वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'विसंज्ञः' शब्द का अर्थ है-
(a) चेतनायुक्त
(b) अच्छी संगति
(c) चेतनाहीन
(d) निरोगी
उत्तर: (c) : 'विसंज्ञः' शब्द का अर्थ है चेतनाहीन। चेतनाहीन का अर्थ है जिसे होश न हो अर्थात् बेहोश, मूर्छित, चेतना शून्य, अचेत, बेखबर इत्यादि।
प्रश्न 2. 'धेन्वा' शब्द में लिंग, वचन व विभक्ति है-
(a) स्रीलिंग, बहुवचन, षष्ठी
(b) स्त्रीलिंग, एकवचन, तृतीया
(c) स्त्रीलिंग, बहुवचन, तृतीया
(d) स्रीलिंग, द्विवचन, द्वितीया
उत्तर: (b) : 'धेन्वा' शब्द में स्त्रीलिंग, एकवचन और तृतीया विभक्ति है। 'धेन्वा' शब्द, धेनु (गाय) का स्त्रीलिंग रूप है।
प्रश्न 3. 'राज्ञः' शब्द रूप में प्रयुक्त वचन है -
(a) एकवचन
(b) द्विवचन
(c) बहुवचन
(d) एकवचन व बहुवचन दोनों
उत्तर: (d) : 'राज्ञः' राजन् (राजा) (नकारान्त पुल्लिंग) शब्द रूप में एकवचन व बहुवचन दोनों में प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 4. 'स्थास्यथ' शब्द में धातु, पुरुष व वचन है -
(a) स्था, प्रथम, द्विवचन
(b) स्था, उत्तम, द्विवचन
(c) स्था, मध्यम, बहुवचन
(d) स्था, मध्यम, द्विवचन
उत्तर: (c) : 'स्थास्यथ' शब्द में धातु 'स्था', पुरुष मध्यम पुरुष, व वचन, बहुवचन है। 'स्थास्यथ' शब्द स्था (तिष्ठ्) (ठहरना) के लृट् लकार में है।
प्रश्न 5. 'हम सब पाठ पढ़ेगें' वाक्य का संस्कृत अनुवाद है
(a) वयं पाठं पठिष्यामि
(b) वयं पाठं पठिष्यन्ति
(c) वयं पाठं पठिष्यावः
(d) वयं पाठं पठिष्यामः
उत्तर: (d) : 'हम सब पाठ पढ़ेगें' वाक्य का संस्कृत अनुवाद 'वयं पाठं पठिष्यामः' होता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. चिक्रोडाः, मकराः, मरालः, शशकः, सारिका शब्दों में से किन्हीं दो शब्दों का हिन्दी अर्थ लिखिए।
उत्तर:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| चिक्रोडाः | गिलहरी |
| मकराः | घड़ियाल |
| मरालः | हंस |
| शशकः | खरगोश |
| सारिका | मैना |
प्रश्न 7. 'चाहिए' के योग में किस लकार का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर: 'चाहिए' के योग में विधिलिंङ् लकार का प्रयोग किया जाता है। 'चाहिए' पठ् धातु रूप में प्रयुक्त होता, जहाँ बात की सम्भावना की जाये वहाँ विधिलिङ्ः लकार का प्रयोग होता है।
प्रश्न 8. 'पितरि' शब्द में किस विभक्ति का प्रयोग हुआ है?
उत्तर: 'पितरि' पिता शब्द के रूप में सप्तमी विभक्ति एकवचन में आता है। पिता शब्द संस्कृत में पितृ (ऋकारान्त पुल्लिंग) होता है।
प्रश्न 9. 'भविष्यत् काल' को दर्शाने के लिए किस लकार का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर: 'भविष्यत् काल' को दर्शाने के लिए लृट् लकार का प्रयोग करते हैं। क्रिया के जिस रूप में आने वाले समय का बोध हो, उसे भविष्यत् काल (भविष्य काल) कहते हैं। काल के जिस रूप से ज्ञात हो कि कार्य होने वाला है, उसे भविष्य काल कहते हैं। भविष्य काल के वाक्यों के अंत में 'गा, गें, गी' इत्यादि आते हैं।'
उदाहरणः राम प्रतिदिन पढ़ता रहेगा। शायद वह खाना खा ले।
प्रश्न 10. 'उन्नीस' संख्या को संस्कृत में किस प्रकार लिखा जाता है?
उत्तर: उन्नीस संख्या को संस्कृत में 'ऊनविंशति' या 'एकोनविंशति' लिखा जाता है।
प्रश्न 11. 'सम्प्रदान कारक' का प्रयोग किस विभक्ति के लिए किया जाता है?
