद्वीप एवं महासागर—परिचय और प्रमुख आँकड़े

महाद्वीप एवं महासागर—परिचय और प्रमुख आँकड़े

महाद्वीप एवं महासागर

महाद्वीप और महासागर पृथ्वी के दो महत्वपूर्ण अंग हैं। पृथ्वी की सतह पर जल और स्थल का वितरण समान नहीं है। पृथ्वी के कुल भाग का लगभग 70.8% भाग जल तथा लगभग 29.2% भाग स्थल है।

जल के विशाल भण्डारों को महासागर तथा स्थल के बड़े-बड़े विस्तृत भागों को महाद्वीप कहा जाता है।

पृथ्वी पर जल और स्थल का असमान वितरण

पृथ्वी पर जल और स्थल सभी स्थानों पर समान रूप से वितरित नहीं हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में स्थल भाग की अधिकता पाई जाती है, जबकि दक्षिणी गोलार्द्ध में जल की अधिकता है।

विश्व के लगभग 75% स्थल भाग विषुवत रेखा के उत्तर में स्थित हैं। इसी कारण उत्तरी गोलार्द्ध को महाद्वीपीय गोलार्द्ध भी कहा जाता है।

इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्द्ध में जल की अधिकता होने के कारण इसे महासागरीय गोलार्द्ध कहा जाता है।

महाद्वीपों और महासागरों की सामान्य आकृति लगभग त्रिभुजाकार दिखाई देती है। उत्तरी ध्रुव के आसपास जल की प्रधानता तथा दक्षिणी ध्रुव के निकट स्थल का विस्तार पाया जाता है।

महाद्वीप का अर्थ

महाद्वीप पृथ्वी पर स्थित ऐसा विशाल स्थल-भाग है जो समुद्र से अलग दिखाई देता है और जिसकी सीमाओं को स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकता है।

दूसरे शब्दों में, समुद्र तल से एक औसत ऊँचाई तक ऊपर उठे हुए पृथ्वी के क्रमबद्ध विस्तृत भू-भागों को महाद्वीप कहा जाता है।

महाद्वीप केवल मुख्य स्थल भाग तक सीमित नहीं माने जाते। इनके अन्तर्गत समुद्र में लगभग 600 फुट तक की महाद्वीपीय मग्नतट भूमि और महाद्वीपीय मग्नढाल को भी सम्मिलित किया जाता है।

महाद्वीपों की संख्या

महाद्वीपों की संख्या के विषय में विद्वानों में पूर्ण सहमति नहीं रही है। कुछ विद्वान चार या पाँच महाद्वीप मानते हैं, परन्तु सामान्य रूप से सात महाद्वीप स्वीकार किए जाते हैं।

  1. एशिया
  2. अफ्रीका
  3. उत्तरी अमेरिका
  4. दक्षिणी अमेरिका
  5. अंटार्कटिका
  6. यूरोप
  7. ऑस्ट्रेलिया

महाद्वीपों की औसत ऊँचाई लगभग 640 मीटर बताई गई है।

विश्व के सात महाद्वीप और प्रमुख महासागर
विश्व के सात महाद्वीप तथा उनके चारों ओर स्थित प्रमुख महासागर

सात महाद्वीपों के प्रमुख आँकड़े

महाद्वीप भूमि क्षेत्रफल का प्रतिशत क्षेत्रफल (वर्ग कि.मी.) जनसंख्या (करोड़ में)
एशिया 30% 4,40,79,000 387.9
अफ्रीका 20.0% 3,03,70,000 87.7
उत्तरी अमेरिका 16.3% 2,44,90,000 50.1
दक्षिणी अमेरिका 12% 1,78,40,000 37.9
अंटार्कटिका 9.6% 1,40,00,000
यूरोप 6.5% 1,01,80,000 72.7
ऑस्ट्रेलिया 5.2% 90,08,000 3.2

महाद्वीपों के आँकड़ों की संक्षिप्त विवेचना

1. ऑस्ट्रेलिया सबसे छोटा महाद्वीप

ऑस्ट्रेलिया विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप है। कभी-कभी ऑस्ट्रेलिया तथा उसके आसपास के द्वीपों और द्वीपमालाओं को मिलाकर ओशिनिया नाम से भी व्यक्त किया जाता है।

अधिकांश महाद्वीप बड़े-बड़े पर्वतों द्वारा सीमाबद्ध दिखाई देते हैं।

2. एशिया, यूरोप और अफ्रीका का महत्त्व

सात महाद्वीपों के अन्तर्गत विश्व का लगभग 28% भाग आता है।

भौतिक दृष्टि से यूरोप को एशिया का ही एक भाग माना जा सकता है। एशिया और यूरोप के संयुक्त स्थल भाग को यूरेशिया कहा जाता है।

अफ्रीका और यूरोप को जिब्राल्टर जलसन्धि, बाब-अल-मन्देब तथा स्वेज नहर जैसे जलमार्ग अलग करते हैं।

अफ्रीका, यूरोप और एशिया चारों ओर से महासागरों द्वारा घिरे हुए हैं। ये महाद्वीप उत्तर में केप चेल्युस्किन से दक्षिण में केप ऑफ गुड होप तक विस्तृत माने गए हैं।

इन तीनों महाद्वीपों में विश्व की लगभग 75% जनसंख्या निवास करती है।

विश्व का सर्वोच्च शिखर माउंट एवरेस्ट तथा सबसे गहरा स्थल मृत सागर एशिया में स्थित हैं।

3. उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका

उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप अटलांटिक, प्रशांत और आर्कटिक महासागरों से घिरे हुए हैं।

दोनों अमेरिकी महाद्वीप पनामा नहर द्वारा विभक्त किए जाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका दोनों महाद्वीप दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित हैं।

ऑस्ट्रेलिया अटलांटिक, प्रशांत एवं हिन्द महासागरों से घिरा बताया गया है, जबकि अंटार्कटिका को छोड़कर यह सबसे विरल बस्ती वाला महाद्वीप माना गया है।

4. महाद्वीप स्थिर नहीं हैं

महाद्वीप सामान्य रूप से स्थिर दिखाई देते हैं, परन्तु वे वास्तविक रूप में गतिशील माने गए हैं।

महाद्वीप महासागरों की अपेक्षा हल्की चट्टानों से बने हैं, जो भारी समुद्री तलों के ऊपर तैरते हुए माने जाते हैं।

5. महाद्वीपीय प्रवाह की धारणा

कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार महाद्वीपों के खिसकने या प्रवाह ने पर्वतों की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अलग-अलग महाद्वीपों पर एक जैसे जीवों के अवशेष, समान प्रकार की चट्टानें और समान खनिजों की उपलब्धता इस बात की ओर संकेत करती है कि प्राचीन काल में ये भू-भाग एक-दूसरे से जुड़े रहे होंगे।

समुद्र के जल-स्तर में समय के साथ हुए परिवर्तन तथा अलग-अलग स्थल खण्डों में पर्वत श्रृंखलाओं की समानता भी इनके प्राचीन सम्बन्ध की ओर संकेत करती है।

महाद्वीपों का आकार एवं वितरण

पृथ्वी पर महाद्वीपों का आकार और विस्तार समान नहीं है। एशिया सबसे बड़ा तथा ऑस्ट्रेलिया सबसे छोटा महाद्वीप है।

एशिया, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका बड़े भू-भागों में आते हैं, जबकि यूरोप और ऑस्ट्रेलिया अपेक्षाकृत छोटे हैं। अंटार्कटिका विस्तृत होने के बावजूद स्थायी जनसंख्या की दृष्टि से लगभग निर्जन है।

परीक्षा में लिखने योग्य निष्कर्ष

पृथ्वी की सतह का लगभग 70.8% भाग जल और 29.2% भाग स्थल है। स्थल के विशाल भागों को महाद्वीप तथा जल के विशाल भण्डारों को महासागर कहा जाता है। पृथ्वी पर सामान्य रूप से सात महाद्वीप—एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया—माने जाते हैं। एशिया सबसे बड़ा तथा ऑस्ट्रेलिया सबसे छोटा महाद्वीप है। उत्तरी गोलार्द्ध में स्थल की अधिकता होने के कारण इसे महाद्वीपीय गोलार्द्ध तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में जल की अधिकता के कारण उसे महासागरीय गोलार्द्ध कहा जाता है।

परीक्षा उपयोगी सारांश
  • पृथ्वी का लगभग 70.8% भाग जल और 29.2% भाग स्थल है।
  • जल के विशाल भण्डार महासागर और स्थल के विशाल भाग महाद्वीप कहलाते हैं।
  • विश्व के लगभग 75% स्थल भाग विषुवत रेखा के उत्तर में स्थित हैं।
  • उत्तरी गोलार्द्ध को महाद्वीपीय गोलार्द्ध कहा जाता है।
  • दक्षिणी गोलार्द्ध में जल की अधिकता होने के कारण इसे महासागरीय गोलार्द्ध कहा जाता है।
  • सामान्य रूप से पृथ्वी पर सात महाद्वीप माने जाते हैं।
  • सात महाद्वीप—एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया हैं।
  • महाद्वीपों की औसत ऊँचाई लगभग 640 मीटर है।
  • एशिया विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है।
  • ऑस्ट्रेलिया विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप है।
  • एशिया और यूरोप के संयुक्त भू-भाग को यूरेशिया कहा जाता है।
  • एशिया, यूरोप और अफ्रीका में विश्व की लगभग 75% जनसंख्या निवास करती है।
  • विश्व का सर्वोच्च शिखर माउंट एवरेस्ट एशिया में स्थित है।
  • उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका पनामा नहर द्वारा अलग किए जाते हैं।
  • अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित हैं।
  • महाद्वीप स्थिर दिखाई देते हैं, परन्तु भूवैज्ञानिक दृष्टि से गतिशील माने गए हैं।

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Topic 2 एशिया महाद्वीप

एशिया महाद्वीप

एशिया महाद्वीप का परिचय

एशिया विश्व का सबसे बड़ा तथा सर्वाधिक जनसंख्या वाला महाद्वीप है। यह मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है तथा पश्चिम में यूरोप महाद्वीप से जुड़ा हुआ है।

एशिया का क्षेत्रफल लगभग 4,46,79,000 वर्ग कि.मी. बताया गया है। यह विश्व के भू-क्षेत्र के लगभग 30% भाग में फैला हुआ है।

‘एशिया’ शब्द की उत्पत्ति हिन्दू भाषा के ‘आसु’ शब्द से मानी गई है, जिसका अर्थ ‘उदित सूर्य’ है।

एशिया की सीमाएँ

दिशा सीमा
उत्तर आर्कटिक सागर
दक्षिण हिन्द महासागर
पूर्व प्रशांत महासागर
पश्चिम यूराल पर्वत

जनसंख्या की दृष्टि से एशिया

एशिया विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला महाद्वीप है। विश्व की लगभग 60% जनसंख्या इसी महाद्वीप में निवास करती है।

  • विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश चीन एशिया में स्थित है।
  • सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला देश मकाऊ बताया गया है।
  • एशिया का सबसे अधिक घनी आबादी वाला द्वीप जावा है।

एशिया की प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ

एशिया में विश्व की कई विशाल पर्वत श्रेणियाँ, पठार, मरुस्थल, नदियाँ, झीलें, प्रायद्वीप और समुद्र पाए जाते हैं।

विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट एशिया में स्थित है, जिसकी ऊँचाई लगभग 8848 मीटर दी गई है।

पामीर का पठार लगभग 5000 मीटर की औसत ऊँचाई पर स्थित है और इसे विश्व की छत भी कहा जाता है।

