वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'क्ष' संयुक्त रूप है-
(a) क् + ष
(b) क् + छ
(c) का + षा
(d) क् + ष ।
उत्तर: (d) : 'क्ष' संयुक्त रूप क् + ष का है।
चार प्रकार के संयुक्त व्यंजन हैं -
- क्ष = क् + ष,
- त्र = त् + र
- ज्ञ = ज् + ञ
- श्र = श् + र आदि।
प्रश्न 2. द्वादश शब्द बोधक है-
(a) दो
(b) बारह
(c) बाईस
(d) बत्तीस।
उत्तर: (b) : 'द्वादश' शब्द बारह का बोधक है।
अन्य के संस्कृत में नाम -
दो - द्वौ
बाईस - द्वाविंशतिः
बत्तीस - द्वात्रिशंत्
प्रश्न 3. 'समक्षः' शब्द में समास है-
(a) कर्मधारय
(b) तत्पुरुष
(c) द्विगु
(d) अव्ययीभाव।
उत्तर: (d) : 'समक्षः' में अव्ययीभाव समास है।
प्रश्न 4. 'ऊपर जाता है' के लिए संस्कृत में क्रिया प्रयुक्त होगी-
(a) निर्गच्छति
(b) प्रतिगच्छति
(c) उद्गच्छति
(d) अवच्छत।
उत्तर: (c) : "ऊपर जाता है" के लिए संस्कृत में क्रिया उद्गच्छति प्रयुक्त होगी।
प्रश्न 5. क्रिया के जिस रूप से उसके होने के समय का बोध होता है, उसे कहते हैं-
(a) धातु
(b) लकार
(c) काल
(d) कर्म।
उत्तर: (c) : क्रिया के जिस रूप से उसके होने के समय का बोध होता है, उसे काल कहते हैं।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. लिंग के तीन प्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर: लिंग जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम के स्त्री या पुरुष जाति का बोध होता है। उसे लिंग कहते हैं।
हिन्दी में दो लिंग होते हैं (पुल्लिंग और स्त्रीलिंग) जबकि संस्कृत में तीन लिंग होते हैं
- पुल्लिंग
- स्रीलिंग
- नपुंसक लिंग
प्रश्न 7. दो पशु और दो पक्षियों के नाम संस्कृत में लिखिए।
उत्तर:
| पशुओं के नाम | पक्षियों के नाम |
|---|---|
| घोड़ा - अश्वः | उल्लू - उलूकः |
| बकरी - अजा | मोर - मयूरः |
| बकरा - अजः | बाज - श्येनः |
| कौआ - काकः |
प्रश्न 8. 'फलेन' शब्द का विभक्ति एवं वचन बताइए।
उत्तर:
| शब्द | विभक्ति | वचन |
|---|---|---|
| 'फलेन्' | तृतीया | एकवचन |
प्रश्न 9. 'रमा' शब्द का सप्तमी विभक्ति बहुवचन रूप लिखिए।
उत्तर: 'रमा' शब्द का सप्तमी विभक्ति बहुवचन में रूप रमासु होगा।
प्रश्न 10. 'उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत' का हिन्दी में अर्थ लिखिए।
उत्तर: हे मनुष्यों उठो, जागो और ज्ञानी मनुष्य के पास जाकर ज्ञान प्राप्त करो।
प्रश्न 11. 'चाहिये' के अर्थ में कौन-सा लकार प्रयुक्त होता है?
उत्तर: 'चाहिए' के अर्थ में विधिलिंग लकार प्रयुक्त होता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. एक से दस तक की संख्याओं को संस्कृत में लिखिए।
उत्तर: 1 से 10 तक संख्याओं का संस्कृत नाम
| 1 | एकः |
| 2 | द्वौ |
| 3 | त्रयः |
| 4 | चत्वारः |
| 5 | पञ्च |
| 7 | सप्त |
| 8 | अष्ट |
| 9 | नव |
| 10 | दश |
प्रश्न 13. संस्कृत शिक्षण की विभिन्न विधियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: संस्कृत शिक्षण की निम्न विधियाँ हैं -
- प्रश्नोत्तर विधि
- प्रोजेक्ट विधि
- वार्तालाप विधि
- चित्र विधिः
- लेखनशैली।
- प्रश्नोत्तर विधि - इसमें प्रश्नकर्ता से ही प्रश्न किए जाते हैं, और उनके उत्तरों के आधार पर उसी से प्रश्न करते करते अपेक्षित उत्तर निकलवा लिया जाता है।
- प्रोजेक्ट विधि - इस विधि में पढ़ने के लिए पहले कोई समस्या ली जाती है जो प्रायः छात्रों द्वारा उठायी जाती है। उस समस्या को हल करने के लिए सहकर्मियों के एक समूह से योजना बनाई जाती है। पारस्परिक सहयोग से समस्या का समाधान किया जाता है।
- वार्तालाप विधि - वार्तालाप विधि को एक लोकतान्त्रिक विधि के रूप में माना जाता है। जिसमें विद्यार्थियों को अधिक सक्रिय रहना पड़ता है। यह सदैव एक विद्यार्थी केन्द्रित विधि है। इस विधि में बच्चों से वार्तालाप (बातें) करके उन्हें पशु-पक्षियों फल-फूल आदि के विषय में जानकारी दी जा सकती है बातों-बातों में बच्चा पहचानने लगेगा और रोज अभ्यास से वह सारी चीजें सीख जायेगा।
- चित्र विधि - इस विधि में बच्चों को चित्रों के माध्यम से पढ़ाया जाता है। जैसे आम, इमली का चित्र दिखाकर, आम, इमली बोलना तथा लिखना सिखाया जाता है
- लेखन शैली - निबन्ध लेखन, कथा लेखन, जीवन परिचय लेखन, नाटक/संवाद लेखन, पत्र-लेखन आदि को लिखाकर एवं छात्रों को स्वयं लिखने के लिए कह कर आदि के माध्यम से संस्कृत शिक्षण में लेखन शैली का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 14. धातु से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: संस्कृत व्याकरण में क्रियाओं के मूल रूप को 'धातु' कहते हैं। धातु ही संस्कृत शब्दों के निर्माण के लिए मूल तत्व हैं। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं, संस्कृत का लगभग हर शब्द अन्ततः धातुओं के रूप में तोड़ा जा सकता है।
उदाहरण- कृ, भू, स्था, अन्, जन्, दृश्, गम्, पठ्, मन् आदि कुछ धातु हैं।
- संस्कृत = सम् (उपसर्ग) + कृ (धातु) + क्त (प्रत्यय)
- धातु = धा (धातु) + तिन (प्रत्यय)
प्रश्न 15. संस्कृत भाषा की वर्णमाला को कितने भागों में बाँटा जा सकता है?
