वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. 'ष' वर्ण का उच्चारण स्थान है-
(a) स्पर्श
(b) कंठ
(c) ओष्ठ
(d) मूर्धा
उत्तर: (d) मूर्धा
ष का उच्चारण स्थान मूर्धा है। ट-वर्ग, ऋ, र और ष को पारम्परिक उच्चारण-वर्गीकरण में मूर्धन्य माना जाता है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से स्वर नहीं है-
(a) इ
(b) ओ
(c) उ
(d) क
उत्तर: (d) क
इ, ओ और उ स्वर हैं, जबकि क व्यंजन है। हिन्दी में परम्परागत रूप से 11 स्वर माने जाते हैं- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
प्रश्न 3. संयुक्त व्यंजन है-
(a) ख
(b) क्ष
(c) प
(d) फ
उत्तर: (b) क्ष
क्ष संयुक्त व्यंजन है। विद्यालयी वर्गीकरण में प्रमुख संयुक्त व्यंजन हैं-
क् + ष = क्ष
त् + र = त्र
ज् + ञ = ज्ञ
श् + र = श्र
प्रश्न 4. वर्ण कितने प्रकार के होते हैं-
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5
उत्तर: (a) 2
वर्ण मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं- स्वर और व्यंजन।
प्रश्न 5. 'ज्ञ' वर्ण किन दो वर्णों के मेल से बना है-
(a) ग् + य
(b) ग् + ञ
(c) ज् + ञ
(d) ज् + य
उत्तर: (c) ज् + ञ
ज्ञ संयुक्त व्यंजन है, जो ज् + ञ के संयोग से बनता है।
प्रश्न 6. निम्नलिखित में 'अयोगवाह' है-
(a) अ, आ
(b) इ, ई
(c) अं, अः
(d) ए, ऐ
उत्तर: (c) अं, अः
पारम्परिक हिन्दी व्याकरण में अनुस्वार (ं) और विसर्ग (ः) को अयोगवाह कहा जाता है।
प्रश्न 7. 'आर्य' का विलोम है-
(a) अंत
(b) अनार्य
(c) अति
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) अनार्य
आर्य का विलोम शब्द अनार्य है।
प्रश्न 8. 'इड़ा' पर्यायवाची है-
(a) सरस्वती
(b) गणेश
(c) रात्रि
(d) प्रातः
उत्तर: (a) सरस्वती
प्रश्न-पत्र के सन्दर्भ में इड़ा का सम्बन्ध वाणी/सरस्वती से माना गया है। अतः सही विकल्प सरस्वती है।
प्रश्न 9. वे संख्याएँ जो 2 से पूर्ण रूप से विभाजित नहीं होती हैं, उन्हें कहते हैं-
(a) भाज्य संख्या
(b) पूर्णांक संख्या
(c) विषम संख्या
(d) अपरिमेय संख्या
उत्तर: (c) विषम संख्या
जो पूर्ण संख्याएँ 2 से पूर्णतः विभाजित नहीं होतीं, वे विषम संख्याएँ कहलाती हैं। जैसे- 1, 3, 5, 7, 9 आदि।
प्रश्न 10. निम्नलिखित में परिमेय संख्या है-
(a) 5/4
(b) 2 1/2
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) (a) और (b) दोनों
5/4 परिमेय संख्या है तथा 2 1/2 = 5/2 भी परिमेय संख्या है। इसलिए दोनों विकल्प सही हैं।
प्रश्न 11. निम्नलिखित में आरोही क्रम है-
(a) 3, 6, 9, 12
(b) 2, 3, 4, 1
(c) 11, 9, 7, 5
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) 3, 6, 9, 12
छोटी संख्या से बड़ी संख्या की ओर व्यवस्थित क्रम को आरोही क्रम कहते हैं। अतः 3 < 6 < 9 < 12 आरोही क्रम है।
प्रश्न 12. गुण्य को जिस राशि से गुणा किया जाता है, उस राशि को कहते हैं-
(a) गुणक
(b) गुणनफल
(c) गुणा
(d) शेषफल
उत्तर: (a) गुणक
जिस संख्या से गुण्य को गुणा किया जाता है, उसे गुणक कहते हैं।
प्रश्न 13. 9687 में 9 का स्थान है-
(a) हजार
(b) सैकड़ा
(c) दहाई
(d) इकाई
उत्तर: (a) हजार
9687 में 9 हजार के स्थान पर है और उसका स्थानीय मान 9000 है।
प्रश्न 14. 'मोर' शब्द का समानार्थी है-
(a) चित्रांग
(b) माधुरी
(c) शिखी
(d) विविधा
उत्तर: (c) शिखी
शिखी मोर का पर्यायवाची है। मोर के अन्य पर्यायवाची शब्द मयूर, केकी, कलापी और नीलकण्ठ आदि हैं।