एशिया के प्रमुख मरुस्थल

एशिया में कई विशाल मरुस्थल पाए जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

  • गोबी मरुस्थल
  • तकला मकान मरुस्थल

एशिया के प्रमुख बन्दरगाह

एशिया के प्रमुख बन्दरगाहों में निम्नलिखित शामिल हैं—

  • कोलकाता
  • मुम्बई
  • चेन्नई
  • मनीला
  • बैंकॉक
  • हांगकांग
  • सिंगापुर
  • योकोहामा
  • कोलम्बो
  • बसरा
  • शंघाई
  • एडन

एशिया महाद्वीप के प्रमुख तथ्य

1. जनसंख्या एवं क्षेत्रफल
  • विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश चीन एशिया में स्थित है।
  • सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला देश मकाऊ है।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से एशिया का सबसे बड़ा देश चीन बताया गया है।
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से एशिया का सबसे छोटा देश मालदीव है।
2. एशिया की सबसे लम्बी नदी

एशिया की सबसे लम्बी नदी यांग्त्सी है।

3. विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त

फिलीपीन्स द्वीप समूह के पास प्रशांत महासागर में स्थित मेरियाना गर्त विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त है। इसकी गहराई लगभग 11,033 मीटर बताई गई है।

एशिया के प्रमुख प्रायद्वीप

भूमि के ऐसे भाग जिनकी तीन ओर जल और एक ओर स्थल होता है तथा जो मुख्य भूमि से जुड़े रहते हैं, प्रायद्वीप कहलाते हैं।

एशिया के प्रमुख प्रायद्वीप हैं—

  1. अरब का प्रायद्वीप — विश्व का सबसे बड़ा प्रायद्वीप, क्षेत्रफल लगभग 32,50,000 वर्ग कि.मी.
  2. दक्कन का प्रायद्वीप
  3. इण्डोचीन का प्रायद्वीप

एशिया के प्रमुख प्रदेश

एशिया महाद्वीप को विभिन्न भौगोलिक प्रदेशों में बाँटा जाता है—

  • दक्षिण-पश्चिम एशिया
  • दक्षिण एशिया
  • दक्षिण-पूर्वी एशिया
  • पूर्वी एशिया
  • मध्य एशिया

एशिया के प्रमुख सागर

  • बेरिंग सागर
  • जापान सागर
  • ओखोटस्क सागर
  • लाल सागर
  • कैस्पियन सागर
  • काला सागर
  • पूर्वी चीन सागर
  • दक्षिणी चीन सागर
  • सुण्डा सागर
  • मरमरा सागर

एशिया की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ

एशिया की प्रमुख पर्वत श्रेणियों और पर्वतीय क्षेत्रों में निम्नलिखित का उल्लेख किया गया है—

  • हिमालय
  • काराकोरम
  • अक्साई चीन
  • खिंगान
  • थ्यानसान
  • अल्ताई

मासिनराम—अत्यधिक वर्षा वाला क्षेत्र

एशिया महाद्वीप में विश्व का सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र मासिनराम मेघालय, भारत में स्थित है।

ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग

एशिया का सबसे लम्बा रेलमार्ग ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग है। इसकी लम्बाई लगभग 9,289 कि.मी. बताई गई है।

यह रेलमार्ग मास्को से व्लादिवोस्तोक तक जाता है और लगभग 87 शहरों से होकर गुजरता है।

एशिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन बीजिंग, चीन में बताया गया है।

बरखोयांस्क—शीत ध्रुव

एशिया में स्थित बरखोयांस्क को पृथ्वी का शीत ध्रुव अर्थात अत्यन्त ठंडा स्थान कहा गया है।

एशिया की प्रमुख झीलें

कैस्पियन सागर

विश्व की सबसे बड़ी झील कैस्पियन सागर एशिया महाद्वीप में स्थित है।

पैंगांग झील

एशिया में विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित खारे पानी की झील पैंगांग झील बताई गई है। यह लद्दाख और तिब्बत में लगभग 4,267 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

बैकाल झील

विश्व की सबसे गहरी झील बैकाल झील एशिया में स्थित है। इसकी गहराई धरातल से लगभग 1640 मीटर तथा समुद्र तल से लगभग 1485 मीटर नीचे बताई गई है।

एशिया की प्रमुख खाड़ियाँ

एशिया की प्रमुख खाड़ियों में निम्नलिखित का उल्लेख किया गया है—

  • बंगाल की खाड़ी
  • कच्छ की खाड़ी
  • खम्भात की खाड़ी
  • टोंकिन की खाड़ी
  • अदन की खाड़ी

मत्स्य उत्पादन

एशिया महाद्वीप में स्थित चीन विश्व का सर्वाधिक मछली पकड़ने वाला देश बताया गया है।

प्राकृतिक रबड़ उत्पादन

विश्व में सर्वाधिक प्राकृतिक रबड़ उत्पादित करने वाला देश इण्डोनेशिया बताया गया है।

एशिया महाद्वीप की स्थिति सीमाएँ पर्वत नदियाँ प्रायद्वीप और प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ
एशिया महाद्वीप की स्थिति, सीमाएँ तथा प्रमुख पर्वत, नदी, प्रायद्वीप, मरुस्थल और झीलें
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • एशिया विश्व का सबसे बड़ा और सर्वाधिक जनसंख्या वाला महाद्वीप है।
  • एशिया मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।
  • विश्व के भू-क्षेत्र का लगभग 30% भाग एशिया में है।
  • विश्व की लगभग 60% जनसंख्या एशिया में निवास करती है।
  • एशिया के उत्तर में आर्कटिक सागर, दक्षिण में हिन्द महासागर, पूर्व में प्रशांत महासागर और पश्चिम में यूराल पर्वत है।
  • एशिया की सबसे लम्बी नदी यांग्त्सी है।
  • माउंट एवरेस्ट एशिया में स्थित विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है।
  • पामीर के पठार को विश्व की छत कहा जाता है।
  • विश्व का सबसे बड़ा प्रायद्वीप अरब का प्रायद्वीप है।
  • मेरियाना गर्त विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त है।
  • मासिनराम, मेघालय विश्व के सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बताया गया है।
  • ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग एशिया का सबसे लम्बा रेलमार्ग है।
  • बरखोयांस्क को पृथ्वी का शीत ध्रुव कहा गया है।
  • कैस्पियन सागर विश्व की सबसे बड़ी झील है।
  • बैकाल झील विश्व की सबसे गहरी झील है।
  • पैंगांग झील ऊँचाई पर स्थित खारे पानी की प्रमुख झील है।
  • चीन को सर्वाधिक मछली पकड़ने वाला देश बताया गया है।
  • इण्डोनेशिया को सर्वाधिक प्राकृतिक रबड़ उत्पादित करने वाला देश बताया गया है।
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Topic 3 अफ्रीका महाद्वीप

अफ्रीका महाद्वीप

अफ्रीका महाद्वीप का परिचय

अफ्रीका विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह विषुवत रेखा के दोनों ओर फैला हुआ है। इसका नाम अफ्रीका की एक बरबर जनजाति ‘आफ्री’ के नाम पर रखा गया है।

अफ्रीका का कुल क्षेत्रफल लगभग 3,03,70,000 वर्ग कि.मी. है, जो विश्व के भू-क्षेत्र का लगभग 21% है। इस महाद्वीप में लगभग 54 देश स्थित हैं।

अफ्रीका की स्थिति एवं सीमाएँ

दिशा प्रमुख भौगोलिक सीमा
पूर्व एशिया, लाल सागर और हिन्द महासागर
उत्तर भूमध्य सागर और यूरोप
पश्चिम अटलांटिक महासागर

स्वेज नहर, स्वेज की खाड़ी और लाल सागर अफ्रीका तथा एशिया के मध्य सीमा बनाते हैं, जबकि जिब्राल्टर जलसन्धि अफ्रीका को यूरोप से अलग करती है।

अफ्रीका—काला या अन्ध महाद्वीप

सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से अन्य महाद्वीपों की तुलना में पिछड़ा होने के कारण अफ्रीका को काला या अन्ध महाद्वीप कहा गया है।

अफ्रीका की प्रमुख पर्वत श्रेणी

अफ्रीका महाद्वीप में एटलस पर्वत श्रेणी स्थित है।

अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट किलिमंजारो है, जिसकी ऊँचाई लगभग 5895 मीटर है। यह एक ज्वालामुखीय पर्वत है।

अफ्रीका की प्रमुख नदियाँ

अफ्रीका में अनेक विशाल नदियाँ बहती हैं। इनमें प्रमुख हैं—

  • नील नदी
  • कांगो नदी
  • नाइजर नदी
  • जैम्बेजी नदी
  • लिम्पोपो नदी
नील नदी

नील नदी विश्व की सबसे लम्बी नदी बताई गई है और यह अफ्रीका महाद्वीप में बहती है।

कांगो नदी

कांगो नदी की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह विषुवत रेखा को दो बार काटती है

लिम्पोपो नदी

लिम्पोपो नदी मकर रेखा को दो बार काटती है।

स्वेज नहर

मिस्र में स्थित स्वेज नहर लाल सागर को भूमध्य सागर से मिलाती है।

इस नहर का निर्माण 1869 में किया गया। इसके निर्माण से यूरोप से भारत आने की समुद्री दूरी में लगभग 7000 कि.मी. की बचत होती है।

अफ्रीका के प्रमुख मरुस्थल

अफ्रीका में विश्व का विशाल सहारा मरुस्थल स्थित है। इसका क्षेत्रफल लगभग 84,00,000 वर्ग कि.मी. बताया गया है।

अफ्रीका में विश्व का सर्वाधिक गर्म स्थल अल-अजीजिया, लीबिया स्थित है।

अफ्रीका की प्रमुख आदिम जनजातियाँ

अफ्रीका में अनेक प्रमुख जनजातियाँ निवास करती हैं, जिनमें—

  • बुशमैन — कालाहारी क्षेत्र
  • पिग्मी — कांगो बेसिन
  • बद्दू — सहारा मरुस्थल

विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

अफ्रीका के प्रमुख खनिज एवं उत्पादन क्षेत्र

कोको उत्पादन

अफ्रीका का आइवरी कोस्ट विश्व में सर्वाधिक कोको उत्पादक देश बताया गया है।

बाक्साइट

अफ्रीका में गिनी सर्वाधिक बाक्साइट उत्खनित करने वाला देश है और इसका विश्व में द्वितीय स्थान बताया गया है।

हीरे की खान

दक्षिण अफ्रीका में स्थित किम्बर्ली खान विश्व की सबसे बड़ी हीरे की खान बताई गई है।

स्वर्ण उत्पादन

अफ्रीका का जोहान्सबर्ग नगर विश्व के प्रमुख स्वर्ण उत्पादक नगरों में से एक है।

अफ्रीका के प्रमुख बन्दरगाह

अफ्रीका के प्रमुख बन्दरगाहों में निम्नलिखित शामिल हैं—

  • काहिरा
  • किन्दरिया
  • त्रिपोली
  • अल्जीरियर्स
  • डकार
  • लागोस
  • दार-एस-सलाम
  • लुआण्डा
  • केप टाउन
  • पोर्ट एलिजाबेथ
  • डरबन
  • मापुटो
  • बीरा
  • मोम्बासा
  • पोर्ट सूडान
  • मोगादिशु
  • मेसावा

ट्रांसवाल क्षेत्र

अफ्रीका का ट्रांसवाल क्षेत्र जेब्रा और जिराफ जैसे वन्य जीवों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

