वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'पुरस्कार' कहानी के लेखक हैं—
(a) प्रेमचन्द
(b) महादेवी वर्मा
(c) जयशंकर प्रसाद
(d) बालकृष्ण भट्ट
उत्तर: (c) जयशंकर प्रसाद
‘पुरस्कार’ जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध कहानी है। इसकी प्रमुख पात्र मधूलिका है।
प्रश्न 2. 'प्रत्युपकार' शब्द में प्रयुक्त उपसर्गों की संख्या है—
(a) तीन
(b) दो
(c) चार
(d) एक
उत्तर: (b) दो
‘प्रत्युपकार’ का पूर्ण विच्छेद प्रति + उप + कार है। इसमें ‘प्रति’ और ‘उप’ दो उपसर्ग हैं।
प्रश्न 3. 'रेखांकित' शब्द में प्रयुक्त समास है—
(a) अव्ययीभाव
(b) तत्पुरुष
(c) कर्मधारय
(d) बहुव्रीहि
उत्तर: (b) तत्पुरुष
‘रेखांकित’ का समास-विग्रह है— रेखा से अंकित। यहाँ ‘से’ कारक-चिह्न का लोप हुआ है, इसलिए यह करण तत्पुरुष समास है।
प्रश्न 4. 'शताब्दी एक्सप्रेस के समय पर पहुँचने की संभावना है।' वाक्य किस प्रकार का वाक्य है—
(a) संकेतवाचक
(b) विस्मयवाचक
(c) संदेहवाचक
(d) विधानवाचक
उत्तर: (c) संदेहवाचक
जिस वाक्य से संदेह, अनुमान अथवा संभावना का बोध हो, उसे संदेहवाचक वाक्य कहते हैं। यहाँ ‘संभावना’ का भाव व्यक्त हो रहा है।
प्रश्न 5. शुद्ध वर्तनी वाले शब्द का चयन करें—
(a) उपरियुक्त
(b) उपर्युक्त
(c) उपरोक्त
(d) ऊपरोक्त
उत्तर: (b) उपर्युक्त (परीक्षा में अपेक्षित उत्तर)
‘उपर्युक्त’ शुद्ध शब्द है, जिसका अर्थ है— जिसका उल्लेख ऊपर किया जा चुका हो। ध्यान रहे कि ‘उपरोक्त’ भी मान्य एवं प्रचलित शब्द है; इसलिए दिए गए विकल्पों के कारण प्रश्न पूर्णतः निर्विवाद नहीं है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. 'फटी न जाके पाँव बिवाई, सो का जाने पीर पराई' कहावत का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: जिसने स्वयं दुःख या कष्ट नहीं सहा हो, वह दूसरे व्यक्ति की पीड़ा को पूरी तरह नहीं समझ सकता।
प्रश्न 7. अनुप्रास अलंकार का एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर: जहाँ एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति से काव्य में सौन्दर्य उत्पन्न हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। उदाहरण— “चंचल चितवन चित्त चुराए।” यहाँ ‘च’ वर्ण की आवृत्ति हुई है।
प्रश्न 8. आकर्षण, कृतज्ञ, जाग्रत व मुक्ति शब्दों के विलोम लिखिए।
उत्तर: आकर्षण — विकर्षण; कृतज्ञ — कृतघ्न; जाग्रत — सुप्त; मुक्ति — बंधन।
प्रश्न 9. 'जो अपने से उत्पन्न हो' वाक्यांश के लिए एक शब्द लिखिए।
उत्तर: ‘जो अपने-आप उत्पन्न हो’ के लिए एक शब्द स्वयंभू है।
प्रश्न 10. 'क्ष' संयुक्त वर्ण किन दो वर्णों से मिलकर बना है?