उत्तर: संस्कृत भाषा की वर्णमालाओं को 4 भागों में विभाजित किया जा सकता है-
- स्वर
- व्यंजन
- विसर्ग
- अनुस्वार।
- स्वर - जो वर्ण स्वयं उच्चरित होते हैं, अर्थात जो वर्ण बिना किसी की सहायता से बोले जाते हैं। उन्हें स्वर कहते हैं। इसकी संख्या 13 होती है। ये तीन प्रकार के होते हैं। हस्व स्वर दीर्घ स्वर, प्लुत स्वर।
- व्यंजन - वे वर्ण जो स्वयं उच्चरित न होकर, स्वर की सहायता से बोले जाते हैं उन्हें व्यंजन वर्ण कहते हैं। ये चार प्रकार के होते हैं- अंतस्थव्यञ्जन, स्र्पश व्यंजन, ऊष्म व्यंजन तथा संयुक्त व्यंजन।
- विसर्ग - जब किसी वर्ण की अन्तिम ध्वनि (ः) शेष रहती है, तो उसे विसर्ग कहते हैं। इसको वर्ण के बाद दो बिन्दुओं द्वारा प्रदर्शित करते हैं। यथा अः (:), प्रातः।
- अनुस्वार - जब किसी वर्ण की अन्तिम ध्वनि (ं) शेष रहती है। तो उसे अनुस्वार कहते हैं। यह वर्ण के ऊपर एक बिन्दु के रूप में प्रयोग किया जाता है। यथा अं(), संगति।
प्रश्न 16. किन्हीं चार फलों के नाम संस्कृत में लिखिए।
उत्तर: चार फलों के नाम संस्कृत में निम्न है-
| फलों के नाम | संस्कृत में नाम |
|---|---|
| सेब | सेवम् |
| आम | आम्रम् |
| अंगूर | द्राक्षाफलम् |
| खजूर | खर्जुरम् |
| केला | कदलिका |
| नारियल | नारिकेलः |
| अमरुद | अमृतफलम् |
| लीची | लीचिका |
प्रश्न 17. संस्कृत शिक्षण में ऑडियो/वीडियो क्लिप के महत्व
उत्तर: संस्कृत शिक्षण में आडियों/विडियो क्लिप का महत्व -
- वीडियो क्लिप छात्रों को शीघ्र सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- इसके माध्यम से पाठ्यवस्तु सार्थक व बोधगम्य बन जाती है।
- छात्रों के अधिगम स्तर को उच्च व स्थायी बनाने में।
- पाठ्यवस्तु को सजीव रूप से प्रस्तुत करने में।
- पढ़ने में आनन्द का अनुभव कराने में जिससे थकावट का अनुभव नहीं होता है।
- दूरस्थ विद्वानों की विचारधारा का ज्ञान सरलता से प्राप्त कराने में महत्वपूर्ण है।
ऑडियो क्लिप का महत्व :
- इसके माध्यम से उच्चारण प्रक्रिया को शुद्ध बनाया जाता है।
- ज्ञान सुदृढ़ व चिरस्थायी होता है।
- छात्रों को सक्रिय रखने में।
- छात्रों का ध्यान केन्द्रित करने में।
प्रश्न 18. संस्कृत में अनुवाद कीजिए-
(1) मैं प्रतिदिन विद्यालय जाता हूँ。
(2) तुम कहाँ रहते हो?
(3) श्याम पैर से लंगड़ा है。
(4) पेड़ से फल गिरते हैं।
उत्तर: संस्कृत में अनुवाद
- अहम् प्रतिदिनम् विद्यालयं गच्छामि।
- त्वम् कुत्र निवससि ?
- श्यामः पादेन् खञ्जः ।
- वृक्षात् फलानि पतन्ति।