बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. हर्षचरित के रचयिता कौन थे?
(a) हर्ष
(b) बाणभट्ट
(c) भवभूति
(d) मातंग
उत्तर: (b) : हर्ष चरित संस्कृत में 'बाणभट्ट' द्वारा रचित एक ग्रन्थ है। इसमें भारतीय सम्राट हर्षवर्धन का जीवन चरित्र वर्णित है। ऐतिहासिक कथानक से सम्बन्धित यह संस्कृत का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है।
प्रश्न 2. चालुक्य वंश का सबसे प्रतापी राजा कौन था?
(a) जय सिंह
(b) रणराज
(c) पुलकेशिन द्वितीय
(d) पुलकेशिन प्रथम
उत्तर: (c) : चालुक्य वंश का सबसे महान शासक पुलकेशिन द्वितीय था।
प्रश्न 3. वी (V) प्रकार की घाटी नदी के किस मार्ग से बनती है?
(a) ऊपरी मार्ग से
(b) मध्य मार्ग से
(c) निचले मार्ग से
(d) नदी के मुहाने पर
उत्तर: (a) : वी(V)- आकार की घाटियाँ नदी के ऊपरी भाग में पाई जाती हैं जहाँ नदी के दोनों ओर तीव्र ढलान होती है।
प्रश्न 4. पृथ्वी का औसत घनत्व है-
(a) 2.2
(b) 5.5
(c) 9.5
(d) 9.4
उत्तर: (b) : पृथ्वी का औसत घनत्व 5.5 है जबकि भूपर्पटी का धनत्व लगभग 3.0 है। इस आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि पृथ्वी के कोड का औसत घनत्व 5.5 से अधिक होगा।
प्रश्न 5. भृगु का निर्माण कहाँ होता है?
(a) पहाड़ी भागों में
(b) समूह के किनारे
(c) हिमानी क्षेत्र
(d) मरुस्थल में
उत्तर: (a) : समुद्री भृगु झुके हुए ढलान पर सीधे लहरों के टकराने से बनी उर्ध्वाकार ढलान है। हाईड्रोलिक कार्रवाई, घर्षण और रासायनिक घोल सब चट्टान के आधार के पास उच्च जल स्तर की तलहटी में कटौती करने का काम करते हैं। लगातार नीचे की ओर कटाव और क्षय नीचे की तरफ पीछे हटने से चट्टानों के कारण बनती है।
प्रश्न 6. प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
(a) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
(b) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(c) महात्मा गाँधी
(d) जवाहरलाल नेहरू
उत्तर: (a) : भारतीय संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अम्बेडकर थे, इसी समिति ने संविधान का प्रारूप प्रस्तुत किया। संविधान सभा का गठन 6 दिसम्बर 1946 को हुआ था।
प्रश्न 7. ज्वालामुखी उद्गार से प्राप्त द्रव पदार्थ का भूतल पर नाम है-
(a) सियाल
(b) सीमा
(c) निफा
(d) लावा
उत्तर: (d) : ज्वालामुखी उद्गार के समय भू-गर्भ में स्थित तरल पदार्थ को मैग्मा कहते हैं और जब यही तरल पदार्थ धरातल पर आता है तो उसे लावा की संज्ञा दी जाती है।
प्रश्न 8. सापेक्ष आर्द्रता मापी जाती है-
(a) हाइड्रोमीटर
(b) हाइग्रोमीटर
(c) बैरोमीटर
(d) एनीमोमीटर
उत्तर: (b) : हाइग्रोमीटर (आर्द्रतामापी), मौसम विज्ञान में हवा में नमी या जलवाष्प की मात्रा मापने के लिए उपयोग किया जाने वाला उपकरण है।
प्रश्न 9. सर्वाधिक लवणता वाला सागर है-
(a) कैस्पियन सागर
(b) लाल सागर
(c) मृत सागर
(d) भूमध्य सागर
उत्तर: (c) : मृत सागर की अधिकतम लवणता प्रति हजार 240 है। इसमें नमक की इतनी उच्च मात्रा है क्योंकि यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में स्थित है जो गर्म है और तदनंदर उसमें वाष्पीकरण की दर अधिक है।
प्रश्न 10. 'धन्वंतरि' किस काल के वैद्य थे?