उत्तर: क्ष = क् + ष। यह दो व्यंजनों के संयोग से बना संयुक्त व्यंजन है।
प्रश्न 11. 'पारलौकिक' शब्द का वर्ण-विच्छेद कीजिए।
उत्तर: पारलौकिक = प् + आ + र् + अ + ल् + औ + क् + इ + क् + अ।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. 'विसर्ग' एवं अनुस्वार की उदाहरण सहित संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
विसर्ग (ः): स्वर के बाद प्रयुक्त होने वाला ‘ः’ चिह्न विसर्ग कहलाता है। इसके उच्चारण में स्वर के बाद हल्की श्वास-ध्वनि निकलती है।
उदाहरण: प्रायः, नमः, अतः, दुःख।
अनुस्वार (ं): अक्षर के ऊपर लगाया जाने वाला बिन्दु ‘ं’ अनुस्वार कहलाता है। इसका उच्चारण प्रसंग के अनुसार नासिक्य ध्वनि के रूप में होता है।
उदाहरण: अंग, गंगा, संबंध, वंश।
प्रश्न 13. भाषा शिक्षण में वाचन के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: भाषा शिक्षण में वाचन का विशेष महत्त्व है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं—
- विद्यार्थियों की शुद्ध उच्चारण एवं प्रवाहपूर्ण पढ़ने की क्षमता विकसित होती है।
- शब्द-भण्डार में वृद्धि होती है तथा नए शब्दों और वाक्य-संरचनाओं का ज्ञान मिलता है।
- पाठ के अर्थ, मुख्य विचार एवं भाव को समझने की क्षमता विकसित होती है।
- एकाग्रता, कल्पनाशक्ति एवं विचारशक्ति का विकास होता है।
- स्वाध्याय की आदत विकसित होती है तथा अन्य विषयों को समझने में भी सहायता मिलती है।
प्रश्न 14. 'कक्षा में बच्चों के बैठने की व्यवस्था' को ठीक करने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
बेसिक शिक्षा अधिकारी,
जनपद ________।
विषय: विद्यालय में विद्यार्थियों के बैठने की उचित व्यवस्था कराने हेतु।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त कक्ष एवं बैठने के लिए डेस्क-बेंच उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण अनेक विद्यार्थियों को असुविधा होती है और शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है।
अतः आपसे निवेदन है कि विद्यालय में आवश्यक डेस्क-बेंच तथा उचित बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
अजय सिंह
कक्षा — ____
विद्यालय — ____
दिनांक — ____
प्रश्न 15. यथाविधि, त्रिफला, शीतोष्ण व चक्रधर शब्दों में समास-विग्रह करते हुए प्रयुक्त समासों के नाम लिखिए।
उत्तर:
| शब्द | समास-विग्रह | समास का नाम |
|---|---|---|
| यथाविधि | विधि के अनुसार | अव्ययीभाव समास |
| त्रिफला | तीन फलों का समाहार | द्विगु समास |
| शीतोष्ण | शीत और उष्ण | द्वंद्व समास |
| चक्रधर | चक्र को धारण करने वाला है जो अर्थात् विष्णु | बहुव्रीहि समास |
प्रश्न 16. कविता शिक्षण पर कक्षा-6 के लिए एक संक्षिप्त पाठ-योजना बनाइए।
उत्तर:
कक्षा: 6
विषय: हिन्दी
पाठ: वह चिड़िया जो
कवि: केदारनाथ अग्रवाल
समय: लगभग 35 मिनट
सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में हिन्दी कविता के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- श्रवण, वाचन एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना।
विशिष्ट उद्देश्य: पाठ के अन्त में विद्यार्थी—
- कविता का शुद्ध एवं भावपूर्ण वाचन कर सकेंगे।
- कविता के मुख्य भाव को अपने शब्दों में बता सकेंगे।
- कठिन शब्दों के अर्थ समझ सकेंगे।
- कविता में व्यक्त प्रकृति एवं स्वतंत्रता के भावों को समझ सकेंगे।
शिक्षण सामग्री: पाठ्य-पुस्तक, श्यामपट्ट, चिड़िया एवं प्रकृति से सम्बन्धित चित्र।
पूर्वज्ञान परीक्षण:
- आपने अपने आसपास कौन-कौन से पक्षी देखे हैं?
