वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. मार्गशीर्ष शब्द किस महीने का बोधक है-
(a) क्वार
(b) माघ
(c) अगहन
(d) पूस
उत्तर: (c) : मार्गशीर्ष शब्द अगहन महीने का बोधक है। और क्वार को अश्विन मास और पस को पौष और माघ को माघ कहा जाता है अतः विकल्प (c) सही है।
प्रश्न 2. 'मधु' शब्द का सप्तमी विभक्ति बहुवचन का रूप है-
(a) मधुषु
(b) मघुना
(c) मधुने
(d) मधूनि
उत्तर: (a) : 'मधु' शब्द का सप्तमी विभक्ति बहुवचन का रूप मघुषु है। 'मधु' (शहद) शब्द रूप
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | मधु | मधुनी | मधूनि |
| द्वितीया | मधु | मधुनी | मधूनि |
| तृतीया | मधुना | मधुभ्याम् | मधुभिः |
| चतुर्थी | मधुने | मधुभ्याम् | मधुभ्यः |
| पञ्चमी | मधुनः | मधुभ्याम् | मधुभ्यः |
| पष्ठी | मधुनः | मधुनो | मधूनाम् |
| सप्तमी | मधुनि | मधुनो | मधुषु |
अतः विकल्प (a) सही है।
प्रश्न 3. संस्कृत में वचन कितने प्रकार के होते है-
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) एक
उत्तर: (b) : संस्कृत में वचन तीन प्रकार के होते है।
- एकवचन
- द्विवचन
- एवं बहुवचन
अतः विकल्प (b) सही है।
प्रश्न 4. 'संस्कृत विश्व की प्राचीनतम् भाषा है' वाक्य के किस पद में सम्बन्ध कारक है-
(a) प्राचीनतम्
(b) संस्कृत
(c) भाषा
(d) विश्व की
उत्तर: (d) : संस्कृत विश्व की प्राचीनतम् भाषा है। वाक्य में विश्व की पद में सम्बन्ध कारक है। अतः विकल्प (d) सही है।
प्रश्न 5. 'गेहूँ' को संस्कृत में कहते है-
(a) गोधूम
(b) व्रीहि
(c) आढकी
(d) माष
उत्तर: (a) : गेह को संस्कृत में गोधूम कहते है। व्रीहि को धान और माष उड़द को कहते है। अतः विकल्प (a) सही है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. अधोलिखित संख्याओं की संस्कृत लिखि आठ सोलह बीस एक तीन
उत्तर: अधोलिखित संख्याओं की संस्कृत है
- आठ - अष्ट/अष्टाः
- सोलह - षोडश
- बीस - विंशति
- तीन - त्रीणि
प्रश्न 7. किन्दी पाँच पशुओं के नाम संस्कृत में लिखिए।
उत्तर: पाँच पशुओं के नाम संस्कृत में-
| श्वान | कुत्ता |
| विडाल | बिल्ली (नर) |
| खर | गधा |
| अश्व | घोड़ा |
| सिहः | शेर |
प्रश्न 8. "उद्योगिन पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी" सूक्ति का हिन्दी में अर्थ लिखिए।
उत्तर: "उद्योगिनः पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीः" सूक्ति का हिन्दी अर्थ है- उद्यमी पुरुष के पास ही सदैव लक्ष्मी जाती है। यानि संसार में मेहनती लोगो के पास ही लक्ष्मी जाती है।
प्रश्न 9. 'पत्' धातु का लट् लकार मध्यम पुरुष का तीनों वचनो में रूप लिखिए।
उत्तर: 'पत्' धातु का लट् लकार मध्यम पुरुष का तीनो वचनों में रूप है - पतसि, पतथः, पतथ। यह तीनों रूप मध्यम पुरुष लट् लकार तीनो रूपो का वर्णन है।
प्रश्न 10. 'युष्मद्' सर्वनाम शब्द का तृतीया विभक्ति के तीनों वचनों के रूप लिखिए।
उत्तर: युष्मद् सर्वनाम शब्द का तृतीया विभक्ति के तीनों वचनों के रूप "त्वया युवाभ्याम् युष्याभिः" रूप होते है।
प्रश्न 11. सा विद्यालयं अगच्छत् का हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
उत्तर: "सा विद्यालयं अगच्छत्" का हिन्दी अनुवाद है। "वह विद्यालय गई।"
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. भाववाचक ज्ञान को परिभाषित कीजिए एवं उदाहरण भी लिखिए।
उत्तर: भाववाचक संज्ञा की परिभाषा जिस संज्ञा शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण-दोष, भाव, दशा, धर्म, माप या अवस्था का पता चले, उसे भाव वाचक संज्ञा कहते है। जैसे बचपन, जवानी, बुढ़ापा, मिठास, खटास, धर्म, मोटापा, सुन्दरता, क्रोध आदि।
प्रश्न 13. 'कृ' धातु के लङ्लकार के तीनों पुरुषों एवं तीनों वचनों के रूप लिखिए।
उत्तर: 'कृ' धातु के ललकार के तीनो पुरुषो वचनो के रूप-
'कृ' धातु के लङ् लकार
| एकवचन | द्विवचन | बहुवचन | |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | अकरोत् | अकुरुताम् | अकुर्वन् |
| मध्यम पुरुष | अकरोः | अकुरुतम् | अकुरुत |
| उत्तम पुरुष | अकरवम् | अकुर्व | अकुर्म |
प्रश्न 14. संस्कृत भाषा में व्याकरण ज्ञान का क्या महत्तव है?