(a) मौर्यकाल
(b) गुप्त काल
(c) महाजनपद काल
(d) राजपूत काल
उत्तर: (b) : धन्वंतरि गुप्तकाल के एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे और चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक थे।
प्रश्न 11. अलाउद्दीन खिलजी ने कितने वर्ष शासन किया?
(a) 10 वर्ष
(b) 15 वर्ष
(c) 20 वर्ष
(d) 5 वर्ष
उत्तर: (c) : अलाउद्दीन खिलजी 1296-1316 अर्थात् 20 वर्षों तक शासन करने वाला भारत में दिल्ली के खिलजी वंश का दूसरा सुल्तान था।
प्रश्न 12. 'मत्त विलास प्रहसन' नामक पुस्तक के लेखक हैं-
(a) महेन्द्र वर्मा
(b) पुलकेशिन द्वितीय
(c) नरसिंह वर्मन
(d) राजराज प्रथम
उत्तर: (a) : मत्त विलास प्रहसन या मन्तविलास प्रहसन एक लघु एकांकी-अभिनय संस्कृत नाटक है। जिसके लेखक महेन्द्र वर्मन प्रथम हैं।
प्रश्न 13. 'जौहर प्रथा' का प्रचलन था-
(a) मौर्य काल
(b) गुप्त काल
(c) महाजनपद काल
(d) राजपूत काल
उत्तर: (d) : 'जौहर प्रथा' का प्रचलन राजपूत काल से था। भारतीय इतिहास में जौहर का सबसे प्रसिद्ध कृत्य 14 वीं शताब्दी की शुरूआत में हुआ, जब राजपूत रानी पद्मिनी के नेतृत्व में चित्तौड़ (बाद में चित्तौड़गढ़) की महिलाओं ने खुद को आग में झोंक दिया।
प्रश्न 14. बजट जिसमें आय-व्यय बराबर होता है-
(a) जीरो आधारित बजट
(b) सन्तुलित बजट
(c) घाटे का बजट
(d) बचत का बजट
उत्तर: (b) : सरकार जमा आय के बराबर राशि खर्च कर सकती है। इसे संतुलित बजट के रूप में जाना जाता है। अगर इससे ज्यादा खर्च करने की जरूरत पड़ती है, तो बजट को संतुलित रखने के लिये, करों के माध्यम से राशि प्राप्त करना पड़ेगा। जब कर से प्राप्त राशि आवश्यक आय से अधिक होती है, तो इसे बजट अधिशेष कहा जाता है।
प्रश्न 15. भारतीय कृषि में निम्न उत्पादकता का कारण है-
(a) पिछड़ी तकनीक
(b) जोत का छोटा आकार
(c) साख का प्रभाव
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) : खेती पर जनसंख्या का बढ़ता बोझ भी निम्न उत्पादकता का महत्वपूर्ण कारण है। तकनीकी कारक सिंचाई सुविधाओं की पर्याप्तता का अभाव, उच्च उत्पादकता वाले बीजों की अनुपलब्धता, किसानों के पास मृदा परख तकनीकी का अभाव और कीटों, रोगाणुओं और चूहों जैसे अन्य कृंतको से बचाव की वैज्ञानिक पद्धति की जानकारी का न होना।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. डेल्टा किसे कहते हैं?