- चिड़िया कहाँ रहती है?
- पक्षियों को स्वतंत्र उड़ते देखकर आपको कैसा लगता है?
प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिन्दु | शिक्षक की क्रिया | विद्यार्थी की क्रिया |
|---|---|---|
| आदर्श वाचन | शिक्षक उचित लय, यति, गति एवं भाव के साथ कविता का वाचन करेगा। | विद्यार्थी ध्यानपूर्वक सुनेंगे। |
| अनुकरण वाचन | शिक्षक विद्यार्थियों से कविता का अनुकरण वाचन कराएगा और उच्चारण की त्रुटियाँ सुधारेगा। | विद्यार्थी शुद्ध एवं भावपूर्ण वाचन करेंगे। |
| शब्दार्थ | कठिन शब्दों का अर्थ स्पष्ट करेगा। | विद्यार्थी शब्दार्थ समझेंगे और लिखेंगे। |
| भाव-बोध | कविता का भाव सरल भाषा में स्पष्ट करेगा और प्रश्न पूछेगा। | विद्यार्थी प्रश्नों के उत्तर देंगे। |
पुनरावृत्ति प्रश्न:
- कविता के कवि का नाम क्या है?
- कविता में चिड़िया की कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई गई हैं?
- कविता का मुख्य भाव अपने शब्दों में बताइए।
गृहकार्य: अपने प्रिय पक्षी पर पाँच वाक्य लिखिए।
प्रश्न 17. 'पुनर्बलन' शब्द से क्या अभिप्राय है? सोदाहरण लिखिए।
उत्तर: किसी व्यवहार के बाद ऐसी प्रक्रिया या उद्दीपन का प्रयोग, जिससे उस व्यवहार के दोबारा होने की संभावना बढ़ जाए, पुनर्बलन कहलाता है। इसके मुख्यतः दो प्रकार हैं—
-
सकारात्मक पुनर्बलन: वांछित व्यवहार के बाद कोई सुखद अथवा पुरस्कारात्मक उद्दीपन प्रदान करना।
उदाहरण: विद्यार्थी द्वारा सही उत्तर देने पर शिक्षक उसका उत्साहवर्धन करते हुए ‘बहुत अच्छा’ कहे। -
नकारात्मक पुनर्बलन: वांछित व्यवहार होने पर किसी अप्रिय परिस्थिति या उद्दीपन को हटा देना, जिससे उस व्यवहार के पुनः होने की संभावना बढ़े।
उदाहरण: विद्यार्थी समय पर कार्य पूरा करने लगे तो शिक्षक उसके लिए निर्धारित अतिरिक्त अभ्यास हटा दे।
नोट: नकारात्मक पुनर्बलन दण्ड नहीं है। पुनर्बलन का उद्देश्य व्यवहार की संभावना बढ़ाना होता है, जबकि दण्ड सामान्यतः किसी व्यवहार को कम करने के लिए दिया जाता है।
प्रश्न 18. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध रूप में लिखिए— (1) पुस्तक समर्पण की। (2) उनका रहन-सहन का दर्जा ऊँचा है। (3) सभा में विरोध प्रकट किया गया। (4) मेरे को बाजार जाना है।
उत्तर:
| अशुद्ध/दिया गया वाक्य | शुद्ध वाक्य |
|---|---|
| पुस्तक समर्पण की। | पुस्तक समर्पित की गई। |
| उनका रहन-सहन का दर्जा ऊँचा है। | उनके रहन-सहन का स्तर ऊँचा है। |
| सभा में विरोध प्रकट किया गया। | सभा में विरोध प्रकट किया गया। (यह वाक्य व्याकरण की दृष्टि से पहले से शुद्ध है।) |
| मेरे को बाजार जाना है। | मुझे बाजार जाना है। |
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