वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. देवनागरी लिपि की विशेषता से सम्बन्धित नहीं है-
(a) जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है
(b) एक वर्ण में दूसरे का भ्रम नहीं होता है
(c) शिरोरेखा का प्रयोग अनावश्यक, केवल अलंकरण के लिए
(d) एक वर्ण संकेत से अनिवार्यतः एक ही ध्वनि व्यक्त होती है
उत्तर: (c) : शिरोरेखा का प्रयोग अनावश्यक, केवल अलंकरण के लिए, यह देवनागरी लिपि की विशेषता से सम्बन्धित नहीं है-
प्रश्न 2. भाषा की सबसे छोटी इकाई है-
(a) व्यंजन
(b) शब्द
(c) स्वर
(d) वर्ण
उत्तर: (d) : भाषा की सबसे छोटी इकाई को अक्षर या वर्ण कहते हैं।
प्रश्न 3. वर्णमाला का आशय है-
(a) शब्द के समूह से
(b) वर्णों के संकलन से
(c) वर्णों के व्यवस्थित समूह से
(d) शब्द रचना से
उत्तर: (c) : वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं। सभी वर्णों या अक्षरों को मिलाकर वर्णमाला बनती है।
प्रश्न 4. हिन्दी भाषा में मूलतः वर्णों की संख्या मानी जाती है-
(a) 55
(b) 52
(c) 50
(d) 48
उत्तर: (b) : हिन्दी भाषा में मूलतः वर्णों की संख्या 52 होती है, जिनमें 11 स्वर तथा 33 व्यंजन तथा 2 अनुस्वार, 4 संयुक्त व्यंजन तथा 2 द्वित्व व्यंजन होते हैं।
प्रश्न 5. आयोगवाह है-
(a) विसर्ग
(b) अल्पप्राण
(c) महाप्राण
(d) संयुक्त व्यंजन
उत्तर: (d) : ऐसे वर्ण जिनमें स्वर एवं व्यंजन दोनों के गुण पाए जाते हैं, उन्हें आयोगवाह कहते हैं। हिंदी वर्णमाला में अनुस्वार (अं) एवं विसर्ग (ः) अयोगवाह वर्ण होते हैं।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. हिन्दी भाषा के व्यंजन वर्णों के उच्चारण स्थानों के नाम लिखिए।
उत्तर: हिन्दी भाषा में व्यंजन वर्णों के उच्चारण स्थान मूल रूप से 5 होते हैं।
- कण्ठ
- तालु
- मूर्द्धा
- दन्त
- ओष्ठ
प्रश्न 7. संयुक्त्ताक्षर व्यंजनों को लिखिए।
उत्तर: संयुक्त व्यंजन दो या दो से अधिक व्यंजनों के मेल से बने होते हैं। यह चार प्रकार के होते हैं-
क्ष, त्र, ज्ञ, श्र
प्रश्न 8. 'क्ष' वर्ण किसके योग से बना है?
उत्तर: क्ष वर्ण एक संयुक्त व्यंजन है। जो दो या दो से अधिक वर्णों के संयोग में बनता है。
क्ष = क् + ष
प्रश्न 9. समानार्थी शब्द का आशय लिखिए।
उत्तर: समानार्थी शब्द वह शब्द है जिसका अर्थ दूसरे शब्द के समान होता हैं। उदाहरण के लिए, सुंदर और आकर्षक एक-दूसरे के समानार्थी है。
समानार्थी शब्द के उदाहरण-
अनमोल-मूल्यवान, बेशकीमती
एहसान-कृपा, अनुग्रह, उपकार
प्रश्न 10. व्यंजन का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: व्यंजन ऐसी ध्वनियाँ हैं, जिनके उच्चारण के लिये स्वर के सहयोग की जरूरत होती है और उच्चारण करते समय हमारे मुख के भीतर किसी न किसी अंग विशेष द्वारा वायु का अवरोध होता है। उन्हें व्यंजन कहते हैं।
प्रश्न 11. हिन्दी भाषा के कौशलों के नाम लिखिए।
उत्तर: हिन्दी भाषा के चार कौशल होते हैं। ये चारो कौशल एक-दूसरे से अंतः संबंधित होते हैं तथा मानव में भाषाई विकास को विस्तार देते हैं। भाषा कौशल के अन्तर्गत सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना शामिल है。
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. विराम चिन्ह कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: विराम का अर्थ "रुकना" है। लेखक के भाव बोध को सुबोध और सरल बनाने के लिए विराम चिह्नों का प्रयोग किया जाता है। हिन्दी व्याकरण में 13 प्रकार के विराम चिह्न होते हैं-
- पूर्ण विराम (।)
- अर्द्ध विराम (;)
- अल्प विराम (,)
- उप विराम (:)
- प्रश्नवाचक चिह्न (?)
- योजक चिह्न (-)
- कोष्ठक चिह्न ()
- अवतरण या उदाहरण चिह्न (".... ")
- विस्मयादिबोधक चिह्न (!)