उत्तर: नदी अपने उद्गम से निकलकर बहते हुए, अंत में किसी सागर या झील में गिरती या किसी अन्य जल स्त्रोत में मिलती है तो उसके ढाल में कमी के कारण नदी के अपरदन द्वारा उत्पन्न अवसादों को अपने मुहाने पर इकट्ठा करती है, जिससे एक त्रिभुजाकार आकृति का निर्माण होता है, इसे डेल्टा कहते हैं।
प्रश्न 17. ज्वालामुखी कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: ज्वालामुखी भूपटल पर वह प्राकृतिक छेद या दरार है जिससे होकर पृथ्वी के अन्दर का पिघला पदार्थ, गैस, या भाप, राख इत्यादि बाहर निकलते हैं। पृथ्वी के अन्दर का पिघला पदार्थ, जो ज्वालामुखी से बाहर निकलता है, लावा कहलाता है। ज्वालामुखी के प्रकार-
- सक्रिय या जाग्रत (Active) ज्वालामुखी - सक्रिय ज्वालामुखी वे हैं जिनसे समय-समय पर विस्फोट हो जाया करता है अर्थात जिनसे लावा गैस, वाष्प इत्यादि निकला करता है।
- सुषुप्त या निदित (Dormant) ज्वालामुखी - वे जो वर्षों से शांत, स्तब्ध या सोये हुए जान पड़ते हैं पर उनके सक्रिय या जाग्रत होने की संभावना रहती है, ऐसे ज्वालामुखी बड़े खतरनाक साबित होते हैं।
- मृत (Extinct) ज्वालामुखी - ये वे हैं जो युगों से शांत हैं और जिनका विस्फोट एकदम बंद हो गया है। बर्मा का पोपा, अफ्रीका का किलिमंजारों, दक्षिण अमेरिका का चिम्बराजो, हवाई द्वीप का मीनाको, ईरान का कोह सुल्तान मृत ज्वालामुखी के उदाहरण हैं।
प्रश्न 18. वायुमण्डल किसे कहते हैं?
उत्तर: हमारी पृथ्वी चारों ओर से वायु की घनी चादर से घिरी हुई है, जिसे वायुमण्डल कहते हैं। पृथ्वी पर सभी जीव जीवित रहने के लिए वायुमण्डल पर निर्भर हैं। यह हमें साँस लेने के लिए वायु प्रदान करता है एवं सूर्य की किरणों के हानिकारक प्रभाव से हमारी रक्षा करता है।
प्रश्न 19. सूर्याताप किसे कहते हैं?
उत्तर: लघु तरंगों के रूप में पृथ्वी की ओर आने वाले सौर विकिरण को सूर्याताप कहते हैं। पृथ्वी की सतह पर पहुंचने वाली सूर्याताप की मात्रा सूर्य से विकिरित ताप की मात्रा से बहुत ही कम होती है, क्योंकि पृथ्वी सूर्य से बहुत छोटी है और यह सूर्य से बहुत दूर है।
प्रश्न 20. ज्वार-भाटा किसे कहते हैं?
उत्तर: चन्द्रमा एवं सूर्य की आकर्षण शक्तियों के कारण सागरीय तल के ऊपर उठने तथा गिरने को ज्वार-भाटा कहते हैं। सागरीय जल के उठकर आगे बढ़ने को ज्वार (Tide) तथा सागरीय जल के नीचे गिरकर पीछे लौटने (सागर की ओर) को भाटा (Ebb) कहते हैं।
प्रश्न 21. गुलाम वंश के अन्तिम शासक कौन थे?
उत्तर: गुलाम वंश का अंतिम राजा समसुद्दीन क्यूमर्श था। जिसकी हत्या करके जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने खिलजी वंश की स्थापना की थी। गुलाम वंश का संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक था।
प्रश्न 22. कौटिल्य क्यों प्रसिद्ध थे?
उत्तर: एक प्रकांड विद्वान तथा एक गंभीर चिंतक के रूप में कौटिल्य तो विख्यात हैं ही, एक व्यावहारिक एवं चतुर राजनीतिज्ञ के रूप में भी उन्हें ख्याति मिली है। नंदवंश के विनाश तथा मगध साम्राज्य की स्थापना एवं विस्तार में उनके ऐतिहासिक योगदान हैं। सालाटोर के कथानुसार प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिंतन में कौटिल्य का सर्वोपरि स्थान है।
प्रश्न 23. चोल वंश का संस्थापक कौन है?