प्रश्न 15. गणित की मूल संक्रियाएँ हैं-
(a) 8
(b) 4
(c) 14
(d) 3
उत्तर: (b) 4
गणित की चार मूल अंकगणितीय संक्रियाएँ हैं- जोड़, घटाना, गुणा और भाग।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. विस्तारित रूप में लिखी संख्या ज्ञात कीजिए- 5000 + 800 + 60 + 9
उत्तर: 5000 + 800 + 60 + 9 = 5869।
प्रश्न 17. हिन्दी भाषा सीखने के प्रमुख अंग लिखिए।
उत्तर: हिन्दी भाषा सीखने के चार प्रमुख कौशल हैं- सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना। इन्हें क्रमशः श्रवण, मौखिक अभिव्यक्ति, पठन और लेखन कौशल भी कहा जाता है।
प्रश्न 18. अविकारी शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक या काल के कारण परिवर्तन नहीं होता, वे अविकारी या अव्यय शब्द कहलाते हैं। जैसे- यहाँ, वहाँ, आज।
प्रश्न 19. दीर्घ स्वर किसे कहते हैं?
उत्तर: जिन स्वरों के उच्चारण में ह्रस्व स्वर की अपेक्षा लगभग दुगुना समय लगता है, उन्हें दीर्घ स्वर कहते हैं। जैसे- आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ।
प्रश्न 20. अनुनासिक स्वर को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: जिन स्वरों के उच्चारण में वायु मुख के साथ नासिका से भी निकलती है, वे अनुनासिक स्वर कहलाते हैं। जैसे- माँ, आँख, ऊँट।
प्रश्न 21. सम संख्या तथा विषम संख्या में अन्तर लिखिए।
उत्तर: जो पूर्ण संख्या 2 से पूर्णतः विभाजित हो, वह सम संख्या है; जो 2 से पूर्णतः विभाजित न हो, वह विषम संख्या है। जैसे- 4 सम और 5 विषम है।
प्रश्न 22. 'श्रुतलेख' तथा 'सुलेख' में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: श्रुतलेख में सुनकर लिखा जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य शुद्ध वर्तनी एवं श्रवण-लेखन कौशल का विकास है; जबकि सुलेख में साफ, सुन्दर एवं सुडौल लिखावट का अभ्यास कराया जाता है।
प्रश्न 23. 64 अमरूद चार बच्चों में बाँटे गए हैं, प्रत्येक बच्चे को कितने अमरूद मिलेंगे?
उत्तर: 64 ÷ 4 = 16। अतः प्रत्येक बच्चे को 16 अमरूद मिलेंगे।
प्रश्न 24. अवरोही क्रम को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।
उत्तर: संख्याओं को बड़ी से छोटी संख्या की ओर व्यवस्थित करने को अवरोही क्रम कहते हैं। जैसे- 9, 8, 7, 6, 5, 4, 3, 2, 1।
प्रश्न 25. 'विस्मयादिबोधक' चिह्न का प्रयोग कब किया जाता है?
उत्तर: आश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणा, भय आदि तीव्र भावों को व्यक्त करने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग किया जाता है। जैसे- वाह! बहुत अच्छा।
प्रश्न 26. 'अंधकार' के तीन समानार्थी शब्द लिखिए।
उत्तर: अंधकार के तीन समानार्थी शब्द हैं- तम, तिमिर और तमस।
प्रश्न 27. सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?
उत्तर: सर्वनाम के छह प्रमुख भेद हैं- पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, सम्बन्धवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक सर्वनाम।
प्रश्न 28. संख्या 6534 को 7 से भाग देने पर भागफल एवं शेषफल ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 6534 ÷ 7 = 933 शेष 3। अतः भागफल 933 और शेषफल 3 है।
प्रश्न 29. संख्या 65342 एवं संख्या 28443 का योग ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 65342 + 28443 = 93785।
प्रश्न 30. प्राकृतिक संख्या किसे कहते हैं?