सवाना एवं वेल्ड्स घास के मैदान

अफ्रीका के उष्ण घास के मैदानों को सवाना कहा जाता है।

शीतोष्ण घास के मैदानों को वेल्ड्स कहते हैं।

अफ्रीका का सबसे लम्बा रेलमार्ग

अफ्रीका का सबसे लम्बा रेलमार्ग केप-काहिरा रेलमार्ग है। यह दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन नगर से मिस्र के काहिरा नगर तक जाता है।

महान भ्रंश घाटी

अफ्रीका की सबसे महत्वपूर्ण स्थलाकृतिक विशेषताओं में महान भ्रंश घाटी शामिल है।

यह पृथ्वी की परिधि के लगभग 1/6 भाग में फैली हुई बताई गई है।

अफ्रीका महाद्वीप की स्थिति पर्वत नदियाँ सहारा मरुस्थल स्वेज नहर और महान भ्रंश घाटी
अफ्रीका महाद्वीप की स्थिति तथा प्रमुख पर्वत, नदियाँ, मरुस्थल, स्वेज नहर और महान भ्रंश घाटी

विक्टोरिया झील

विश्व प्रसिद्ध विक्टोरिया झील अफ्रीका महाद्वीप में स्थित है।

अफ्रीका के प्रमुख तथ्य—एक नजर में

तथ्य उत्तर
विश्व में आकार की दृष्टि से स्थान दूसरा
क्षेत्रफल लगभग 3,03,70,000 वर्ग कि.मी.
देशों की संख्या 54
सर्वोच्च चोटी माउण्ट किलिमंजारो — 5895 मीटर
सबसे लम्बी नदी नील
विशाल मरुस्थल सहारा
सबसे गर्म स्थल अल-अजीजिया, लीबिया
सबसे बड़ी हीरे की खान किम्बर्ली खान
प्रमुख स्थलाकृतिक विशेषता महान भ्रंश घाटी
सबसे लम्बा रेलमार्ग केप-काहिरा रेलमार्ग
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • अफ्रीका विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
  • अफ्रीका विषुवत रेखा के दोनों ओर फैला हुआ है।
  • इसका क्षेत्रफल लगभग 3,03,70,000 वर्ग कि.मी. तथा विश्व के भू-क्षेत्र का लगभग 21% है।
  • अफ्रीका में 54 देश स्थित हैं।
  • स्वेज नहर, स्वेज की खाड़ी और लाल सागर अफ्रीका तथा एशिया के मध्य सीमा बनाते हैं।
  • जिब्राल्टर जलसन्धि अफ्रीका को यूरोप से अलग करती है।
  • अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट किलिमंजारो है, जिसकी ऊँचाई 5895 मीटर है।
  • नील नदी विश्व की सबसे लम्बी नदी बताई गई है।
  • कांगो नदी विषुवत रेखा को दो बार काटती है।
  • लिम्पोपो नदी मकर रेखा को दो बार काटती है।
  • स्वेज नहर लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है और इसका निर्माण 1869 में हुआ।
  • सहारा अफ्रीका का विशाल मरुस्थल है।
  • अल-अजीजिया, लीबिया को विश्व का सर्वाधिक गर्म स्थल बताया गया है।
  • किम्बर्ली खान विश्व की सबसे बड़ी हीरे की खान बताई गई है।
  • जोहान्सबर्ग प्रमुख स्वर्ण उत्पादक नगर है।
  • उष्ण घास के मैदान सवाना और शीतोष्ण घास के मैदान वेल्ड्स कहलाते हैं।
  • केप-काहिरा रेलमार्ग अफ्रीका का सबसे लम्बा रेलमार्ग है।
  • महान भ्रंश घाटी अफ्रीका की प्रमुख स्थलाकृतिक विशेषता है।
  • विक्टोरिया झील अफ्रीका महाद्वीप में स्थित है।

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Topic 4 उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका

उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका

उत्तरी अमेरिका महाद्वीप

उत्तरी अमेरिका विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है। इसका क्षेत्रफल लगभग 2,44,90,000 वर्ग कि.मी. है, जो पृथ्वी के भू-क्षेत्र का लगभग 16.22% है।

इसका समुद्री तट लगभग 75,000 कि.मी. लम्बा बताया गया है। इस महाद्वीप में लगभग 29 देश स्थित हैं।

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ

  • सबसे बड़ा प्रायद्वीप — लैब्राडोर प्रायद्वीप
  • सर्वोच्च पर्वत शिखर — माउण्ट मैकिनले, लगभग 6194 मीटर
  • प्रमुख पर्वत श्रेणी — अलास्का श्रेणी
  • सबसे प्राचीन भू-भाग — लारेन्शियन पठार

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख नदियाँ

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख नदियों में निम्नलिखित शामिल हैं—

  • मिसीसिपी
  • मिसौरी
  • सेंट लॉरेन्स
  • मैकेंजी

उत्तरी अमेरिका की खोज एवं नामकरण

उत्तरी अमेरिका की खोज 1492 ई. में कोलम्बस द्वारा की गई बताई गई है।

इस महाद्वीप का नाम अमेरिगो वेस्पूची नामक यात्री के नाम पर पड़ा।

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख झीलें

उत्तरी अमेरिका में विश्व प्रसिद्ध पाँच महान झीलें स्थित हैं—

  1. सुपीरियर
  2. मिशिगन
  3. ह्यूरन
  4. ईरी
  5. ओण्टेरियो

विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा जलप्रपात ईरी और ओण्टेरियो झीलों के बीच स्थित है।

पनामा नहर

पनामा नहर उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका को जोड़ती है। इसके दो प्रमुख बन्दरगाह कोलोन और पनामा हैं।

पनामा स्थल-सन्धि द्वारा उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका से अलग होता है।

उत्तरी अमेरिका की सीमाएँ

दिशा महासागर
पश्चिम प्रशांत महासागर
पूर्व अटलांटिक महासागर
उत्तर आर्कटिक महासागर

उत्तरी अमेरिका एशिया से बेरिंग जलसन्धि द्वारा अलग होता है।

उत्तरी अमेरिका की अक्षांशीय एवं देशांतरीय विशेषताएँ

  • लगभग 100° पश्चिमी देशांतर इस महाद्वीप के मध्य से गुजरता है।
  • आर्कटिक वृत्त इस महाद्वीप से होकर गुजरता है।
  • कर्क रेखा भी उत्तरी अमेरिका से होकर गुजरती है।

एप्लेशियन पर्वत

उत्तरी अमेरिका के पूर्वी भाग में एप्लेशियन पर्वत स्थित है।

उत्तरी अमेरिका के प्रमुख आर्थिक तथ्य

  • संयुक्त राज्य अमेरिका को विश्व का सर्वाधिक सोयाबीन उत्पादक देश बताया गया है।
  • मेक्सिको को विश्व में सर्वाधिक चाँदी उत्खनित करने वाला देश बताया गया है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका को विश्व का सर्वाधिक मक्का उत्पादित करने वाला देश बताया गया है।
  • कनाडा का मॉन्ट्रियल कागज उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
  • कनाडा को विश्व में सर्वाधिक कागज उत्पादित करने वाला देश भी बताया गया है।

उत्तरी अमेरिका के प्रमुख रेलमार्ग एवं औद्योगिक केन्द्र

उत्तरी अमेरिका के दो प्रमुख रेलमार्ग हैं—

  • कैनेडियन पैसिफिक रेलमार्ग
  • यूनियन पैसिफिक रेलमार्ग

संयुक्त राज्य अमेरिका का डेट्रायट कार उद्योग का प्रमुख केन्द्र है।

न्यूयॉर्क स्थित ग्रैंड सेन्ट्रल को विश्व का सबसे बड़ा स्टेशन बताया गया है।

प्रमुख बन्दरगाह एवं तकनीकी क्षेत्र

न्यूयॉर्क को विश्व का सबसे बड़ा बन्दरगाह बताया गया है।

विश्व प्रसिद्ध सिलिकॉन घाटी कैलिफोर्निया में स्थित है।

ग्रीनलैंड

उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पूर्वी भाग में ग्रीनलैंड द्वीप स्थित है, जिस पर डेनमार्क का अधिकार बताया गया है।

प्रेयरी घास के मैदान

उत्तरी अमेरिका के शीतोष्ण घास के मैदानों को प्रेयरी कहा जाता है।

उत्तरी अमेरिका के पर्वत नदियाँ महान झीलें पनामा नहर और प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ
उत्तरी अमेरिका की स्थिति तथा प्रमुख पर्वत, नदियाँ, महान झीलें और पनामा नहर

दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप

दक्षिणी अमेरिका विश्व का चौथा सबसे बड़ा महाद्वीप है। इसका क्षेत्रफल लगभग 1,78,40,000 वर्ग कि.मी. है और इसमें लगभग 15 देश स्थित हैं।

दक्षिणी अमेरिका का अधिकांश भाग दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है।

दक्षिणी अमेरिका की खोज

क्रिस्टोफर कोलम्बस ने अपने तीसरे अभियान 1498–1500 के दौरान दक्षिणी अमेरिका में ओरिनोको नदी के मुहाने पर पहुँचकर इसकी खोज की।

इस महाद्वीप की समुद्री तटरेखा लगभग 28,700 कि.मी. लम्बी बताई गई है।

दक्षिणी अमेरिका का सर्वोच्च पर्वत शिखर

दक्षिणी अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट एकांकागुआ है, जिसकी ऊँचाई लगभग 6959 मीटर है।

यह एंडीज पर्वतमाला के दक्षिणी भाग में स्थित है।

एंडीज पर्वतमाला

दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी भाग में एंडीज पर्वतमाला उत्तर से दक्षिण दिशा में फैली हुई है।

इसे संसार की सबसे लम्बी पर्वतमाला बताया गया है।

दक्षिणी अमेरिका की जलवायु एवं वनस्पति

दक्षिणी अमेरिका की जलवायु मुख्यतः उष्णकटिबंधीय है। यहाँ घने वन पाए जाते हैं।

अमेजन क्षेत्र में रबड़, महोगनी, सिनकोना, ताड़, ब्राजील नट तथा अन्य अनेक प्रकार की वनस्पतियाँ मिलती हैं।

अमेजन नदी एवं अमेजन बेसिन

ब्राजील में बहने वाली अमेजन नदी विश्व में अपवाह क्षेत्र की दृष्टि से प्रथम स्थान पर बताई गई है।

अमेजन बेसिन में संसार का विशाल वर्षा वन पाया जाता है।

दक्षिणी अमेरिका के उष्ण आर्द्र वनों को सेल्वास कहा जाता है।

दक्षिणी अमेरिका के प्रमुख नदी बेसिन

दक्षिणी अमेरिका में तीन प्रमुख नदी बेसिन बताए गए हैं—

  1. अमेजन बेसिन
  2. ओरिनोको बेसिन
  3. पराना-पराग्वे बेसिन

एंजिल जलप्रपात

वेनेजुएला में स्थित एंजिल जलप्रपात को विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात बताया गया है।

अटाकामा मरुस्थल एवं पेटागोनिया

दक्षिणी अमेरिका के चिली में इस महाद्वीप का शुष्कतम भाग अटाकामा मरुस्थल स्थित है।

इसके अतिरिक्त पेटागोनिया का क्षेत्र भी दक्षिणी अमेरिका की प्रमुख भौगोलिक विशेषताओं में शामिल है।

पम्पास घास के मैदान

अर्जेंटीना में स्थित शीतोष्ण घास के मैदानों को पम्पास कहा जाता है।

लानोस एवं कैम्पोज

दक्षिणी अमेरिका में सवाना प्रकार के घास के मैदान पाए जाते हैं—

  • वेनेजुएला में — लानोस
  • ब्राजील में — कैम्पोज

विश्व का ऊँचा ज्वालामुखी

चिली और अर्जेंटीना की सीमा पर ओजोस-डेल-सलाडो स्थित है, जिसकी ऊँचाई लगभग 6885 मीटर बताई गई है।