उत्तर: चोल वंश का संस्थापक विजयालय (850-870-71) ई. पल्लव अधीनता में उरैपुर प्रदेश का शासक था। विजयालय की वंश परंपरा में लगभग 20 राजा हुए, जिन्होंने कुल मिलाकर चार सौ से अधिक वर्षों तक शासन किया। विजयालय के पश्चात आदित्य प्रथम (871-907), परातंक प्रथम (907-955) ने क्रमशः शासन किया।
प्रश्न 24. कुतुबुद्दीन ऐबक कौन थे?
उत्तर: कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली सल्तनत का संस्थापक और गुलाम वंश का पहला सुल्तान था। यह गौरी साम्राज्य के सुल्तान मुहम्मद गौरी का एक गुलाम था। गुलामों को सैनिक सेवा के लिए खरीदा जाता था। यह पहले गौरी के सैन्य अभियानों का सहायक बना और फिर दिल्ली का सुल्तान। इसने लाहौर को अपनी राजधानी बनाया और कुतुबमीनार की नींव डाली। इसने केवल चार साल (1206-1210) ही राज किया।
प्रश्न 25. आन्तरिक शक्तियाँ किसे कहते हैं ?
उत्तर: जब आन्तरिक विवर्तनिक शक्तियां क्षितिज दिशा में कार्यशील होती हैं तो तरंगें उत्पन्न होती हैं। इन तरंगों के कारण भू-पृष्ठ की चट्टानों में भारी उथल-पुथल होती है। धरातल पर वलन, भ्रंशन व चटकन पैदा हो जाती हैं। घाटी व पर्वत भी बन जाते हैं।
प्रश्न 26. भक्ति आन्दोलन की उत्पत्ति के दो कारण लिखिए।
उत्तर: भारत में भक्ति आन्दोलन के उदय के कारण सूफी संतों की उदार एवं सहिष्णुता की भावना तथा एकेश्वरवाद में उनकी प्रबल निष्ठा ने हिन्दुओं को प्रभावित किया, जिस कारण से हिन्दू, इस्लाम के सिद्धान्तों के निकट सम्पर्क में आये। हिन्दुओं ने सूफियों की तरह एकेश्वरवाद में विश्वास करते हुए ऊंच-नीच एवं जात-पात का विरोध किया।
प्रश्न 27. हरित क्रान्ति का अर्थ बताइए।
उत्तर: हरित क्रान्ति (Green revolution) विकासशील देशों में उन्नत किस्मों और उर्वरकों और अन्य रासायनिक खाद्यानों के विस्तारित उपयोग के माध्यम से चावल और गेहूँ की पैदावार में वृद्धि के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।
प्रश्न 28. अपरदन किसे कहते हैं?
उत्तर: अपरदन (Erosion) वह प्राकृतिक घटना है, जिसमें चट्टानों का विखंडन और परिणामस्वरूप निकले ढीले पदार्थों का जल, पवन, इत्यादि प्रक्रमों द्वारा स्थानांतरण होता है। अपरदन के प्रक्रमों में वायु, जल तथा हिमनद और सागरीय लहरें प्रमुख हैं।
प्रश्न 29. आग्नेय शैल किसे कहते हैं?
