Q1
Q.1: अनुस्वार एवं विसर्ग कहलाते हैं–
A
स्वर
B
व्यंजन
C
अयोगवाह
D
उत्क्षिप्त
Q2
Q.2: 'सुन्दरता' शब्द में संज्ञा है–
A
जातिवाचक संज्ञा
B
व्यक्तिवाचक संज्ञा
C
भाववाचक संज्ञा
D
समुदायवाचक संज्ञा
Q3
Q.3: 'आँसू' किसकी रचना है?
A
सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
B
प्रेमचन्द
C
जयशंकर प्रसाद
D
महादेवी वर्मा
Q4
Q.4: हलन्त वर्ण कहलाते हैं–
A
स्वर युक्त व्यंजन
B
स्वर रहित व्यंजन
C
संयुक्त व्यंजन
D
शुद्ध व्यंजन
Q5
Q.5: 'राजपुत्र' में समास है–
A
अव्ययीभाव
B
तत्पुरुष
C
कर्मधारय
D
बहुव्रीहि
Q6
Q.6: अनुस्वार का चिह्न होता है–
A
(–)
B
(ं)
C
(:)
D
(;)
Q7
Q.7: स्वर को विभक्त किया जाता है–
A
1
B
2
C
3
D
4
Q8
Q.8: 'परिमल' काव्य के रचयिता हैं–
A
कबीर
B
सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
C
महादेवी वर्मा
D
बाबू गुलाबराय
Q9
Q.9: 'खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी' की रचयिता थीं–
A
महादेवी वर्मा
B
मन्नू भण्डारी
C
देवयानी घोष
D
सुभद्रा कुमारी चौहान
Q10
Q.10: 'पंचपात्र' के लेखक हैं–
A
श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
B
वाजपेयी जी
C
डॉ. नगेन्द्र
D
मिश्र जी
Q11
Q.11: 'हिन्दी जगजीवन' का सम्पादन किया था–
A
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
B
हरिभाऊ उपाध्याय
C
रामकुमार वर्मा
D
हजारीप्रसाद द्विवेदी
Q12
Q.12: वनमाला व आनन्दमयी के रचयिता हैं–
A
मिश्र जी
B
रामकुमार वर्मा
C
महावीर प्रसाद द्विवेदी
D
डॉ. नगेन्द्र
Q13
Q.13: 'वीणा' काव्य-रचना के रचयिता हैं–
A
सुमित्रानन्दन पन्त
B
सोहनलाल द्विवेदी
C
सुभाद्राकुमारी चौहान
D
रामकुमार वर्मा
Q14
Q.14: रामनरेश त्रिपाठी का जन्म हुआ था–
A
सन् 1889 में
B
सन् 1905 में
C
सन् 1904 में
D
सन् 1907 में
Q15
Q.15: काशी में 'नागरी प्रचारिणी सभा' की स्थापना की थी–
A
प्रतापनारायण मिश्र ने
B
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने
C
श्यामसुन्दरदास ने
D
रामचन्द्र शुक्ल ने
Q16
Q.16: शुद्ध वर्तनी वाले शब्द का चयन कीजिए–
A
आशीर्वाद
B
आशिवाद
C
आशिर्वाद
D
आशीर्वाद
Q17
Q.17: 'प्रत्युपकार' शब्द में प्रयुक्त उपसर्गों की संख्या है–
A
तीन
B
दो
C
चार
D
एक
Q18
Q.18: 'शताब्दी एक्सप्रेस के समय पर पहुँचने का सम्भावना है।' वाक्य किस प्रकार का वाक्य है?
A
संकेतवाचक
B
विस्मयवाचक
C
सन्देहवाचक
D
विधानवाचक
Q19
Q.19: शुद्ध वर्तनी वाले शब्द का चयन करें–
A
उपरियुक्त
B
उपर्युक्त
C
उपरोक्त
D
ऊपरोक्त
Q20
Q.20: 'पुरस्कार' कहानी के लेखक हैं–
A
प्रेमचन्द
B
महादेवी वर्मा
C
जयशंकर प्रसाद
D
बालकृष्ण भट्ट