लापाज

बोलिविया की राजधानी लापाज समुद्र तल से लगभग 3685 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और इसे विश्व में अत्यधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी बताया गया है।

दक्षिणी अमेरिका का सबसे बड़ा नगर

दक्षिणी अमेरिका का सबसे बड़ा नगर रियो-डी-जेनेरियो, ब्राजील बताया गया है।

दक्षिणी अमेरिका के प्रमुख बन्दरगाह

दक्षिणी अमेरिका के प्रमुख बन्दरगाहों में—

  • रियो-डी-जेनेरियो
  • ब्यूनस आयर्स
  • सेंटियागो
  • साओलुइस

शामिल हैं।

दक्षिणी अमेरिका के प्रमुख कृषि उत्पाद

कॉफी

ब्राजील को कॉफी उत्पादन में सबसे अग्रणी देश बताया गया है। कॉफी उत्पादन करने वाले बड़े बागानों को फैजेंडास कहा जाता है।

कोको

दक्षिणी अमेरिका में ब्राजील को सर्वाधिक कोको उत्पादक देश बताया गया है तथा विश्व में इसका दूसरा स्थान दिया गया है।

सोयाबीन

ब्राजील को दक्षिणी अमेरिका का सर्वाधिक सोयाबीन उत्पादक देश बताया गया है तथा विश्व में इसका तीसरा स्थान दिया गया है।

ट्रांस एंडियन रेलमार्ग

दक्षिणी अमेरिका का सबसे लम्बा रेलमार्ग ट्रांस एंडियन रेलमार्ग बताया गया है।

यह चिली के वालपेराइजो से अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स तक जाता है।

लैटिन अमेरिका

दक्षिणी अमेरिका, मध्य अमेरिका, मेक्सिको और वेस्टइंडीज को मिलाकर लैटिन अमेरिका कहा जाता है।

स्पेनिश, पुर्तगाली, फ्रांसीसी और इतालवी जैसी यूरोपीय भाषाओं का विकास लैटिन भाषा से हुआ बताया गया है।

दक्षिणी अमेरिका की एंडीज पर्वतमाला अमेजन नदी अटाकामा मरुस्थल और प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ
दक्षिणी अमेरिका की स्थिति तथा एंडीज पर्वतमाला, अमेजन नदी, अटाकामा मरुस्थल और प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र

उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका की तुलना

आधार उत्तरी अमेरिका दक्षिणी अमेरिका
विश्व में आकार का स्थान तीसरा चौथा
क्षेत्रफल 2,44,90,000 वर्ग कि.मी. 1,78,40,000 वर्ग कि.मी.
प्रमुख पर्वतीय क्षेत्र अलास्का, एप्लेशियन एंडीज
प्रमुख नदी मिसीसिपी-मिसौरी अमेजन
प्रमुख घास का मैदान प्रेयरी पम्पास
प्रमुख जलप्रपात नियाग्रा एंजिल
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • उत्तरी अमेरिका विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
  • उत्तरी अमेरिका का क्षेत्रफल लगभग 2,44,90,000 वर्ग कि.मी. है।
  • लैब्राडोर उत्तरी अमेरिका का सबसे बड़ा प्रायद्वीप है।
  • माउण्ट मैकिनले इसकी सर्वोच्च पर्वत चोटी बताई गई है।
  • उत्तरी अमेरिका की प्रमुख नदियाँ मिसीसिपी, मिसौरी, सेंट लॉरेन्स और मैकेंजी हैं।
  • उत्तरी अमेरिका की पाँच महान झीलें सुपीरियर, मिशिगन, ह्यूरन, ईरी और ओण्टेरियो हैं।
  • नियाग्रा जलप्रपात ईरी और ओण्टेरियो झीलों के बीच स्थित है।
  • पनामा नहर उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका को जोड़ती है।
  • बेरिंग जलसन्धि उत्तरी अमेरिका को एशिया से अलग करती है।
  • उत्तरी अमेरिका के शीतोष्ण घास के मैदान प्रेयरी कहलाते हैं।
  • दक्षिणी अमेरिका विश्व का चौथा सबसे बड़ा महाद्वीप है।
  • दक्षिणी अमेरिका का क्षेत्रफल लगभग 1,78,40,000 वर्ग कि.मी. है।
  • माउण्ट एकांकागुआ दक्षिणी अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी है।
  • एंडीज संसार की सबसे लम्बी पर्वतमाला बताई गई है।
  • अमेजन नदी विश्व में अपवाह क्षेत्र की दृष्टि से प्रथम स्थान पर है।
  • एंजिल जलप्रपात वेनेजुएला में स्थित विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात बताया गया है।
  • अटाकामा दक्षिणी अमेरिका का शुष्कतम मरुस्थलीय क्षेत्र है।
  • अर्जेंटीना के शीतोष्ण घास के मैदान पम्पास कहलाते हैं।
  • वेनेजुएला में लानोस और ब्राजील में कैम्पोज घास के मैदान पाए जाते हैं।
  • ब्राजील कॉफी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और बड़े कॉफी बागानों को फैजेंडास कहा जाता है।
  • ट्रांस एंडियन रेलमार्ग वालपेराइजो से ब्यूनस आयर्स तक जाता है।
Topic 5 अंटार्कटिका, यूरोप एवं ऑस्ट्रेलिया

अंटार्कटिका, यूरोप एवं ऑस्ट्रेलिया

अंटार्कटिका महाद्वीप

अंटार्कटिका महाद्वीप दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणी ध्रुव के समीप स्थित है। यह सदैव मोटी बर्फ की सफेद चादर से ढका रहता है।

अत्यधिक ठंड और बर्फ के कारण यहाँ सामान्य मानव निवास कठिन है, फिर भी अनेक देशों ने वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए शोध केन्द्र स्थापित किए हैं।

भारत के अनुसंधान केन्द्र

भारत ने भी अंटार्कटिका में अपने शोध केन्द्र स्थापित किए हैं। प्रमुख भारतीय केन्द्र हैं—

  • दक्षिणी गंगोत्री
  • मैत्री
  • भारती

अंटार्कटिका का क्षेत्रफल एवं स्थिति

अंटार्कटिका का क्षेत्रफल लगभग 1,37,20,000 वर्ग कि.मी. है। यह दक्षिणी गोलार्द्ध में विस्तृत एक विशाल बर्फीला महाद्वीप है।

इसके चारों ओर दक्षिणी महासागर फैला हुआ है।

माउण्ट एरेबस

अंटार्कटिका में एक प्रमुख ज्वालामुखीय पर्वत शिखर माउण्ट एरेबस स्थित है।

अंटार्कटिका की प्राकृतिक विशेषताएँ

अंटार्कटिका का अधिकांश भाग बंजर और अत्यधिक ठंडा मरुस्थल है। यहाँ बर्फ के विशाल क्षेत्र पाए जाते हैं।

इस क्षेत्र में प्रमुख रूप से—

  • पेंग्विन
  • समुद्री पक्षी
  • सील
  • व्हेल

पाए जाते हैं।

इसके समुद्री क्षेत्र में केल्प नामक बड़ी समुद्री घास तथा अनेक छोटी मछलियाँ भी पाई जाती हैं।

अंटार्कटिका महाद्वीप दक्षिणी ध्रुव माउण्ट एरेबस और भारतीय अनुसंधान केन्द्र
अंटार्कटिका की स्थिति, दक्षिणी ध्रुव, माउण्ट एरेबस तथा प्रमुख भारतीय अनुसंधान केन्द्र

यूरोप महाद्वीप

यूरोप, एशिया महाद्वीप के पश्चिमी भाग में उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित एक विशाल प्रायद्वीपीय भू-भाग है।

यूरोप का नाम ‘एरेब’ शब्द से लिया गया बताया गया है, जिसका अर्थ सूर्यास्त होता है।

यूरोप का क्षेत्रफल लगभग 1,01,80,000 वर्ग कि.मी. है और इसमें लगभग 46 देश स्थित हैं।

यूरोप का स्थल भाग एशिया से जुड़ा हुआ है। इसी कारण एशिया और यूरोप के संयुक्त स्थल भाग को यूरेशिया कहा जाता है।

यूरोप—प्रायद्वीपों का देश

यूरोप तीन ओर से जल से घिरा हुआ है और इसकी समुद्री तटरेखा बहुत कटी-फटी है। इसलिए इसे प्रायद्वीपों का देश भी कहा जाता है।

यूरोप की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ

  • आल्प्स
  • यूराल
  • ब्लैक फॉरेस्ट पर्वतीय क्षेत्र

यूरोप का सर्वोच्च शिखर

यूरोप का सर्वोच्च शिखर माउण्ट एल्ब्रुस है। इसकी ऊँचाई लगभग 5642 मीटर है और यह रूस में काकेशस पर्वतमाला में स्थित है।

यूरोप की प्रमुख नदियाँ

  • डेन्यूब
  • वोल्गा
  • टेम्स
  • सीन

डेन्यूब नदी के तट पर बुडापेस्ट, बुखारेस्ट, बेलग्रेड तथा वियना जैसे प्रमुख नगरों का उल्लेख किया गया है।

राइन नदी का जलमार्ग

राइन नदी का जलमार्ग यूरोप का सर्वाधिक व्यस्त अन्तःस्थलीय जलमार्ग है।

यूरोप के प्रमुख खनिज तेल उत्पादक देश

प्रमुख खनिज तेल उत्पादक देशों में—

  • फ्रांस
  • ऑस्ट्रिया
  • रूमानिया
  • पोलैण्ड
  • हंगरी

का उल्लेख किया गया है।

ओरिएण्ट रेलमार्ग

यूरोप का महत्वपूर्ण ओरिएण्ट रेलमार्ग फ्रांस के पेरिस नगर से तुर्की के कुस्तुनतुनिया नगर तक जाता है।

पेरिस नगर

फ्रांस की राजधानी पेरिस सीन नदी के तट पर स्थित है। इसे विश्व के सुन्दर नगरों में से एक माना गया है और इसे फैशन की नगरी भी कहा जाता है।

यूरोप के घास के मैदान

यूरोप में शीतोष्ण घास के मैदान पाए जाते हैं, जिन्हें प्रेयरी कहा गया है।

रूस

क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा देश रूस यूरोप महाद्वीप में स्थित है।

भूमध्य एवं काला सागर क्षेत्र

यूरोप में काला सागर तथा भूमध्य सागर के तट पर यूगोस्लाविया, ग्रीस, रूमानिया और अल्बानिया जैसे देशों का उल्लेख मिलता है।

कोणधारी वन

यूरोप के नार्वे, स्वीडन और फिनलैण्ड तथा साइबेरिया के क्षेत्रों में विश्व के प्रमुख कोणधारी वन पाए जाते हैं।

कृषि उत्पादन

  • इटली को विश्व का सर्वाधिक अंगूर उत्पादक देश बताया गया है।
  • यूरोप के प्रमुख गेहूँ उत्पादक देशों में जर्मनी और फ्रांस का प्रमुख स्थान है।
  • विश्व का बहुत अधिक जई उत्पादन यूरोप से प्राप्त होता है।

यूनाइटेड किंगडम

ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैण्ड के उत्तरी भाग के सम्मिलित रूप को संयुक्त राज्य या यूनाइटेड किंगडम कहा जाता है।