- लाघव चिह्न/संक्षेपसूचक (०)
- निर्देशक चिह्न (-)
- विवरण चिह्न (:-)
- विस्मरण चिह्न या त्रुटिपूरक चिह्न/हंसपद (^)
प्रश्न 13. अशुद्ध उच्चारण के किन्हीं चार कारकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: अशुद्ध उच्चारण के निम्नलिखित चार कारक हैं-
- क्षेत्रीय प्रभाव - अशुद्ध उच्चारण के कारण में क्षेत्रीय प्रभाव भी शामिल है। पंजाब में क, ख, ग के बदले का, खा, गा, का उच्चारण किया जाता है।
- अशुद्ध उच्चारण वाले व्यक्तियों के साथ सम्पर्क- अशुद्ध उच्चारण वाले व्यक्ति के सम्पर्क में आकर शुद्ध उच्चारण करने वाले व्यक्ति भी अनुकरण द्वारा अशुद्ध उच्चारण सीख जाता है।
- अक्षरों और मात्राओं का अस्पष्ट ज्ञान- जब बालकों को अक्षरों का शुद्ध ज्ञान नहीं कराया जाता है, तो उच्चारण में वे अशुद्धियाँ करते ही हैं।
- मानसिक असन्तुलन- संकोच और भय के साथ बोलने से उच्चारण गलत हो जाता है।
प्रश्न 14. छात्रों के अशुद्ध उच्चारण सुधार हेतु ध्यान देने वाले बिन्दुओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: छात्रों के अशुद्ध उच्चारण सुधार हेतु ध्यान देने वाले बिन्दु निम्नलिखित हैं-
- शुद्ध बोलने के लिए उपकरणों का प्रयोग
- ध्वनि तत्त्व का ज्ञान देना
- शब्दोच्चारण की शिक्षा अलग से नहीं देनी चाहिये।
- अक्षरोच्चारण के नियमों की यथा-समय जानकारी देना।
प्रश्न 15. उच्चारण शिक्षण की विधियों का संक्षिप्त उल्लेख कीजिए।
उत्तर: उच्चारण शिक्षण भावों एवं विचारों की अभिव्यक्ति व आदान प्रदान के लिए हम भाषा के दो रुपों का प्रयोग करते हैं- मौखिक और लिखित। उच्चारण बाल्यवस्था से ही बनता बिगड़ता है। अतः प्रारम्भिक कक्षाओं में उच्चारण की शुद्धता पर ध्यान देना आवश्यक है। बिना उच्चारण के ज्ञान के भाषा का ज्ञान असंभव है। अतः भाषा के ज्ञान के लिए शुद्ध उच्चारण आवश्यक है。
प्रश्न 16. छात्रों में अपेक्षित लेखन कौशलों का विकास किस प्रकार किया जा सकता है? लिखिए।
उत्तर: छात्रों में अपेक्षित लेखन कौशलों का विकास निम्न प्रकार से किया जाता है। लेखन कौशलों के विकास का प्राथमिक चरण मूलतः दो अवस्थाओं से गुजरता है-
- लेखन के यांत्रिक पक्ष में योग्यता एवं कौशल का विकास, यथा आकार, बनावट और रूप, हस्तलेख/लिखवाट, वर्तनी, विराम चिह्न विधान।
- स्थिति की आवश्यकता के अनुसार व्याकरण-सम्मत भाषा में, स्पष्ट, सुसंगत और तर्कयुक्त ढंग से लिखकर संप्रेषित करने के कौशलों का विकास।
प्रश्न 17. लेखन शिक्षण की विधियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: लेखन शिक्षण की निम्नलिखित विधियाँ हैं।
- अनुकरण विधि- इस विधि के माध्यम से सामान्यतः विद्यालय में लिखना सिखाया जाता है।
- मॉण्टेसरी विधि- लिखना सिखाने की विधि मॉण्टेसरी की एक मौलिक देन है। लिखना सिखाने की यह पद्धति वास्तव में प्रशंसनीय विधि है।
- विश्लेषण विधि - विश्लेषण विधि में लेखन शिक्षण शब्द, वाक्य एवं वाक्य शब्द इन दो क्रमों में चल सकता है। दोनों क्रमों को रोचक बनाने के लिए चित्रों की सहायता भी ली जा सकती है।
प्रश्न 18. अर्द्ध विराम तथा पूर्ण विराम का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनके एक-एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर: अर्द्ध विराम (;)- जब किसी वाक्य को कहते हुए बीच में हल्का सा विराम लेना हो पर वाक्य को खत्म न किया जाये तो वहाँ पर अर्धविराम चिन्ह का प्रयोग करते हैं。
उदाहरण-
- मैं स्कूल से आया; भोजन किया और खेलने निकल पड़ा।
- बच्चों ने खेलना शुरू किया; वयस्कों ने बातें करना शुरू कर दिया।
पूर्ण विराम (।)- पूर्ण विराम का प्रयोग किसी वाक्य को समाप्त करने के लिए किया जाता है। यह वाक्य का पूर्ण विराम दर्शाता है。
उदाहरण-
- मैं हिन्दी भाषा सीख रहा हूँ।
- भारत एक महान देश है।