उत्तर: 'सम्प्रदान कारक' का प्रयोग चतुर्थी विभक्ति के लिये किया जाता है। कर्ता जिसके लिए कुछ कार्य करता है अथवा जिसे कुछ देता है उसे व्यक्त करने वाले रूप को सम्प्रदान कारक कहते हैं। इसका हिन्दी पर्याय 'के लिए' है। उदाहरण : मैं सुरेश के लिए चाय बना रहा हूँ।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. 'वचन' किसे कहते हैं? छोटे बच्चों को वचन की जानकारी किस प्रकार दी जानी चाहिए। सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शब्द के जिस रूप से एक अथवा एक से अधिक संख्या का बोध होता है, उसे वचन कहते हैं।
उदाहरण : बालकाः पठन्ति। बालकः पठति।
संस्कृत में वचन तीन प्रकार के होते हैं-
- एकवचन जैसेः बालकः, छात्रः
- द्विवचन जैसेः छात्रो, बालकौ
- बहुवचन जैसेः छात्राः, बालकाः
प्रश्न 13. 'आदर्श वाचन' से आप क्या समझते हैं ? इसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: शिक्षक द्वारा किया जाने वाला वाचन आदर्श वाचन कहलाता है क्योंकि यह बालक हेतु वाचन के आदर्श रूप में होता हैं। अतः शिक्षक द्वारा किये गये वाचन को आदर्श वाचन इसलिये भी कहा जाता है कि अध्यापक वाचन में कोई त्रुटि नहीं करेगा तथा वाचन के घटकों का ध्यान रखते हुये वास्तव में बालकों के सामने आदर्श वाचन प्रस्तुत करेगा। जब यही वाचन छात्र द्वारा किया जाता है तो वह 'अनुकरण वाचन' कहलाता ता है अर्थात् वाचन में छात्र से यह अपेक्षा की जाती है कि वह शिक्षक द्वारा किये गये आदर्श वाचन का अनुकरण करे।
प्रश्न 14. 'आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्' सूक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत् सूक्ति का अर्थ अपने को अच्छा न लगने वाला व्यवहार दूसरों के साथ नहीं करना चाहिए। यहीं सूक्ति का आशय है।
प्रश्न 15. 'भू' धातु का रूप लृट्लकार के तीनों वचनों व पुरुषों में लिखिए।
उत्तर:
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | भविष्यति | भविष्यत्ः | भविष्यन्ति |
| मध्यम | भविष्यसि | भविष्यथः | भविष्यथ |
| उत्तम पुरुष | भविष्यामि | भविष्यावः | भविष्यामः |
प्रश्न 16. संस्कृत शिक्षण में 'शब्द कार्डों' का क्या महत्व हैं ? कक्षा में बच्चों को पशु व पक्षियों के संस्कृत नामों की जानकारी किस प्रकार देनी चाहिए, स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: संस्कृत शिक्षण में 'शब्द कार्डों' का प्रयोग अतिमहत्वपूर्ण है। क्योंकि इससे हम बच्चों को अच्छी तरह से सिखा सकते हैं। कक्षा में बच्चों को पशु व पक्षियों के संस्कृत नामों की जानकारी उनके चित्र बनाकर देनी चाहिये। पाँच पशुओं और पक्षियों के नाम संस्कृत में निम्नलिखित है
- मृगः हिरण (Deer)
- मत्स्यः मछली (Fish)
- गौ - गाय (Cow)
- सिंह शेर (Lion)
- वानरः - बन्दर (Monkey)
- मयूरः मोर (Peacock)
- कपोतः कबूतर (Pigeon)
- गरूड़ः गरूड़ (Eagle)
- हंसः हंस (Swan)
- शुकः ताता (Parrot)
प्रश्न 17. निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत से हिन्दी में अनुवाद कीजिए। (a) अहं पुस्तकं पठामि । (b) तं प्रति दयां कुरू। (c) शिशुः प्रकृत्या सरलः भवति। (d) गुरवे नमः।
उत्तर: उपर्युक्त वाक्यों का संस्कृत से हिन्दी में अनुवाद अग्रलिखित हैं-
- मैं पुस्तक पढ़ता हूँ।
- उनके प्रति दया करो।
- शिशु प्रकृति से सरल होता है।
- गुरू को नमस्कार।
प्रश्न 18. निम्नलिखित शब्दों में से किन्ही छह शब्दों के संस्कृत नाम लिखिए- घोड़ा, कुत्ता, हिरन, बकरी, कोयल, चिड़िया, पेड़, तरबूज, लड्डू, अनार ।
उत्तर:
| हिन्दी नाम | संस्कृत नाम |
|---|---|
| घोड़ा | अश्वः |
| कुत्ता | कुक्करः |
| हिरन | मृगः |
| बकरी | अजाः |
| कोयल | कोकिला |
| अनार | दाड़िम् |
| लड्डू | मोदकः |
| तरबूज | कालिन्दम् |
| पेड़ | वृक्ष : |
| चिड़िया | चटकाः |