उत्तर: गिनती में प्रयुक्त धनात्मक पूर्ण संख्याएँ 1, 2, 3, 4, 5... प्राकृतिक संख्याएँ कहलाती हैं। इनके समुच्चय को सामान्यतः N से दर्शाया जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. 4529 में सभी अंकों का स्थानीय मान लिखिए।
उत्तर:
9 × 1 = 9
2 × 10 = 20
5 × 100 = 500
4 × 1000 = 4000
अतः 4529 में 4 का स्थानीय मान 4000, 5 का 500, 2 का 20 तथा 9 का 9 है।
प्रश्न 32. भाषा शिक्षण में शारीरिक समस्याएँ क्या हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी की दृष्टि, श्रवण, वाक्-अंगों अथवा हाथ-उँगलियों के समन्वय से सम्बन्धित कठिनाइयाँ भाषा सीखने के विभिन्न कौशलों को प्रभावित कर सकती हैं। इन्हें भाषा-शिक्षण की शारीरिक समस्याएँ कहा जा सकता है।
- दृष्टि सम्बन्धी कठिनाई- अक्षर पहचानने और पढ़ने में समस्या हो सकती है।
- श्रवण सम्बन्धी कठिनाई- ध्वनियों को सुनने और उनमें भेद करने में कठिनाई हो सकती है।
- उच्चारण-अवयवों की कठिनाई- जिह्वा, होंठ, दाँत, तालु या कण्ठ से सम्बन्धित समस्या शुद्ध उच्चारण को प्रभावित कर सकती है।
- सूक्ष्म पेशीय समन्वय की कठिनाई- हाथ एवं उँगलियों के नियंत्रण में समस्या होने पर लेखन प्रभावित हो सकता है।
भय और संकोच जैसी समस्याएँ मनोवैज्ञानिक हैं; इन्हें शारीरिक दोषों से अलग समझना चाहिए।
प्रश्न 33. अमित के पास 1292 ₹ थे। उसने 897 ₹ अपने भाई को दे दिए। अमित के पास कुल कितने रुपये बचे?
उत्तर:
अमित के पास कुल राशि = 1292 ₹
दी गई राशि = 897 ₹
शेष राशि = 1292 − 897 = 395 ₹
अतः अमित के पास 395 रुपये बचे।
प्रश्न 34. देवनागरी लिपि की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: देवनागरी लिपि की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- वैज्ञानिक वर्ण-व्यवस्था- व्यंजनों को उच्चारण-स्थान एवं उच्चारण-प्रयत्न के आधार पर व्यवस्थित किया गया है।
- बाएँ से दाएँ लेखन- देवनागरी लिपि बाएँ से दाएँ लिखी जाती है।
- शिरोरेखा- अधिकांश वर्णों के ऊपर शिरोरेखा होती है, जो शब्द के वर्णों को जोड़ती है।
- मात्राओं का प्रयोग- व्यंजनों के साथ विभिन्न स्वरों को व्यक्त करने के लिए मात्रा-चिह्न प्रयुक्त होते हैं।
- संयुक्ताक्षर- दो या अधिक व्यंजनों के संयोग को व्यक्त करने के लिए संयुक्ताक्षरों की व्यवस्था है।
- ध्वनि-अक्षर सम्बन्ध- हिन्दी में देवनागरी का ध्वनि और लिखित रूप के बीच अपेक्षाकृत नियमित सम्बन्ध है।
- व्यापक प्रयोग- इसका प्रयोग हिन्दी, संस्कृत, मराठी और नेपाली सहित अनेक भाषाओं को लिखने में किया जाता है।
प्रश्न 35. आरम्भिक स्तर पर गणित शिक्षण का आरम्भ करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: आरम्भिक स्तर पर गणित शिक्षण में निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-
- सबसे पहले बच्चों के पूर्वज्ञान और संख्या-बोध का पता लगाना चाहिए।
- अमूर्त प्रतीकों से पहले तीलियाँ, कंकड़, खिलौने जैसी मूर्त वस्तुओं और गतिविधियों का उपयोग करना चाहिए।
- गणित को बच्चों के दैनिक जीवन, खेल, खरीद-बिक्री, बाँटना और गिनती जैसी परिस्थितियों से जोड़ना चाहिए।
- सरल से कठिन तथा ठोस अनुभव से चित्र और फिर प्रतीक की ओर बढ़ना चाहिए।
- वर्गीकरण, तुलना, क्रमबद्धता और एक-एक संगति जैसी संख्यापूर्व अवधारणाओं का विकास करना चाहिए।
- बच्चों को उत्तर रटाने के बजाय अपनी विधि से सोचने एवं समस्या हल करने के अवसर देने चाहिए।
- बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की गति और त्रुटियों को समझकर आवश्यक सहायता देनी चाहिए।