उत्तर: आग्नेय शैल वे शैल हैं जिनकी रचना धरातल के नीचे स्थित तप्त एवं तरल चट्टानी पदार्थ, अथवा मैग्मा के सतह के ऊपर आकार लावा प्रवाह के रूप में निकल कर अथवा ऊपर उठने के क्रम में सतह के नीचे या सतह के ऊपर ठंडे होकर ठोस रूप में जम जाने से होती है।
प्रश्न 30. संविधान किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी देश या संस्था द्वारा निर्धारित किए गए वह नियम जिसके माध्यम से संस्था का सुचारू ढंग से संचालन हो सके उसे देश या संस्था का संविधान कहा जाता है। भारत का संविधान, संविधान सभा द्वारा 26 जनवरी 1950 को आंशिक रूप से संपूर्ण देश में लागू कर दिया गया था।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. मेगस्थनीज का भारत वर्णन कीजिए।
उत्तर: मेगस्थनीज यूनान का एक राजदूत था जो चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। मेगस्थनीज ने लिखा है कि सेना के छोटे बड़े सैनिकों को राजकोष से नकद वेतन दिया जाता था। सेना का काम और प्रबंध में राजा स्वंय दिलचस्पी लेता था। रणक्षेत्रों में वे शिविरों में रहते थे और सेवा और सहायता के लिए राज्य से उन्हें नौकर भी दिए जाते थे।
प्रश्न 32. राजपूतकालीन सामाजिक दशा का वर्णन कीजिए।
उत्तर: तत्कालीन समाज के लोग विभिन्न वर्गों में बंटे हुए थे। इस समय समाज में एक ओर विशिष्ट वर्ग, राजपूत वर्ग की प्रधानता थी तो दूसरी ओर साधारण वर्ग की वर्ण प्रथा, जाति प्रथा और दास प्रथा जोरों पर थी। इस काल में अनेक वर्गों की उत्पत्ति हुई। विशिष्ट वर्गों की शक्ति काफी बढ़ गई थी।
प्रश्न 33. चालुक्य वंश का संक्षिप्त इतिहास लिखिए।
उत्तर: चालुक्य वंश एक भारतीय शाही राजवंश था जिसने 6वीं और 12वीं शताब्दी के बीच दक्षिणी और मध्य भारत के बड़े हिस्से पर शासन किया। सौराष्ट्र में चालुक्यों के शासन को अमीरों द्वारा समाप्त कर दिया गया था। दसवीं शताब्दी की तीसरी तिमाही, इस अवधि के दौरान तक उन्होंने व्यक्तिगत राजवंशों के रूप में शासन किया।
प्रश्न 34. पृथ्वी की आन्तरिक संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर: पृथ्वी की आन्तरिक संरचना परतदार है। वायुमण्डल के बाहरी छोर से पृथ्वी के क्रोड तक जो पदार्थ हैं वे समान नहीं हैं। वायुमंडलीय पदार्थ का घनत्व सबसे कम है। पृथ्वी की सतह से इसके भीतरी भाग तक अनेक मंडल हैं और हर एक भाग के पदार्थ की अलग विशेषताएं हैं। पृथ्वी का आंतरिक भाग तीन तरह की परतों से मिलकर बना है, जिन्हें भूपर्पटी, मेंटल और क्रोड कहते हैं।
प्रश्न 35. चन्द्रग्रहण एवं सूर्यग्रहण में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: चन्द्र ग्रहण: जब सूर्य और चन्द्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो सूर्य की पूरी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है, इसे चन्द्रग्रहण कहते हैं।
सूर्यग्रहण: जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है तो उसे सूर्यग्रहण कहते हैं।
प्रश्न 36. भारतीय कृषि की विशेषताएँ एवं महत्व लिखिए।
उत्तर: भारतीय कृषि की विशेषताएँ एवं महत्व :-
- यह देश के आर्थिक जीवन का प्राण है।
- यहां की कृषि मुख्यतः मानसून पर आधारित है।
- कृषि की आंतरिक एवम् अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका है।
- कई कृषिजन्य कच्चे माल उद्योगों को प्राप्त होते हैं, जैसे- कपास-सूती वस्त्रोद्योग को, गन्ना-चीनी उद्योगों को, रेशमकीट रेशम उद्योग को इत्यादि।
प्रश्न 37. महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण किस उद्देश्य से किए थे?