उत्तर: संस्कृत भाषा में व्याकरण ज्ञान का महत्व है उसका कारण यह है कि यह भाषा को शुद्ध रूप में जानने का जरिया है। व्याकरण के जरिये ही किसी भाषा को शुद्ध से सटीक तरीके से लिख पढ़ा और बोला जा सकता है। भाषा की सुन्दरता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए व्याकरण के नियमों का पालन करना जरुरी है।
संस्कृत व्याकरण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातेः-
- संस्कृत व्याकरण की परम्परा बहुत पुरानी है
- संस्कृत व्याकरण को वेदों के छः अंगों में सबसे प्रमुख माना जाता है।
- संस्कृत व्याकरण के प्रवक्ता पाणिनि है।
- संस्कृत व्याकरण से वागीश शास्त्री ने वैज्ञानिक रूप दिया।
प्रश्न 15. संस्कृत-शिक्षण में इण्टरनेट की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: संस्कृत शिक्षण में इण्टरनेट की उपयोगिता-संस्कृत शिक्षण में इन्टरनेट का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है।
- इंटरनेट पर संस्कृत में ब्लागिंग की जा सकती है। और ब्लॉग पढ़े जा सकते है।
- संस्कृत भाषा के श्लोक सुने जा सकते है।
- संस्कृत शब्द कोष का इस्तेमाल करके संस्कृत शब्दो के अर्थ समझा जा सकता है।
- संस्कृत भाषा के नेटवर्क तंत्र का हिस्सा बनकर शुद्ध संस्कृत का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- संस्कृत से जुड़े व्याख्यान सुने जा सकते है।
- संस्कृत के बारे में जानकारी देने वाले कई Applications (एप्लीकेशन्स) है। जैसे वाचस्पत्यम्, शब्द कल्पद्रुम, संस्कृत इग्लिश डिक्शनरी, शब्द रूप माला आदि।
- संस्कृत को कम्प्यूटर की मदद से आसानी से पढ़ा जा सकता है।
- संस्कृत में लिखे ज्ञान भण्डार को अन्य भाषाओं में बदला जा सकता है।
प्रश्न 16. अधोलिखित वाक्यों का संस्कृत भाषा में अनुवाद कीजिए。
(क) हरि को नमस्कार है。
(ख) वह घर जाती है。
(ग) हम दोनो पढ़ते थे。
(घ) वृक्ष से पत्ते गिरते हैं।
उत्तर: अधोलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद-
- हरि को नमस्कार है। - हरये नमः।
- वह घर जाती है। - सा गृहं गच्छति।
- हम दोनो पढ़ते थे। - आवां अपठाव।
- वृक्ष से पत्ते गिरते है। - वृक्षात् पत्राणि पतन्ति ।
प्रश्न 17. अधोलिखित श्लोक का हिन्दी में भावार्थ लिखिए
अभिवादनशीलस्य नित्य वृद्धोपसेविनः ।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्यायशोबलम् ॥
उत्तर: अधोलिखित श्लोक का हिन्दी में भावार्थ अभिवादन शील (अर्थात् अपने से बड़ो का सम्मान एवं छोटे लोगो के लिए स्नेह) करने वाले व्यक्ति, जो नित्य प्रति अपने वृद्ध लोगों की सेवा करते है उनकी चार चीजे बढ़ जाती है। आयु, विद्या, यश और बल मे सदा ही वृद्धि होती रहती है। इसीलिए सभी का सम्मान करना और अभिवादन करना आवश्यक होता है।
प्रश्न 18. संस्कृत भाषा शिक्षण में आदर्श वाचन के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: संस्कृत भाषा शिक्षण में आदर्श वाचन का महत्व इस वजह से है। कि इससे छात्रों में वाचन कौशल का विकाश होता है।
- आदर्श वाचन यानी शिक्षक द्वारा किया जानेवाला वाचन, छात्रों के लिए एक मॉडल होता है।
- आदर्श वाचन के बाद छात्र कक्षा में सस्वर वाचन करते है, जिसे अनुकरण वाचन कहते है।
- सस्वर वाचन से छात्रों में वाचन कौशल का विकास होता है।
- सस्वर वाचन से छात्रों को शब्दों और वाक्यों का शुद्ध उच्चारण करना सीखते है।
- सस्वर वाचन से छात्रों में मौखिक अभिव्यक्ति के लिए आत्मविश्वास पैदा होता है।