इंग्लिश चैनल फ्रांस को यूनाइटेड किंगडम से अलग करता है।

यूरोप की सीमाएँ

दिशा प्रमुख सीमा
उत्तर बैरेंट सागर
पश्चिम अटलांटिक महासागर
पूर्व यूराल पर्वत

स्विट्जरलैण्ड

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल स्विट्जरलैण्ड यूरोप महाद्वीप में स्थित है।

यूरोप महाद्वीप के आल्प्स यूराल माउण्ट एल्ब्रुस और प्रमुख नदियाँ
यूरोप की स्थिति तथा प्रमुख पर्वत, नदियाँ और आसपास के सागर

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप

ऑस्ट्रेलिया पृथ्वी का सबसे छोटा तथा सबसे कम जनसंख्या वाला महाद्वीप है।

‘ऑस्ट्रेलिया’ नाम ऑस्ट्रेलिस शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ दक्षिण होता है।

ऑस्ट्रेलिया की खोज का श्रेय जेम्स कुक को दिया गया है, जिन्होंने 1770 ई. में इसकी खोज की।

सन् 1788 में यहाँ ब्रिटिश उपनिवेश की स्थापना हुई।

ऑस्ट्रेलिया का क्षेत्रफल एवं देश

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का क्षेत्रफल लगभग 90,08,500 वर्ग कि.मी. है।

इसके अन्तर्गत मुख्यतः तीन देशों का उल्लेख किया गया है—

  1. ऑस्ट्रेलिया
  2. पापुआ न्यू गिनी
  3. न्यूजीलैण्ड

ऑस्ट्रेलिया की स्थिति

ऑस्ट्रेलिया पूर्णतः दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है। मकर रेखा इसके मध्य भाग से होकर गुजरती है।

यह प्रशांत महासागर तथा हिन्द महासागर से घिरा हुआ है।

ऑस्ट्रेलिया की जलवायु

ऑस्ट्रेलिया के लगभग 2/5 भाग की जलवायु उष्णकटिबंधीय तथा लगभग 3/5 भाग की जलवायु शीतोष्ण क्षेत्र में बताई गई है।

प्रमुख नदी

ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी नदी प्रणाली मरे-डार्लिंग है। इसकी लम्बाई लगभग 3490 कि.मी. बताई गई है।

ऑस्ट्रेलिया का सर्वोच्च शिखर

ऑस्ट्रेलिया का सर्वोच्च शिखर कोसिउस्को है, जिसकी ऊँचाई लगभग 2228 मीटर है।

सोने की प्रसिद्ध खानें

ऑस्ट्रेलिया की विश्व प्रसिद्ध सोने की खानों में—

  • कालगूर्ली
  • कूलगार्डी

प्रमुख हैं।

ऊन उत्पादन

ऑस्ट्रेलिया विश्व प्रसिद्ध मेरिनो ऊन का प्रमुख उत्पादक है। इसे विश्व में सर्वाधिक ऊन निर्यात करने वाला देश भी बताया गया है।

टोरेस जलसन्धि

ऑस्ट्रेलिया और न्यूगिनी के बीच टोरेस जलसन्धि स्थित है।

न्यूजीलैण्ड

ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्व में स्थित न्यूजीलैण्ड को ‘दक्षिण का ब्रिटेन’ कहा जाता है।

न्यूजीलैण्ड के मूल निवासियों को माओरी कहा जाता है।

न्यूजीलैण्ड में एमू और कोकाबरा नामक पक्षियों का उल्लेख किया गया है।

खनिज संसाधन

  • ऑस्ट्रेलिया को विश्व में सर्वाधिक बॉक्साइट उत्खनित करने वाला देश बताया गया है।
  • ऑस्ट्रेलिया को विश्व में सर्वाधिक सीसा अयस्क उत्खनित करने वाला देश भी बताया गया है।

ग्रेट बैरियर रीफ

ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र में मूँगे की विशाल चट्टानों का क्षेत्र स्थित है, जिसे ग्रेट बैरियर रीफ कहा जाता है।

इसके उत्तर-पूर्वी भाग के महासागर में भी बड़ी संख्या में मूँगे की चट्टानें पाई जाती हैं।

ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख जीव

ऑस्ट्रेलिया में कंगारू नामक पशु बहुतायत में पाया जाता है।

विश्व में सर्वाधिक भेड़ें भी इसी महाद्वीप में पाई जाती हैं।

प्यासी भूमि का महाद्वीप

अधिक शुष्कता के कारण ऑस्ट्रेलिया को ‘प्यासी भूमि का महाद्वीप’ भी कहा जाता है।

द्वीपीय महाद्वीप

ऑस्ट्रेलिया विश्व का ऐसा देश है जो पूरे महाद्वीप पर फैला हुआ है। इसी कारण इसे ‘द्वीपीय महाद्वीप’ भी कहा जाता है।

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप मकर रेखा मरे डार्लिंग ग्रेट बैरियर रीफ और प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ
ऑस्ट्रेलिया की स्थिति, मरे-डार्लिंग नदी प्रणाली, ग्रेट बैरियर रीफ तथा प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ

अंटार्कटिका, यूरोप एवं ऑस्ट्रेलिया—एक नजर में

महाद्वीप प्रमुख विशेषता महत्वपूर्ण तथ्य
अंटार्कटिका दक्षिणी ध्रुव के आसपास बर्फ से ढका महाद्वीप माउण्ट एरेबस, दक्षिणी गंगोत्री, मैत्री, भारती
यूरोप एशिया के पश्चिम में स्थित प्रायद्वीपीय भू-भाग माउण्ट एल्ब्रुस, राइन जलमार्ग, आल्प्स
ऑस्ट्रेलिया सबसे छोटा और कम जनसंख्या वाला महाद्वीप मरे-डार्लिंग, ग्रेट बैरियर रीफ, मेरिनो ऊन
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • अंटार्कटिका दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणी ध्रुव के समीप स्थित है।
  • अंटार्कटिका का क्षेत्रफल लगभग 1,37,20,000 वर्ग कि.मी. है।
  • भारत के प्रमुख अंटार्कटिक शोध केन्द्र दक्षिणी गंगोत्री, मैत्री और भारती हैं।
  • माउण्ट एरेबस अंटार्कटिका का प्रमुख ज्वालामुखीय पर्वत है।
  • अंटार्कटिका में पेंग्विन, सील, व्हेल और समुद्री पक्षी पाए जाते हैं।
  • यूरोप एशिया के पश्चिमी भाग में उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।
  • एशिया और यूरोप के संयुक्त स्थल भाग को यूरेशिया कहते हैं।
  • यूरोप में लगभग 46 देश स्थित हैं।
  • माउण्ट एल्ब्रुस यूरोप का सर्वोच्च शिखर है।
  • राइन नदी का जलमार्ग यूरोप का सर्वाधिक व्यस्त अन्तःस्थलीय जलमार्ग है।
  • इंग्लिश चैनल फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम को अलग करता है।
  • ऑस्ट्रेलिया विश्व का सबसे छोटा तथा सबसे कम जनसंख्या वाला महाद्वीप है।
  • ऑस्ट्रेलिया पूर्णतः दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है और मकर रेखा इसके मध्य से गुजरती है।
  • ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख नदी प्रणाली मरे-डार्लिंग है।
  • कोसिउस्को ऑस्ट्रेलिया का सर्वोच्च शिखर है।
  • कालगूर्ली और कूलगार्डी ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध सोने की खानें हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया मेरिनो ऊन का प्रमुख उत्पादक है।
  • टोरेस जलसन्धि ऑस्ट्रेलिया और न्यूगिनी के बीच स्थित है।
  • ग्रेट बैरियर रीफ ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर स्थित विशाल मूँगे की चट्टानों का क्षेत्र है।
  • अधिक शुष्कता के कारण ऑस्ट्रेलिया को प्यासी भूमि का महाद्वीप कहा जाता है।

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Topic 6 महासागर—परिचय एवं प्रशांत महासागर

महासागर—परिचय एवं प्रशांत महासागर

महासागर का परिचय

पृथ्वी की सतह के विशाल जल-भागों को महासागर कहा जाता है। पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग महासागरों और सागरों के जल से ढका हुआ है।

विश्व के महासागरों एवं सागरों का कुल क्षेत्रफल लगभग 367 मिलियन वर्ग किलोमीटर बताया गया है।

पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का लगभग 98% भाग सागरों में पाया जाता है, जबकि लगभग 2% मीठा जल नदियों, झीलों, भूगर्भ तथा मिट्टी में पाया जाता है।

जल की अधिकता के कारण पृथ्वी को जलीय ग्रह या नीला ग्रह भी कहा जाता है।

महासागरीय जल की लवणता

महासागरीय जल में अनेक प्रकार के लवण घुले रहते हैं। समुद्री जल की लवणता को सामान्यतः प्रति हजार में व्यक्त किया जाता है।

महासागरीय जल की औसत लवणता लगभग 35 प्रति हजार मानी गई है। इसका अर्थ है कि लगभग 1000 ग्राम महासागरीय जल में लगभग 35 ग्राम घुला हुआ लवण पाया जाता है।

विश्व के पाँच प्रमुख महासागर

पृथ्वी पर पाँच प्रमुख महासागर माने जाते हैं—

  1. प्रशांत महासागर
  2. अटलांटिक महासागर या अन्ध महासागर
  3. हिन्द महासागर
  4. आर्कटिक महासागर
  5. अंटार्कटिक महासागर अथवा दक्षिणी महासागर

महासागरों के क्षेत्रफल की तुलना

महासागर क्षेत्रफल (लगभग करोड़ वर्ग कि.मी.)
प्रशांत महासागर 16.5
अटलांटिक महासागर 8.2
हिन्द महासागर 7.3
आर्कटिक महासागर 1.4
दक्षिणी महासागर 0.20

महासागरों के अधिकांश तल अपेक्षाकृत बाद में निर्मित माने गए हैं और उनकी आयु लगभग 8 करोड़ वर्ष से कम बताई गई है।

प्रशांत महासागर

प्रशांत महासागर विश्व का सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर है। इसके विशाल विस्तार के कारण इसमें जल का क्षेत्र स्थल की तुलना में बहुत अधिक है।

प्रशांत महासागर का क्षेत्रफल लगभग 16.5 करोड़ वर्ग कि.मी. बताया गया है। इसका विस्तार उत्तर में बेरिंग जलसन्धि से दक्षिण में अंटार्कटिका तक है।

प्रशांत महासागर का विस्तार

फिलीपीन्स तट से पनामा तक इसकी चौड़ाई लगभग 9,455 मील तथा बेरिंग जलसन्धि से दक्षिणी अंटार्कटिका तक इसकी लम्बाई लगभग 10,492 मील बताई गई है।

प्रशांत महासागर अटलांटिक महासागर की तुलना में अत्यन्त विशाल है।

प्रशांत महासागर की आकृति

प्रशांत महासागर की आकृति लगभग त्रिभुजाकार है। इसका शीर्ष बेरिंग जलसन्धि के पास है।

बेरिंग जलसन्धि का क्षेत्र घोड़े के खुर के समान आकृति का बताया गया है और यह ज्वालामुखीय पर्वतों तथा छोटी-छोटी पहाड़ियों से घिरा है।

उत्तर की ओर अल्यूशियन द्वीपों का वृत्ताकार विस्तार साइबेरिया के समीपवर्ती भागों से बेरिंग सागर तक पाया जाता है।

प्रशांत महासागर के मुख्य द्वीप इसके पश्चिमी भाग में कमचटका प्रायद्वीप से ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्व तक फैले हुए हैं और आगे इण्डोनेशिया के द्वीप समूह से जुड़ते हैं।