उत्तर: महमूद गजनवी का भारत पर आक्रमण करने का उद्देश्य भारत की धन संपदा को प्राप्त करना था। उसकी साम्राज्य विस्तार की महत्वाकांक्षी भी थी और वह इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार भी करना चाहता था। वह उस समय भारत की सुख समृद्धि से प्रभावित था और भारत में इस्लामी शासन लाना चाहता था। उसकी कुदृष्टि भारत की धन संपदा पर भी थी, इसलिए कम से कम 17 बार भारत पर आक्रमण का इतिहास में विवरण में मिलता है। वह सोमनाथ मंदिर की अकूत धन-संपदा से इतना प्रभावित था कि उसने सोमनाथ मंदिर को कई बार लूटा।
प्रश्न 38. भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजए।
उत्तर: भारत का संविधान 26 जनरवरी 1950 को लागू हुआ था। यह दुनिया का सबसे विस्तृत एवं लिखित संविधान है। जिसमें 395 अनुच्छेद 22 भाग और 12 अनुसूचियां हैं। भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ -
- सबसे लम्बा लिखित संविधान
- विभिन्न स्रोतों से लिया गया संविधान
- कठोरता एवं लचीलेपन का मिश्रण
- मौलिक अधिकार
- कानून का शासन
- सरकार का संसदीय स्वरूप
- संघात्मकता और एकात्मकता का मिश्रण
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धान्त
- मौलिक कर्तव्य
- भारतीय धर्मनिरपेक्षता
- एकल नागरिकता
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
- स्वतंत्र निकाय
- आपातकालीन प्रावधान
- त्रिस्तरीय सरकार
- सहाकरी समितियाँ
- एकीकृत और स्वतंत्र न्यायापलिका
- संसदीय संप्रभुता और न्यायिक सर्वोच्चता
सबसे लम्बा लिखित संविधान: भारत के संविधान को दुनिया का अब तक का सबसे लम्बा और विस्तृत संवैधानिक दस्तावेज होने का गौरव प्राप्त है। यह बहुत ही व्यापक और विस्तृत दस्तावेज है। इसका कारण 1935 के भारत सरकार अधिनियम का प्रभाव है।
मौलिक अधिकार: भारतीय संविधान का भाग 3 सभी नागरिकों को छह मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है। मौलिक अधिकार भारत में राजनीतिक लोकतंत्र के विचार को बढ़ावा देने के लिए है। मौलिक अधिकार, प्रकृति में न्यायसंगत हैं, अर्थात् उनकों कोई छीन नहीं सकता है।
मौलिक कर्तव्य: मूल संविधान में नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान नहीं था। स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 1976 के 42 वें संशोधन अधिनियम द्वारा मौलिक कर्तव्यों को हमारे संविधान में जोड़ा गया था। संविधान में कुल 11 मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है।
एकल नागरिकता: भारतीय संविधान में केवल एक ही नागरिकता का प्रावधान है। एकल नागरिकता ने निस्संदेह भारत के लोगों में एकता की भावना पैदा की है।
आपातकालीन प्रावधान: आपातकाल तीन प्रकार का होता है- 1. युद्ध बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण आपातकाल (अनुच्छेद 352)। 2. राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता से उत्पन्न आपातकाल (अनुच्छेद 356 व 365)। 3. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360)।
प्रश्न 39. चोल प्रशासन की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: चोल प्रशासन की प्रमुख विशेषताएँ-