प्रश्न 36. 'वाक्य' कितने प्रकार के होते हैं? व्याकरण के आधार पर उनका वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर:
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः रचना और अर्थ के आधार पर किया जाता है।
रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं-
- सरल वाक्य- जिसमें एक मुख्य उद्देश्य और एक मुख्य विधेय हो। जैसे- राम विद्यालय जाता है।
- संयुक्त वाक्य- जिसमें दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य योजक शब्दों द्वारा जुड़े हों। जैसे- राम पढ़ता है और श्याम खेलता है।
- मिश्र वाक्य- जिसमें एक प्रधान उपवाक्य तथा एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों। जैसे- मैंने सुना कि वह आ रहा है।
अर्थ के आधार पर विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, संकेतवाचक तथा विस्मयादिबोधक वाक्य माने जाते हैं।
प्रश्न 37. इकाई, दहाई, सैकड़ा एवं हजार का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- इकाई- दाईं ओर का पहला स्थान इकाई कहलाता है। 1 इकाई का मान 1 होता है।
- दहाई- दाईं ओर का दूसरा स्थान दहाई कहलाता है। 10 इकाई = 1 दहाई।
- सैकड़ा- दाईं ओर का तीसरा स्थान सैकड़ा कहलाता है। 10 दहाई = 1 सैकड़ा = 100 इकाई।
- हजार- दाईं ओर का चौथा स्थान हजार कहलाता है। 10 सैकड़ा = 1 हजार = 1000 इकाई।
उदाहरणतः 5789 में 9 इकाई, 8 दहाई, 7 सैकड़ा और 5 हजार के स्थान पर है।
प्रश्न 38. शिक्षक ने पुस्तकालय से 38 पुस्तकें मँगवाईं और उन्हें कक्षा के 6 बच्चों में बराबर-बराबर बाँट दिया। बताइए प्रत्येक बच्चे को कितनी पुस्तकें मिलीं और शिक्षक के पास कितनी पुस्तकें शेष बचीं?
उत्तर:
कुल पुस्तकें = 38
बच्चों की संख्या = 6
38 ÷ 6 = 6 शेष 2
अतः प्रत्येक बच्चे को 6 पुस्तकें मिलीं और शिक्षक के पास 2 पुस्तकें शेष बचीं।
प्रश्न 39. पठन का अर्थ, प्रकार एवं महत्व बताइए।
उत्तर:
लिखित या मुद्रित भाषा को देखकर उसके शब्दों, वाक्यों, विचारों एवं भावों का अर्थ ग्रहण करने की प्रक्रिया को पठन कहते हैं। पठन केवल शब्दों का उच्चारण नहीं, बल्कि अर्थ-बोध की प्रक्रिया है।
पठन के मुख्य प्रकार-
- सस्वर पठन- लिखित सामग्री को आवाज निकालकर उचित उच्चारण, गति एवं भाव के साथ पढ़ना।
- मौन पठन- बिना आवाज निकाले लिखित सामग्री पढ़कर उसका अर्थ ग्रहण करना।
पठन का महत्व-
- ज्ञानार्जन एवं स्वाध्याय की क्षमता विकसित करता है।
- शब्द-भण्डार और भाषा-बोध बढ़ाता है।
- विचारों एवं भावों को समझने में सहायता करता है।
- अन्य विषयों के अध्ययन का आधार बनता है।
- कल्पना, चिंतन और एकाग्रता का विकास करता है।
प्रश्न 40. बालकों को गिनती सिखाने सम्बन्धी मुख्य बातें बताइए।
उत्तर: बालकों को गिनती सिखाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-
- सबसे पहले बच्चे के पूर्वज्ञान एवं संख्या-बोध का पता लगाना चाहिए।
- कंकड़, खिलौने, तीलियाँ, फल आदि मूर्त वस्तुओं से गिनती का अभ्यास कराना चाहिए।
- वस्तुओं को एक-एक करके छूते हुए गिनवाना चाहिए, ताकि एक-एक संगति की समझ विकसित हो।
- बच्चे को यह समझाना चाहिए कि गिनती में बोला गया अन्तिम संख्या-नाम वस्तुओं की कुल संख्या बताता है।
- संख्याओं के क्रम का नियमित अभ्यास कराना चाहिए।
- मौखिक गिनती के बाद संख्या-चिह्नों को वास्तविक मात्राओं से जोड़ना चाहिए।
- खेल, गीत, कहानी और दैनिक जीवन की गतिविधियों के माध्यम से गिनती को रोचक बनाना चाहिए।
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