प्रशांत महासागर की तटरेखा

प्रशांत महासागर के पूर्वी और पश्चिमी तटों की संरचना एक समान नहीं है।

पूर्वी तट के अनेक भागों में पर्वत समुद्र के निकट तक फैले हैं और समुद्री मैदान बहुत संकरे हैं। इसके कारण यहाँ अच्छे प्राकृतिक बन्दरगाह अपेक्षाकृत कम पाए जाते हैं।

पश्चिमी तट पर पर्वतों के साथ अनेक द्वीप, खाड़ियाँ, प्रायद्वीप और डेल्टा पाए जाते हैं। जापान, फिलीपीन्स और इण्डोनेशिया जैसे अनेक द्वीपीय क्षेत्र इसी ओर स्थित हैं।

बन्दरगाहों का अभाव

प्रशांत महासागर के पूर्वी और पश्चिमी किनारों की भौगोलिक संरचना में बहुत अन्तर है। पूर्वी किनारे पर पर्वतों का क्रम और संकरे समुद्री मैदान होने के कारण अनेक स्थानों पर अच्छे बन्दरगाहों का अभाव पाया जाता है।

उत्तर में बेरिंग जलसन्धि का क्षेत्र बर्फ से जम जाने के कारण यातायात में भी बाधा उत्पन्न होती है।

असमान तटीय संरचना एवं ज्वार-भाटा

प्रशांत महासागर के विभिन्न तटों पर ज्वार-भाटा की ऊँचाई एक समान नहीं होती।

  • कोरिया के तट पर ज्वार की ऊँचाई लगभग 15 से 30 फुट तक बताई गई है।
  • अलास्का के तट पर यह लगभग 45 फुट तक हो सकती है।
  • स्कैगवे के पास लगभग 30 फुट तक ज्वार की ऊँचाई बताई गई है।

प्रशांत महासागर का धरातल एवं गहराई

प्रशांत महासागर का धरातल अधिकांश स्थानों पर अपेक्षाकृत समतल है, लेकिन इसमें अनेक गहरे गर्त और खाइयाँ भी पाई जाती हैं।

इसके अधिकांश भाग की गहराई लगभग 18,000 फुट बताई गई है।

प्रशांत महासागर की औसत गहराई लगभग 14,000 फुट तथा अधिकतम गहराई लगभग 35,400 फुट तक बताई गई है।

प्रशांत महासागर के प्रमुख गर्त

प्रशांत महासागर में अनेक अत्यन्त गहरे गर्त पाए जाते हैं। प्रमुख गर्तों में—

  • ट्यूसी अरोरा — लगभग 32,644 फुट
  • टोंगा — लगभग 34,626 फुट
  • नीरो — लगभग 32,107 फुट
  • एलिच — लगभग 30,990 फुट

का उल्लेख किया गया है।

उत्तरी प्रशांत महासागर में अल्यूशियन द्वीपों के निकट लगभग 25,114 फुट की गहराई पाई जाती है।

प्रशांत महासागर का मेरियाना गर्त विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त माना गया है।

प्रशांत महासागर का ज्वालामुखीय क्षेत्र

कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच स्थित प्रशांत महासागर के मध्य भाग को मध्य प्रशांत महासागर कहा जाता है।

कर्क रेखा के उत्तर का भाग उत्तरी प्रशांत महासागर तथा मकर रेखा के दक्षिण का भाग दक्षिणी प्रशांत महासागर कहलाता है।

अग्नि वलय

प्रशांत महासागर के उत्तर, पूर्व और पश्चिमी किनारों के चारों ओर ज्वालामुखियों और भूकम्पों का अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र पाया जाता है।

इसके किनारों पर ज्वालामुखीय पर्वतों की वृत्ताकार श्रृंखला को ‘रिंग ऑफ फायर’ या अग्नि वलय कहा जाता है।

इस क्षेत्र में लगभग 300 ज्वालामुखीय पर्वत बताए गए हैं, जिनमें अनेक निरन्तर सक्रिय रहते हैं।

इसी कारण प्रशांत महासागर के आसपास के क्षेत्रों में भूकम्प और ज्वालामुखीय उद्गार अधिक होते हैं।

प्रशांत महासागर के द्वीपों की उत्पत्ति

प्रशांत महासागर में अनेक छोटे-बड़े द्वीप पाए जाते हैं। इनमें से अनेक द्वीपों की उत्पत्ति—

  • प्रवाल निर्माण
  • ज्वालामुखीय क्रियाओं
  • भूकम्पीय क्रियाओं

के परिणामस्वरूप मानी गई है।

प्रशांत महासागर का विस्तार मेरियाना गर्त बेरिंग जलसन्धि और अग्नि वलय
प्रशांत महासागर का विस्तार, प्रमुख गर्त, द्वीपीय क्षेत्र तथा ज्वालामुखीय अग्नि वलय
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग महासागरों एवं सागरों से ढका है।
  • विश्व के महासागरों एवं सागरों का कुल क्षेत्रफल लगभग 367 मिलियन वर्ग कि.मी. है।
  • महासागरीय जल की औसत लवणता लगभग 35 प्रति हजार मानी जाती है।
  • विश्व में पाँच प्रमुख महासागर—प्रशांत, अटलांटिक, हिन्द, आर्कटिक और अंटार्कटिक महासागर हैं।
  • प्रशांत महासागर विश्व का सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर है।
  • प्रशांत महासागर का क्षेत्रफल लगभग 16.5 करोड़ वर्ग कि.मी. है।
  • इसका विस्तार उत्तर में बेरिंग जलसन्धि से दक्षिण में अंटार्कटिका तक है।
  • प्रशांत महासागर की आकृति लगभग त्रिभुजाकार है।
  • इसके मुख्य द्वीप पश्चिमी किनारे की ओर अधिक पाए जाते हैं।
  • प्रशांत महासागर की औसत गहराई लगभग 14,000 फुट बताई गई है।
  • अधिकतम गहराई लगभग 35,400 फुट तक बताई गई है।
  • मेरियाना गर्त विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त है।
  • प्रशांत महासागर के तटों पर ज्वार की ऊँचाई अलग-अलग होती है।
  • प्रशांत महासागर के चारों ओर ज्वालामुखीय क्षेत्र को अग्नि वलय कहा जाता है।
  • अग्नि वलय क्षेत्र में लगभग 300 ज्वालामुखीय पर्वत बताए गए हैं।
  • प्रशांत महासागर के अनेक द्वीप प्रवाल, ज्वालामुखीय और भूकम्पीय क्रियाओं से बने हैं।
Topic 7 अटलांटिक एवं हिन्द महासागर

अटलांटिक एवं हिन्द महासागर

अटलांटिक महासागर

अटलांटिक महासागर को अन्ध महासागर भी कहा जाता है। यह यूरोप और अफ्रीका को नई दुनिया के महाद्वीपों से अलग करने वाली विशाल जलराशि है।

इस महासागर की आकृति लगभग अंग्रेजी अक्षर ‘S’ के समान है।

अटलांटिक महासागर का क्षेत्रफल लगभग 8,29,63,800 वर्ग कि.मी. बताया गया है। समुद्रों को छोड़कर इसका क्षेत्रफल लगभग 3,18,14,640 वर्ग मील है।

विशालता की दृष्टि से यह प्रशांत महासागर से छोटा है, फिर भी विश्व का सबसे बड़ा जल-प्रवाह क्षेत्र अटलांटिक महासागर के अधीन बताया गया है।

अटलांटिक महासागर का विस्तार

उत्तर में बेरिंग क्षेत्र से जुड़े आर्कटिक महासागरीय भाग से लेकर दक्षिण में दक्षिणी महासागर तक इसका व्यापक विस्तार है।

इसकी लम्बाई उत्तर में आइसलैण्ड के निकट से दक्षिण में बोवेट द्वीप तक लगभग 14,400 कि.मी. बताई गई है।

अटलांटिक महासागर की संरचना

अन्य महासागरों की तुलना में अटलांटिक में महाद्वीपीय मग्नतट अधिक विस्तृत है। महासागर के कुल भाग का लगभग 13.3% क्षेत्र महाद्वीपीय मग्नतट के रूप में बताया गया है।

कुछ क्षेत्रों में महाद्वीपीय मग्नतट बहुत चौड़ा है। उदाहरण के लिए—

  • बिस्के की खाड़ी से ब्राजील के लगभग 5°–10° दक्षिण अक्षांशों तक इसकी चौड़ाई लगभग 90–160 कि.मी. बताई गई है।
  • उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पूर्व और यूरोप के उत्तर-पश्चिम में इसकी चौड़ाई लगभग 250–400 कि.मी. तक पहुँचती है।

मध्य अटलांटिक कटक

अटलांटिक महासागर के नितल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता मध्य अटलांटिक कटक है।

इस कटक की खोज 1873 ई. में ‘चैलेन्जर’ अभियान द्वारा की गई थी।

मध्य अटलांटिक कटक महासागर को दो विशाल द्रोणियों में विभाजित करता है। भूमध्य रेखा के निकट यह लगभग 8310 गज गहरे रोमान्श गर्त द्वारा दो भागों में बँटता है।

इसके उत्तरी भाग को डॉल्फिन श्रेणी तथा दक्षिणी भाग को चैलेन्जर श्रेणी कहा गया है।

अटलांटिक महासागर की प्रमुख द्रोणियाँ

मध्य अटलांटिक कटक के दोनों ओर अनेक छोटी-बड़ी द्रोणियाँ पाई जाती हैं। इनमें प्रमुख हैं—

  • लैब्राडोर द्रोणी
  • उत्तरी अमेरिका द्रोणी
  • ब्राजील द्रोणी
  • स्पेनिश द्रोणी
  • उत्तरी एवं दक्षिणी कनारी बेसिन
  • केपवर्ड द्रोणी
  • गायना द्रोणी
  • अंगोला द्रोणी
  • केप बेसिन
  • अगुलहास द्रोणी

अटलांटिक महासागर के गर्त

अटलांटिक महासागर में लगभग 19 प्रमुख गर्त बताए गए हैं, जिनकी गहराई 6000 गज से अधिक है।

7000 मीटर से अधिक गहरे गर्त बहुत कम हैं।

  • प्यूर्टोरिको गर्त — लगभग 8750 मीटर, सबसे गहरा गर्त
  • सैंडविच गर्त — दूसरा प्रमुख गहरा गर्त
  • रोमान्श गर्त
  • केमन गर्त
  • नेरेस गर्त
  • मोसले गर्त
अटलांटिक महासागर मध्य अटलांटिक कटक प्रमुख गर्त बरमूडा त्रिकोण और महासागरीय धाराएँ
अटलांटिक महासागर की S आकार की संरचना, मध्य अटलांटिक कटक, प्रमुख गर्त और पृष्ठधाराएँ

अटलांटिक महासागर के नितल के निक्षेप

अटलांटिक महासागर के तल पर विभिन्न प्रकार के निक्षेप पाए जाते हैं।

इसके मुख्य स्थलीय भाग का लगभग 74% तल प्लावी निक्षेपों से आच्छादित बताया गया है। इनमें छोटे समुद्री जीवों के खोल और अवशेष पाए जाते हैं, जैसे—

  • ग्लोबिजराइना
  • टेरोपॉड
  • डायटम

लगभग 26% भाग भूमि से उत्पन्न अवसादों के निक्षेप से बना है, जो मोटे कणों से निर्मित होते हैं।

अटलांटिक महासागर की लवणता

उत्तरी अटलांटिक महासागर के पृष्ठीय जल की लवणता अन्य समुद्रों की तुलना में अधिक बताई गई है।