- सम्राट अथवा राजा: राज्य के सम्राट राज्य के सर्वोच्च पदाधिकारी होते थे। शासन की सर्वोच्च शक्तियाँ उसी में निहित रहती थी समस्त शासन का भार उसी पर होता था। इस प्रकार उसके अधिकार और शक्तियाँ अपरिमित थे। इस पर भी वह तत्कालीन परम्पराओं तथा रीति-रिवाजों के प्रति निष्ठावान होकर शासन का संचालन और अधिकारियों से परामर्श भी लेता था।
- राज्य पदाधिकारी: प्रशासन संचालन में सहायता देने के लिए अनेक राज्य पदाधिकारी होते थे जो कि राजा को प्रशासकीय परामर्श देते थे। राजकीय अज्ञान को उस समय तक प्रसारित नहीं किया जाता था जब तक उन पर ओले नायक (मुख्य सचिव) और पेरून्दरम मंत्री के हस्ताक्षर ना हो जायें। सभी राजकीय आदेश लिपिबद्ध किए जाते थे। जिरुवाक्य केल्वी नामक पदाधिकारी सम्राट का निजी सचिव होता था।
- स्थानीय शासन व्यवस्था: संपूर्ण चोल शासन व्यवस्था में स्थानीय शासन का प्रमुख स्थान रहा है। गाँव दो प्रकार के होते थे- साधारण गाँव को उर कहते थे। दूसरे प्रकार के गाँव को 'चतुर्वेदिनंगल' कहते थे। साधारण गाँव में जो सावई होती थी उन्हें उटार कहा जाता था। ग्राम सभा के अधिवेशन मंदिरों में हुआ करते थे। सभी कार्यों और हाईवे की जाँच समय-समय पर राज्य के एक कर्मचारी द्वारा होती थी जिसे 'अधिकारी' कहा जाता था।
- लोगों के हित में कार्य: चोल राजा प्रजा हितैषी थे। यह लोक कल्याण के कार्यों पर राज्य की आय का अधिकांश भाग खर्च करते थे। कृषि और सिंचाई की व्यवस्था पर राज्य विशेष रूप से ध्यान देता था।
- राजस्व व्यवस्था: भूमि राज्य की आय का प्रमुख साधन था। यह भूमि की उपज का छठा भाग होता था। भूमि कार्य का निर्धारण करने के लिए समय-समय पर भूमि का सर्वेक्षण किया जाता था। अकाल पड़ने पर लगान में छूट प्रदान की जाती थी।
प्रश्न 40. अशोक का जीवन-परिचय देते हुए उसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: सम्राट अशोक विश्व प्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भारतीय मौर्य राजवंश के महान सम्राट थे। अशोक बौद्ध धर्म के सबसे प्रतापी राजा थे। सम्राट अशोक का पूरा नाम देवानाप्रिय अशोक (राजा प्रियदर्शी देवताओं का प्रिय) था। उनका राजकाल ईसा पूर्व 269 से 232 प्राचीन भारत में था। सम्राट अशोक की उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं -
- सिंहासन पर आरूढ़ होना: 272 ईसा पूर्व अपने पिता बिंदुसार के मृत्यु के बाद सत्ता संघर्ष के बाद अशोक मौर्य साम्राज्य का सम्राट बना।
- शिलालेख: अशोक अपने शिलालेखों के लिए जाना जाता है। जो उसके पूरे साम्राज्य में स्तंभों और चट्टानों पर खुदे हुए थे। इन आदेशों ने अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक कल्याण के उपायों को बढ़ावा दिया।
- समाज कल्याण की नीतियाँ: अशोक ने सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियों को लागू किया, जिसमें अस्पतालों, पशु चिकित्सालयों और जानवरों के लिए अभयारण्यों की स्थापना शामिल है।
- बौद्ध धर्म का प्रचार: अशोक ने भारत और उसके बाहर बौद्ध धर्म के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होने धर्म को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मिशनरियों को भेजा और कई बौद्ध मठों और स्तूपों का निर्माण किया।
- मृत्यु और विरासत: अशोक की मृत्यु 232 ईसा पूर्व में हुई थी और उसकी विरासत आज भी कायम है। उन्हें भारतीय इतिहास मे सबसे महान शासकों में से एक और शांति अहिंसा के चैंपियन के रूप में याद किया जाता है।