इसकी अधिकतम लवणता लगभग 3.7% है, जो लगभग 20° से 30° उत्तरी अक्षांशों के मध्य पाई जाती है।

बरमूडा त्रिकोण

अटलांटिक महासागर में स्थित बरमूडा त्रिकोण संसार के रहस्यमय समुद्री क्षेत्रों में गिना गया है।

इसे—

  • दानवी त्रिकोण
  • शैतानी त्रिभुज
  • मौत का त्रिकोण
  • भुतहा त्रिकोण

जैसे नामों से भी जाना गया है।

1854 ई. से इस क्षेत्र में जहाजों, विमानों तथा व्यक्तियों के रहस्यमय रूप से लापता होने की अनेक घटनाओं का उल्लेख मिलता है। इन्हीं घटनाओं के कारण यह क्षेत्र वैज्ञानिकों, इतिहासकारों और खोजकर्ताओं के लिए रहस्य का विषय बना रहा है।

अटलांटिक महासागर की पृष्ठधाराएँ

अटलांटिक महासागर की पृष्ठधाराएँ सामान्यतः नियतवाही पवनों के अनुरूप बहती हैं। स्थल-खण्डों की आकृति के कारण इनके मार्ग में परिवर्तन भी होता है।

उत्तरी अटलांटिक की प्रमुख धाराएँ
  • उत्तरी विषुवतीय धारा
  • गल्फ स्ट्रीम
  • उत्तरी अटलांटिक प्रवाह
  • कैनरी धारा
  • लैब्राडोर धारा
दक्षिणी अटलांटिक की प्रमुख धाराएँ
  • दक्षिणी विषुवतीय धारा
  • ब्राजील धारा
  • फॉकलैण्ड धारा
  • पश्चिमी प्रवाह
  • बेंगुला धारा

हिन्द महासागर

हिन्द महासागर का क्षेत्रफल लगभग 7,34,25,500 वर्ग कि.मी. तथा औसत गहराई लगभग 4000 मीटर बताई गई है।

यह एशिया के दक्षिण में अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्थित है।

हिन्द महासागर की सीमाएँ

दिशा प्रमुख स्थल-भाग
उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप एवं अरब प्रायद्वीप
दक्षिण अंटार्कटिका
पश्चिम अफ्रीका
पूर्व इण्डोनेशिया एवं ऑस्ट्रेलिया

हिन्द महासागर का अधिकांश भाग पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है।

यह अटलांटिक और प्रशांत महासागर से जुड़ा हुआ है।

हिन्द महासागर की आकृति एवं गहराई

हिन्द महासागर को लगभग त्रिभुजाकार माना गया है।

इसका लगभग 60% भाग गम्भीर सागरीय मैदानों से घिरा है, जिनकी सामान्य गहराई लगभग 3658 मीटर से 5486 मीटर तक बताई गई है।

इस महासागर की अधिकतम चौड़ाई लगभग 640 कि.मी. दी गई है।

हिन्द महासागर के मध्य महासागरीय कटक

हिन्द महासागर के मध्य भाग में कई सागरीय कटक पाए जाते हैं।

प्रमुख कटक भारतीय महाद्वीपीय निमग्न तट से दक्षिण की ओर अंटार्कटिका तक विस्तृत बताया गया है।

उत्तरी भाग में स्थित लक्षद्वीप-चैगोस कटक की चौड़ाई लगभग 320 कि.मी. बताई गई है।

अन्य प्रमुख कटकों में—

  • चैगोस कटक
  • सेशेल्स कटक
  • मेडागास्कर कटक
  • अण्डमान-निकोबार कटक

शामिल हैं।

हिन्द महासागर के प्रमुख बेसिन

हिन्द महासागर में विस्तृत कटकों के कारण कई बेसिन निर्मित हुए हैं। इनकी गहराई लगभग 3600 मीटर से 7200 मीटर तक बताई गई है।

प्रमुख बेसिन हैं—

  • नेटाल बेसिन
  • मॉरीशस बेसिन
  • सोमाली बेसिन
  • अरब बेसिन
  • ओमान बेसिन
  • अण्डमान बेसिन
  • भारतीय अंटार्कटिक बेसिन
  • पूर्वी भारत अंटार्कटिक बेसिन

हिन्द महासागर के गर्त

हिन्द महासागर में गहरे महासागरीय गर्त अपेक्षाकृत कम पाए जाते हैं।

इसका प्रमुख गर्त सुण्डा गर्त है, जो जावा द्वीप के दक्षिण में स्थित है। इसकी गहराई लगभग 8152 मीटर बताई गई है।

हिन्द महासागर की प्रमुख खाड़ियाँ एवं सागर

  • बंगाल की खाड़ी
  • फारस की खाड़ी
  • अरब सागर
  • लाल सागर

हिन्द महासागर अन्य महासागरों की भाँति उत्तर की ओर पूर्ण रूप से खुला हुआ नहीं है। इसी कारण इसे अर्द्धमहासागर भी कहा जा सकता है।

हिन्द महासागर के प्रमुख कटक बेसिन सुण्डा गर्त और मौसमी जल प्रवाह
हिन्द महासागर की स्थिति, प्रमुख कटक, बेसिन, सुण्डा गर्त तथा मौसमी जल-प्रवाह

हिन्द महासागर के प्रमुख तथ्य

  • हिन्द महासागर विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर बताया गया है।
  • इसका क्षेत्रफल लगभग 7.3 करोड़ वर्ग कि.मी. है।
  • इसकी औसत गहराई लगभग 4 कि.मी. है।
  • इसका अधिकांश भाग दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है।

हिन्द महासागर नाम की उत्पत्ति

हिन्द महासागर का नाम लगभग एक हजार वर्ष पूर्व उन अरब व्यापारियों द्वारा दिया गया बताया गया है, जो भारत के साथ व्यापार करते थे।

उस समय भारत के बन्दरगाह विकसित थे और व्यापारी पश्चिम के मध्य-पूर्वी देशों से लेकर पूर्व में चीन तक व्यापार करते थे।

युवा महासागर

हिन्द महासागर को युवा महासागर बताया गया है। इसने लगभग 3.6 करोड़ वर्ष पहले अपना वर्तमान रूप ग्रहण किया।

हिन्द महासागर में मौसमी जल-प्रवाह

अन्य महासागरों में जल सामान्यतः एक ही प्रमुख दिशा में बहता है, परन्तु हिन्द महासागर में जल-प्रवाह वर्ष में दो बार दिशा बदलता है

  • गर्मियों में मानसूनी हवाओं के कारण जल भारत की ओर बहता है।
  • सर्दियों में जल का प्रवाह अफ्रीका की ओर होने लगता है।

गंगा और ब्रह्मपुत्र

विश्व की दो बड़ी नदियाँ गंगा और ब्रह्मपुत्र हिन्द महासागरीय क्षेत्र में मिलती हैं।

ये नदियाँ हिमालय से लगभग 2000 कि.मी. की यात्रा करते हुए बड़ी मात्रा में रेत और मिट्टी लाती हैं।

इन अवसादों के कारण इनके मुहानों के सामने समुद्र में अनेक टापुओं का निर्माण होता है।

अटलांटिक एवं हिन्द महासागर—मुख्य तुलना

आधार अटलांटिक महासागर हिन्द महासागर
आकृति लगभग ‘S’ आकार लगभग त्रिभुजाकार
क्षेत्रफल लगभग 8,29,63,800 वर्ग कि.मी. लगभग 7,34,25,500 वर्ग कि.मी.
मुख्य नितलीय विशेषता मध्य अटलांटिक कटक अनेक मध्य महासागरीय कटक एवं बेसिन
प्रमुख गर्त प्यूर्टोरिको गर्त सुण्डा गर्त
विशेषता बरमूडा त्रिकोण एवं प्रमुख पृष्ठधाराएँ मौसमी जल-प्रवाह की दिशा वर्ष में दो बार बदलती है
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • अटलांटिक महासागर को अन्ध महासागर भी कहा जाता है।
  • अटलांटिक महासागर की आकृति लगभग अंग्रेजी अक्षर ‘S’ के समान है।
  • अटलांटिक महासागर का क्षेत्रफल लगभग 8,29,63,800 वर्ग कि.मी. बताया गया है।
  • मध्य अटलांटिक कटक इसकी प्रमुख नितलीय विशेषता है।
  • मध्य अटलांटिक कटक की खोज 1873 ई. में चैलेन्जर अभियान द्वारा की गई थी।
  • प्यूर्टोरिको गर्त अटलांटिक महासागर का सबसे गहरा गर्त बताया गया है।
  • उत्तरी अटलांटिक में अधिकतम लवणता लगभग 3.7% पाई जाती है।
  • बरमूडा त्रिकोण अटलांटिक महासागर में स्थित है।
  • गल्फ स्ट्रीम, लैब्राडोर और कैनरी उत्तरी अटलांटिक की प्रमुख धाराएँ हैं।
  • ब्राजील, फॉकलैण्ड और बेंगुला दक्षिणी अटलांटिक की प्रमुख धाराएँ हैं।
  • हिन्द महासागर का क्षेत्रफल लगभग 7,34,25,500 वर्ग कि.मी. है।
  • हिन्द महासागर की औसत गहराई लगभग 4000 मीटर बताई गई है।
  • हिन्द महासागर एशिया के दक्षिण में अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्थित है।
  • हिन्द महासागर का अधिकांश भाग दक्षिणी गोलार्द्ध में है।
  • लक्षद्वीप-चैगोस हिन्द महासागर का प्रमुख कटक है।
  • सुण्डा गर्त जावा द्वीप के दक्षिण में स्थित है और इसकी गहराई लगभग 8152 मीटर है।
  • हिन्द महासागर विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर बताया गया है।
  • हिन्द महासागर में जल का प्रवाह वर्ष में दो बार दिशा बदलता है।
  • गर्मियों में जल भारत की ओर और सर्दियों में अफ्रीका की ओर बहता है।
  • गंगा और ब्रह्मपुत्र अपने साथ रेत और मिट्टी लाकर समुद्र के निकट अनेक टापुओं के निर्माण में योगदान करती हैं।

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Topic 8 आर्कटिक एवं अंटार्कटिक महासागर

आर्कटिक एवं अंटार्कटिक महासागर

आर्कटिक महासागर

आर्कटिक महासागर को उत्तर ध्रुवीय महासागर भी कहा जाता है। यह पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है और इसका अधिकांश विस्तार आर्कटिक उत्तर ध्रुवीय क्षेत्र में पाया जाता है।

विश्व के पाँच प्रमुख महासागरों में आर्कटिक महासागर सबसे छोटा और सबसे उथला महासागर है।

अन्तर्राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन इसे एक स्वतंत्र महासागर के रूप में स्वीकार करता है। कुछ महासागर विज्ञानी इसे आर्कटिक भूमध्य सागर अथवा केवल आर्कटिक सागर भी कहते हैं।

आर्कटिक महासागर में विश्व का सबसे चौड़ा महाद्वीपीय मग्नतट पाया जाता है।

आर्कटिक महासागर का विस्तार

आर्कटिक महासागर लगभग पूरी तरह यूरेशिया और उत्तरी अमेरिका से घिरा हुआ है।

इसका विशाल भाग वर्ष भर समुद्री बर्फ से ढका रहता है। सर्दियों में इसका लगभग पूरा भाग बर्फ से आच्छादित हो जाता है।

यहाँ समुद्री बर्फ लगातार जमती और पिघलती रहती है। इसी कारण आर्कटिक महासागर के तापमान और लवणता में मौसम के अनुसार परिवर्तन होता रहता है।

आर्कटिक महासागर की लवणता

पाँच प्रमुख महासागरों में आर्कटिक महासागर की औसत लवणता सबसे कम बताई गई है।

इसके प्रमुख कारण हैं—

  • वाष्पीकरण की कम मात्रा
  • नदियों द्वारा बड़ी मात्रा में मीठे जल का आना
  • उच्च लवणता वाले अन्य महासागरों से सीमित जल-विनिमय

इन कारणों से आर्कटिक महासागर के जल में लवण की मात्रा अपेक्षाकृत कम रहती है।

समुद्री बर्फ में मौसमी परिवर्तन

ग्रीष्म ऋतु में आर्कटिक महासागर की लगभग 50% समुद्री बर्फ पिघल जाती है

समुद्री बर्फ के आवरण और उसके पिघलने में होने वाले परिवर्तनों का नियमित अध्ययन किया जाता है। इसके लिए उपग्रह आँकड़ों की सहायता से समुद्री बर्फ की स्थिति का तुलनात्मक रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।

आर्कटिक महासागर की प्रमुख विशेषताएँ

आधार विशेषता
स्थिति उत्तरी गोलार्द्ध एवं उत्तर ध्रुवीय क्षेत्र
आकार पाँच महासागरों में सबसे छोटा
गहराई पाँच महासागरों में सबसे उथला
चारों ओर मुख्यतः यूरेशिया एवं उत्तरी अमेरिका
बर्फ वर्ष के अधिकांश समय समुद्री बर्फ
लवणता प्रमुख महासागरों में सबसे कम औसत लवणता

अंटार्कटिक महासागर

अंटार्कटिक महासागर को दक्षिण ध्रुवीय महासागर भी कहा जाता है। यह अंटार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर फैला हुआ है।

इस महासागर में अनेक विशाल हिमशैल तैरते रहते हैं।

कुछ भूगोलवेत्ताओं के अनुसार अंटार्कटिक महासागर को स्वतंत्र महासागर न मानकर अटलांटिक, प्रशांत और हिन्द महासागरों का दक्षिणी विस्तार भी माना जाता है।

अंटार्कटिक महासागर का विस्तार

अंटार्कटिक महासागर का विस्तार विभिन्न स्थानों पर समान नहीं है।

  • हॉर्न अन्तरीप के पास इसका विस्तार लगभग 600 मील अर्थात लगभग 960 कि.मी. बताया गया है।
  • अफ्रीका के दक्षिण में स्थित अगुलहास अन्तरीप के समीप इसका विस्तार लगभग 2,400 मील बताया गया है।

अंटार्कटिक महासागर के हिमशैल

इस महासागर में बड़े आकार के चपटे हिमशैल बड़ी संख्या में तैरते पाए जाते हैं।

कुछ हिमशैल तैरते हुए समीपवर्ती अन्य महासागरों में भी पहुँच जाते हैं।

समुद्री खोजकर्ताओं ने यहाँ ऐसे विशाल तैरते हिमशैल भी देखे हैं जिनका क्षेत्रफल 100 वर्ग मील से अधिक था।

कुछ हिमशैलों की मोटाई 1000 फुट से अधिक भी बताई गई है।

अंटार्कटिक महासागर का तापमान

अंटार्कटिक महासागर के जल की सतह का औसत तापमान लगभग 29.8° फारेनहाइट बताया गया है।

समुद्र तल पर तापमान लगभग 32° से 35° फारेनहाइट तक बताया गया है।

अंटार्कटिक महासागर की मुख्य धारा

दक्षिण अमेरिका के निकट पहुँचते-पहुँचते अंटार्कटिक महासागर की मुख्य धारा दो भागों में विभाजित हो जाती है।

  • एक धारा अमेरिका महाद्वीप के पूर्वी तट के साथ-साथ उत्तर की ओर बहती है।
  • दूसरी धारा पूर्व की ओर हॉर्न अन्तरीप से आगे बढ़ते हुए निकल जाती है।

अंटार्कटिक महासागर के जीव-जंतु

अंटार्कटिक महासागरीय क्षेत्र में छोटे-छोटे पौधे, पक्षी तथा अन्य जीव-जंतु पाए जाते हैं।

यह महासागर विशेष रूप से व्हेल मछलियों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

यहाँ व्हेल का शिकार तथा व्हेल से सम्बन्धित व्यापार भी बड़े स्तर पर किया जाता रहा है।

आर्कटिक और अंटार्कटिक महासागर की स्थिति समुद्री बर्फ हिमशैल और प्रमुख विशेषताएँ
आर्कटिक और अंटार्कटिक महासागरों की स्थिति, समुद्री बर्फ, हिमशैल तथा प्रमुख विशेषताओं की तुलना

आर्कटिक एवं अंटार्कटिक महासागर में अन्तर

आधार आर्कटिक महासागर अंटार्कटिक महासागर
स्थिति उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर ध्रुवीय क्षेत्र दक्षिणी गोलार्द्ध में अंटार्कटिका के चारों ओर
स्थल से सम्बन्ध मुख्यतः यूरेशिया और उत्तरी अमेरिका से घिरा अंटार्कटिका महाद्वीप को चारों ओर से घेरे हुए
बर्फ की प्रमुखता व्यापक समुद्री बर्फ बड़े तैरते हिमशैल
विशेष तथ्य सबसे छोटा और उथला महासागर, औसत लवणता सबसे कम विशाल हिमशैल एवं व्हेल के लिए महत्वपूर्ण
परीक्षा उपयोगी सारांश
  • आर्कटिक महासागर को उत्तर ध्रुवीय महासागर भी कहते हैं।
  • आर्कटिक महासागर पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।
  • यह विश्व के पाँच प्रमुख महासागरों में सबसे छोटा और सबसे उथला महासागर है।
  • आर्कटिक महासागर लगभग पूरी तरह यूरेशिया और उत्तरी अमेरिका से घिरा है।
  • आर्कटिक महासागर में विश्व का सबसे चौड़ा महाद्वीपीय मग्नतट पाया जाता है।
  • आर्कटिक महासागर वर्ष के अधिकांश समय समुद्री बर्फ से ढका रहता है।
  • पाँच प्रमुख महासागरों में आर्कटिक महासागर की औसत लवणता सबसे कम है।
  • कम वाष्पीकरण, नदियों से मीठे जल की अधिक प्राप्ति और अन्य महासागरों से सीमित जल-विनिमय इसकी कम लवणता के प्रमुख कारण हैं।
  • ग्रीष्म ऋतु में आर्कटिक की लगभग 50% समुद्री बर्फ पिघल जाती है।
  • अंटार्कटिक महासागर को दक्षिण ध्रुवीय महासागर भी कहते हैं।
  • अंटार्कटिक महासागर अंटार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर फैला हुआ है।
  • अंटार्कटिक महासागर में अनेक विशाल हिमशैल तैरते रहते हैं।
  • कुछ हिमशैलों का क्षेत्रफल 100 वर्ग मील से अधिक और मोटाई 1000 फुट से अधिक बताई गई है।
  • अंटार्कटिक महासागर की सतह का औसत तापमान लगभग 29.8° फारेनहाइट बताया गया है।
  • दक्षिण अमेरिका के निकट अंटार्कटिक महासागर की मुख्य धारा दो भागों में विभाजित हो जाती है।
  • अंटार्कटिक महासागर व्हेल मछलियों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

अभ्यास प्रश्न

अध्याय पूरा पढ़ने के बाद अपनी तैयारी जाँचने के लिए इन महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें।

Q 1

एशिया महाद्वीप स्थित है—

व्याख्या: एशिया महाद्वीप मुख्यतः उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।
Q 2

एशिया का सबसे ऊँचा पर्वत है—

व्याख्या: एशिया में स्थित माउण्ट एवरेस्ट विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है।
Q 3

महासागर पृथ्वी के कितने भू-भाग पर हैं—

व्याख्या: पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग महासागरों और सागरों के जल से ढका है।
Q 4

बरमूडा त्रिकोण स्थित है—

व्याख्या: बरमूडा त्रिकोण अटलांटिक महासागर में स्थित एक प्रसिद्ध रहस्यमय समुद्री क्षेत्र है।
Q 5

पृथ्वी का सबसे छोटा तथा सबसे कम जनसंख्या वाला महाद्वीप है—

व्याख्या: ऑस्ट्रेलिया पृथ्वी का सबसे छोटा तथा सबसे कम जनसंख्या वाला महाद्वीप है।
Q 6

सर्वाधिक जनसंख्या वाला महाद्वीप है—

व्याख्या: एशिया विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला महाद्वीप है।
Q 7

उत्तरी अमेरिका के समुद्री तट की लम्बाई है—

व्याख्या: उत्तरी अमेरिका की समुद्री तटरेखा की लम्बाई लगभग 75,000 कि.मी. बताई गई है।
Q 8

“महान भ्रंश घाटी” पृथ्वी की परिधि के कितने हिस्से के बराबर है?

व्याख्या: अफ्रीका की महान भ्रंश घाटी पृथ्वी की परिधि के लगभग 1/6 भाग में फैली हुई बताई गई है।
Q 9

प्रथम श्रेणी के उच्चावच में सम्मिलित है—

व्याख्या: महाद्वीप एवं महासागर पृथ्वी के प्रथम श्रेणी के उच्चावच के अन्तर्गत माने जाते हैं।
Q 10

पृथ्वी के धरातल पर कितने प्रतिशत भाग पर जल है?

व्याख्या: पृथ्वी के धरातल का लगभग 71% भाग जल से ढका हुआ है।
Q 11

संसार का सबसे बड़ा महाद्वीप है—

व्याख्या: एशिया क्षेत्रफल की दृष्टि से संसार का सबसे बड़ा महाद्वीप है।
Q 12

ग्रेट रिफ्ट घाटी किस महाद्वीप में अवस्थित है?

व्याख्या: ग्रेट रिफ्ट या महान भ्रंश घाटी अफ्रीका महाद्वीप की प्रमुख स्थलाकृतिक विशेषता है।
Q 13

विश्व का सबसे गहरा महासागर है—

व्याख्या: प्रशांत महासागर विश्व का सबसे बड़ा तथा सबसे गहरा महासागर है। यह प्रश्न 2018 की परीक्षा में पूछा गया था।
Q 14

विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर है—

व्याख्या: हिन्द महासागर को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर बताया गया है।
Q 15

विश्व के पाँच प्रमुख महासागरों में सबसे छोटा और सबसे उथला महासागर है—

व्याख्या: आर्कटिक महासागर पाँच प्रमुख महासागरों में सबसे छोटा तथा सबसे उथला महासागर है।

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पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न

UP D.El.Ed Semester 1 के विषय सामाजिक अध्ययन के अध्याय महाद्वीपों एवं महासागरों का परिचय से पिछले वर्षों की परीक्षाओं में पूछे गए लघु उत्तरीय प्रश्न वर्ष सहित दिए गए हैं।

Q 1

महासागर के प्रकार बताइए।

Q 2

बरमूडा त्रिकोण क्या है? स्पष्ट कीजिए।

Q 3

आर्कटिक महासागर का विस्तार बताइए।

Q 4

अंटार्कटिका महासागर के जीव-जंतुओं के नाम बताइए।

Q 5

महाद्वीप क्या होते हैं? पृथ्वी पर कितने महाद्वीप पाए जाते हैं?

Q 6

किसी एक महाद्वीप का वर्णन कीजिए।

Q 7 2016

हमारी पृथ्वी पर कुल कितने महाद्वीप हैं? वर्णन कीजिए।

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Practice More Questions

इसी semester और subject के MCQ Tests तथा Previous Year Papers practice करके अपनी तैयारी को और मजबूत बनाइए।

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